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    <title>Bharat Mata Times &amp; : राष्ट्रीय समाचार</title>
    <link>https://bharatmatatimes.com/rss/category/National-news</link>
    <description>Bharat Mata Times &amp; : राष्ट्रीय समाचार</description>
    <dc:language>en</dc:language>
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    <dc:rights>Copyright 2023 Bharat Mata Times &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
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        <title>CBSE 12वीं बोर्ड 2026: सप्लीमेंट्री एग्जाम में नियमों में बड़ा बदलाव, अब सिर्फ एक विषय में सुधार संभव</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/cbse-12th-board-2026-major-changes-in-rules-for-supplementary-exams-now-improvement-possible-in-only-one-subject</link>
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        <description><![CDATA[ <p>CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई (CBSE 12th Board Exam New Rule) 12वीं बोर्ड का एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स के लिए एक बड़ा अपडेट है। सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड के स्टूडेंट्स के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम (supplementary exam) देने के नियम में बड़ा बदलाव किया है। सीबीएसई का ये फैसला देशभर के लाखों स्टूडेंट्स को प्रभावित करेगा।सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए एक और नियम में बदलाव किया है। पूर्व तक 12वीं का रिजल्ट आने के बाद स्टूडेंट्स 1 से अधिक सब्जेक्ट में नंबर सुधार के लिए सप्लीमेंट्री यानी इंप्रूवमेंट एग्जाम में शामिल हो सकते थे, ये सप्लीमेंट्री एग्जाम रिजल्ट आने के दो महीने के अंदर आयोजित होता था। इस नियम में सीबीएसई ने बड़ा बदलाव किया है। अब 12वीं बोर्ड के परीक्षार्थियों एक ही सब्जेक्ट में सप्लीमेंट्री एग्जाम दे सकेंगे। यानी सीबीएसई 12वीं बोर्ड के परीक्षार्थियों को अब सिर्फ एक ही सब्जेक्ट के नंबर सुधारने का मौका मिलेगा।<br>1 से अधिक सब्जेक्ट में नंबर सुधार के लिए देनी होगी मेन परीक्षा<br>सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड के परीक्षार्थियों के लिए नियमों में बदलाव करते हुए जानकारी दी है कि एक से अधिक सब्जेक्ट में नंबर सुधार करने का मौका स्टूडेंट्स को पहले की तरह मिलता रहेगा। सीबीएसई ने कहा है कि 12वीं बोर्ड का एग्जाम देने वाले जिन भी स्टूडेंट्स को एक से अधिक सब्जेक्ट्स में नंबर सुधार करवाने हैं, उन्हें अगले साल आयोजित होने वाली मेन बोर्ड परीक्षा में शामिल होना होगा। यानी एक से अधिक सब्जेक्ट्स में नंबर सुधार करने के लिए स्टूडेंट्स को अगले साल होने वाले मेन एग्जाम में शामिल होना होगा।<br>नियमों में बदलाव का स्टूडेंट्स पर क्या असर<br>सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत रिजल्ट के बाद जारी होने के बाद नंबर सुधार के मौकोंं को सीमित कर दिया है। अब स्टूडेंट्स सिर्फ एक ही विषय पर सप्लीमेंट्री एग्जाम दे सकेंगे। ऐसे में स्टूडेंट्स को अपना साल खराब होने से बचाने के लिए बोर्ड एग्जाम के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।15 जुलाई 2026 को सप्लीमेंट्री एग्जाम<br>सीबीएसई ने 2026 बोर्ड परीक्षाओं के सप्लीमेंट्री एग्जाम का टेंटिव शेड्यूल भी जारी कर दिया है। सीबीएसई ने कहा है कि 12वीं बोर्ड 2026 के स्टूडेंट्स के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। वही सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि मई 2026 में रिजल्ट जारी किया जाएगा। इसके बाद सप्लीमेंट्री एग्जाम के लिए एक सर्कुलर जारी किया जाएगा। इसके बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू होंगी।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 16:54:30 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>असम कांग्रेस में हलचल: भूपेन बोरा का इस्तीफा और अचानक वापसी</title>
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        <description><![CDATA[ <p>असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने सोमवार (16 फरवरी 2026) को पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा सौंपने के कुछ घंटों बाद ही इसे वापस भी ले लिया. कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे अपने इस्तीफे में दावा किया था कि पार्टी नेतृत्व की ओर से नजरअंदाज किया जा रहा है. भूपेन बोरा ने इससे पहले बताया कि उन्होंने सुबह करीब 8 बजे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को अपना इस्तीफा भेजा था. हालांकि, थोड़े बहुत मान मनौव्वल के बाद बोरा ने अपना इस्तीफा वापस भी ले लिया.भूपेन बोरा का पार्टी हाईकमान पर आरोप<br>उन्होंने ने कहा था, ‘मैंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. मैंने अपना इस्तीफा पहले ही केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है. यह फैसला आत्मसम्मान की रक्षा के लिए लिया गया. कांग्रेस के कामकाज के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए भूपेन बोरा ने कहा कि पार्टी आलाकमान संगठन के मामलों पर समय पर और अहम फैसले लेने में नाकाम रहा है. असम में इस साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में भूपेन बोराह के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी. इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, भंवर जितेंद्र सिंह और प्रद्युत बोरदोलोई, रायजोर डोल प्रमुख अखिल गोगोई के साथ भूपेन बोराह के गुवाहाटी स्थित आवास पर उनके बातचीत करने पहुंचे थे.