“देशभर में आम हड़ताल: किसान, ट्रेड यूनियन और बिजली कर्मचारी सड़क पर”
किसान संगठनों और 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल और 'भारत बंद' का आह्वान किया है। इस बंद को आम आदमी पार्टी (AAP) समेत कई विपक्षी दलों ने भी अपना समर्थन दिया है। हालांकि बंद का मिला-जुला असर दिखाई दे रहा है।
पंजाब में भारत-अमेरिका की ट्रेड डील के खिलाफ हड़ताल
पंजाब में भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ ट्रेड यूनियन, किसान संगठन और कर्मचारी संगठन आज हड़ताल पर हैं। कई जिलों में इसका मिलाजुला असर देखने मिल रहा है।
कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी हड़ताल पर हैं, लेकिन रेगुलर कर्मचारी सेवाएं मुहैया करवा रहे हैं। सरकारी विभागों में कामकाज जरूर प्रभावित हो रहा है, लेकिन बिल्कुल बंद नहीं है।बैंकिंग सेवाओं पर ज्यादा असर नहीं
हड़ताल के चलते आम लोगों के मन में सवाल है कि क्या आज बैंक बंद रहेंगे? इसका जवाब है- नहीं। बैंक बंद नहीं हैं और सामान्य दिनों की तरह काम करेंगे। लेकिन हड़ताल के कारण कामकाज की स्पीड पर असर पड़ सकता है।
बैंकों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे फंड ट्रांसफर, बिल पेमेंट और अकाउंट मॉनिटरिंग जैसे कामों के लिए नेट बैंकिंग और मोबाइल एप का इस्तेमाल करें। ये सेवाएं पूरी तरह से चालू रहेंगी।27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर हड़ताल पर
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि देशभर के करीब 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर 12 फरवरी को एक दिन की हड़ताल करेंगे। यह हड़ताल निजीकरण, बिजली (संशोधन) विधेयक 2025, प्रस्तावित राष्ट्रीय बिजली नीति 2026 और पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर बुलाई गई है।
उन्होंने कहा कि पहली बार संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियन बिजली कर्मचारियों के समर्थन में हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी औद्योगिक कार्रवाइयों में से एक हो सकती है।
हड़ताल की प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक, नियमित पदों पर सीधी भर्ती और आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल है।
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