रायपुर में ‘पावस प्रसंग’ ने बांधा समां, कथक और शास्त्रीय संगीत से सजी सावन की शाम

रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर ‘पावस प्रसंग’ का आयोजन हुआ। सावन की फुहारों के बीच कथक और शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में कलाकारों को सम्मानित भी किया गया।

Aug 25, 2026 - 10:53
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रायपुर में ‘पावस प्रसंग’ ने बांधा समां, कथक और शास्त्रीय संगीत से सजी सावन की शाम

रायपुर। सावन की फुहारों और घुमड़ते बादलों के बीच रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर ‘पावस प्रसंग’ की खूबसूरत शाम सजी। कथक के घुंघरुओं की झंकार और शास्त्रीय संगीत के सुरों ने माहौल को संगीतमय बना दिया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए बारिश के मौसम की खूबसूरती, उमंग और भावनाओं को मंच पर उतारा।

कार्यक्रम में कथक नृत्य और शास्त्रीय गायन की प्रस्तुतियां हुईं। खुले आसमान के नीचे हुए इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में कला प्रेमी और दर्शक पहुंचे।

कथक में दिखी सावन की उमंग

कथक कलाकार शाश्वती बैनर्जी ने अपनी प्रस्तुति में सावन की उमंग, बादलों की गरज और बारिश की फुहारों को नृत्य के जरिए दिखाया। भाव, लय और ताल के सुंदर मेल ने दर्शकों का ध्यान खींचा।

इसके बाद इशिका गिरी ने कथक की प्रस्तुति दी। उनके नृत्य में बारिश के मौसम की खुशी और खूबसूरती दिखाई दी। प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकार का उत्साह बढ़ाया।

शास्त्रीय गायन ने भी मोहा मन

मेघा बोस ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। उनके सुरों में बारिश के मौसम की कोमल भावनाओं की झलक दिखाई दी। वहीं मेवाती घराने के शास्त्रीय गायक प्रदीप कुमार चौबे ने अपनी गायकी से कार्यक्रम में रंग भर दिया।

कथक की लय, घुंघरुओं की आवाज और शास्त्रीय संगीत के सुरों के बीच सावन की फुहारों ने कार्यक्रम का माहौल और खास बना दिया।

कलाकारों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान साहित्य परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने प्रतिभागी कलाकारों को सम्मानित किया। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय शास्त्रीय कला हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कार्यक्रम के संचालक डॉ. संजय कनौजे ने भी कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कला और कलाकारों को अलग-अलग मंचों पर प्रोत्साहन देने की जरूरत पर जोर दिया।

कला प्रेमियों से भरा रहा मुक्ताकाशी मंच

कार्यक्रम में उप संचालक उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार एवं फोटोग्राफर दीपेंद्र दीवान और उदयभान सिंह समेत बड़ी संख्या में कला प्रेमी, श्रोता और दर्शक मौजूद रहे।

‘पावस प्रसंग’ में प्रकृति और कला का खूबसूरत मेल देखने को मिला। एक तरफ आसमान में घुमड़ते बादल और सावन की फुहारें थीं, तो दूसरी तरफ कथक की लय और शास्त्रीय संगीत के सुर। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बारिश के मौसम को एक खूबसूरत सांस्कृतिक अनुभव में बदल दिया।

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