अचानक क्यों बदला फैसला?<br>असम कांग्रेस प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘मैं भूपेन बोरा को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए धन्यवाद देता हूं. सीनियर कांग्रेस लीडर भूपेन बोरा कांग्रेस परिवार के एक अहम सदस्य हैं. उन्होंने अपना इस्तीफा हमारी पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट को भेजा था. कभी-कभी कांग्रेस परिवार में भी मतभेद हो जाते हैं. कांग्रेस प्रेसिडेंट ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है. राहुल गांधी समेत पार्टी लीडरशिप ने उनसे लंबी बातचीत की. हमने बातचीत से इसे सुलझा लिया है. वह पिछले 30 सालों से कांग्रेस में थे.’<br>खास नेताओं का नाम लेने से बचते हुए भूपेन बोरा ने लगातार अंदरूनी मुद्दों और लीडरशिप की कमजोरी की ओर इशारा किया. उनका कहना था कि पार्टी में बने रहना मुश्किल हो गया था. असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि कई मौकों पर चिंता जताने के बावजूद, टॉप लीडरशिप की ओर से कोई मतलब का जवाब नहीं मिला. उन्होंने कहा, ‘यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है. मैंने इसके बारे में ध्यान से सोचा है.’<br>बीजेपी ने भूपेन बोरा को दिया था ऑफर<br>कांग्रेस से इस्तीफा देने के तुरंत बाद भूपेन बोरा को बीजेपी ने ऑफर दिया था. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दरवाजे खुले हैं. उन्होंने ये भी कहा कि अगर बोरा बीजेपी में शामिल होते हैं तो वह उन्हें किसी सुरक्षित सीट से चुनाव जितवाने की कोशिश करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘बोरा ने अभी तक मुझसे या बीजेपी से संपर्क नहीं किया है और फिलहाल हमारा उनसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संपर्क नहीं है.’</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 16:49:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>16 फरवरी: चांदी 2,949 रुपए सस्ती, सोना 1,315 रुपए महंगा</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/february-16-silver-becomes-cheaper-by-rs-2949-gold-becomes-costlier-by-rs-1315</link>
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        <description><![CDATA[ <p>चांदी के दाम में आज 16 फरवरी को लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत 2,949 रुपए गिरकर 2,39,484 रुपए किलो पर आ गई है। इससे पहले शुक्रवार को चांदी की कीमत 2,42,433 रुपए किलो थी।<br>वहीं, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,315 रुपए बढ़कर 1,54,080 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले शुक्रवार को ये 1,52,765 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। हालांकि, पिछले तीन कारोबारी दिनों में चांदी ₹26,965 और सोना 3,242 रुपए सस्ता हुआ है।<br>सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने 1,76,121 रुपए और चांदी ने 3,85,933 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। तब से अब तक सोना 22,041 रुपए और चांदी 1,46,449 सस्ती हो चुकी है।अलग-अलग शहरों में रेट्स अलग क्यों होते हैं?<br>IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज, ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए शहरों के रेट्स इससे अलग होते हैं। इन रेट्स का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।सस्ते दामों पर खरीदारी कर रहे लोग<br>पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई है। इस दौरान सोना करीब 15% तक सस्ता हो गया था। अब कीमतें स्थिर होते ही निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू कर दी है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि अभी सोने-चांदी में एक मुश्त पैसा लगाने से बचना चाहिए। इसकी जगह धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होगा।<br>सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान<br>1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।<br>2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 16:13:35 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
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        <title>महाशिवरात्रि कार्यक्रम में राजनाथ सिंह का बयान, सेना को बताया शिव और रुद्र की शक्ति का प्रतीक</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/rajnath-singhs-statement-at-mahashivratri-event-said-the-army-is-a-symbol-of-the-power-of-shiva-and-rudra</link>
