भोपाल में 7512 प्रतिष्ठानों पर नोटिस, 750 की समयसीमा खत्म फिर भी सीलिंग नहीं; 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में जवाब
भोपाल में आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई अभी तक आगे नहीं बढ़ी है। निगम ने 7512 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए थे, जिनमें 750 की समयसीमा खत्म हो चुकी है। अब 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट को कार्रवाई की जानकारी देनी है।
भोपाल। आवासीय क्षेत्रों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ भोपाल नगर निगम की कार्रवाई फिलहाल अटक गई है। निगम ने 7512 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन अब तक सीलिंग की कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। इनमें से 750 प्रतिष्ठानों को दी गई समयसीमा भी खत्म हो चुकी है।
मामले में नगर निगम की कार्रवाई को लेकर स्थिति साफ नहीं है। 19 अगस्त के बाद नए नोटिस भी जारी नहीं किए गए हैं। वहीं निगम अब 7512 नोटिस की समयसीमा पूरी होने का इंतजार कर रहा है, जो 29 और 30 अगस्त तक खत्म होनी है।
750 प्रतिष्ठानों की समयसीमा खत्म
नगर निगम की ओर से आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए गए थे। कुल 7512 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं।
इनमें से 750 प्रतिष्ठानों को दी गई समयसीमा पूरी हो चुकी है। इसके बावजूद अभी तक सीलिंग की कार्रवाई शुरू नहीं हुई है।
नगर निगम की ओर से कार्रवाई कब शुरू होगी, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। डिप्टी कमिश्नर का कहना है कि सीलिंग कब होगी, यह अभी बताना संभव नहीं है।
15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में देना है जवाब
इस पूरे मामले में नगर निगम पर अब कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट को बताना है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
ऐसे में 29 और 30 अगस्त तक सभी 7512 नोटिस की समयसीमा खत्म होने के बाद निगम क्या कदम उठाता है, इस पर नजर रहेगी।
निगम के रुख पर भी उठ रहे सवाल
मामले में नगर निगम का स्टैंड लगातार बदलता रहा है। नोटिस जारी करने के बाद भी सीलिंग कार्रवाई शुरू नहीं होने से व्यापारियों और निगम के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
अब सवाल यह है कि जिन प्रतिष्ठानों की नोटिस अवधि खत्म हो चुकी है, उनके खिलाफ निगम कब कार्रवाई शुरू करेगा और सुप्रीम कोर्ट में क्या रिपोर्ट पेश की जाएगी।
26 अगस्त को व्यापारी करेंगे विरोध
नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ भोपाल के व्यापारी भी विरोध की तैयारी में हैं। 26 अगस्त को कुशाभाऊ ठाकरे की गांधी प्रतिमा के पास रामधुन के जरिए व्यापारी अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
व्यापारियों के मुताबिक इस विरोध में भोपाल के 5000 से ज्यादा व्यापारी शामिल हो सकते हैं।
चरणबद्ध आंदोलन की तैयारी
भोपाल चेंबर ऑफ कॉमर्स ने भी मामले को लेकर चरणबद्ध आंदोलन करने की बात कही है। व्यापारियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर कार्रवाई से बड़ी संख्या में कारोबारी प्रभावित हो सकते हैं।
अब नगर निगम की कार्रवाई और व्यापारियों के विरोध के बीच 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में पेश होने वाली रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
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