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        <description><![CDATA[ <p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना भगवान शिव से प्रेरणा लेती है। उन्होंने कहा, “जिस प्रकार भगवान शिव रक्षा और विनाश दोनों के प्रतीक हैं, उसी प्रकार हमारी सशस्त्र सेनाएं आज निर्भीकता और धैर्य दोनों का प्रतीक हैं।” रविवार शाम को वे कोयंबटूर में ईशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित महाशिवरात्रि कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, “एक तरफ तो वे संकट के समय शिव की भावना से प्रेरित होकर मानवीय सहायता प्रदान करते हैं, वहीं दूसरी तरफ जरूरत पड़ने पर रुद्र की शक्ति से ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियान चलाते हैं। हमारे सैनिकों में जो भावना है, वह हमारी संस्कृति से, भगवान शिव की प्रेरणा से आती है।”<br>“डर पर आधारित समाज कभी भी दीर्घकाल में वास्तव में सुरक्षित नहीं हो सकता। केवल एक निडर समाज ही एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। यह निडरता शारीरिक शक्ति से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक सार से आती है।” उन्होंने आगे कहा।<br>चंद्रयान और आदित्य-L1 का किया जिक्र<br>रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि चंद्रयान और आदित्य-L1 जैसे भारत के स्पेस मिशन सिर्फ टेक्नोलॉजिकल अचीवमेंट नहीं हैं, बल्कि यह एक पुरानी साइंटिफिक विरासत का मॉडर्न एक्सप्रेशन है। राजनाथ सिंह रविवार को ईशा फाउंडेशन के महाशिवरात्रि कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सद्गुरु जग्गी वासुदेव के साथ कुछ लोगों को सम्मानित भी किया।ऑपरेशन सिंदूर के लिए सैनिकों को सम्मानित किया<br>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सद्गुरु जग्गी वासुदेव के साथ ईशा फाउंडेशन की ओर से सम्मानित लोगों को भव्य भारत भूषण अवॉर्ड मेडल और सर्टिफिकेट दिए। ये अवॉर्ड वेस्टर्न एयर कमांड के एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा और वेस्टर्न नेवल कमांड के एडमिरल राहुल विकास खोकले को ऑपरेशन सिंदूर के लिए दिए गए। दूसरे अवॉर्ड पाने वालों में आर्टिस्ट डॉ. एन. राजन, डांसर अलमेल वल्ली, रॉकेट साइंटिस्ट डॉ. नांबी नारायणन, ISRO के पूर्व चेयरमैन ए.एस. किरण कुमार, एकेडमिशियन विक्रम संपत और बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल शामिल थे।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 15:40:45 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>मुंबई ब्लास्ट केस: अबू सलेम की रिहाई अर्जी खारिज, सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/mumbai-blast-case-abu-salems-release-plea-rejected-supreme-court-takes-tough-stand</link>
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        <description><![CDATA[ <div><span>1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी गैंगस्टर अबू सलेम को देश की शीर्ष अदालत से बड़ा झटका लगा है. 25 साल की कैद पूरी करने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने सलेम की रिहाई याचिका खारिज कर दी है. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने यह फैसला सुनाया. दरअसल, सलेम के वकील ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल ने 25 साल की सजा पूरी कर ली है, तो उसको रिहा कर दिया जाए.</span></div>
<div><span>वकील ने बताया कि सलेम को 11 नवंबर 2005 को हिरासत में लिया गया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया था कि क्या वकील छूट (रिमिशन) को जोड़कर 25 साल की गणना कर रहे हैं. गौरतलब है कि अबू सलेम को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 11 नवंबर 2005 को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था. भारत और पुर्तगाल के बीच प्रत्यर्पण समझौते के तहत सलेम को मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता और न ही उसे 25 साल से ज्यादा की जेल की सजा हो सकती है.पुर्तगाल ने क्यों समझौता कर भारत को सौपा था अबू सलेम</span></div>
<div><span>अबू सलेम को 2002 में पुर्तगाल में फर्जी पासपोर्ट के मामले में गिरफ्तार किया गया था और भारत ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की. जब पुर्तगाल ने अबू सलेम को भारत को सौंपा, तो उसने मांग रखी थी कि भारत अबू सलेम को फांसी की सजा नहीं देगा और न ही 25 साल से ज्यादा की जेल.</span></div>
<div><span>भारत के आश्वासन के बाद पुर्तगाल की अदालत ने फरवरी 2004 में प्रत्यर्पण को मंजूरी दी. 11 नवंबर 2005 को अबू सलेम को पुर्तगाल से भारत लाया गया. यह आश्वासन इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि पुर्तगाल में मौत की सजा नहीं है और कैद की अधिकतम अवधि सीमित होती है, इसलिए पुर्तगाल ने भारत से इसी तरह की शर्तों पर ही प्रत्यर्पण मंजूर दी थी.1993 मुंबई बम धमाके</span></div>
<div><span>1993 के मुंबई बम धमाके भारत के इतिहास की सबसे बड़ी और भयानक सीरियल बम ब्लास्ट घटनाओं में से एक हैं. यह एक सुनियोजित आतंकवादी हमला था जो 12 मार्च 1993 को दोपहर लगभग 1:30 से 3:40 बजे के बीच हुआ. इस दिन मुंबई में 12-13 जगहों पर एक के बाद एक आरडीएक्स से भरे कार बम विस्फोट हुए, जिनमें मुख्य रूप से शहर के व्यस्त और अहम इलाके निशाना बनाए गए थे. जिसमें बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, एयर इंडिया बिल्डिंग आदि शामिल हैं.</span></div>
<div></div> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 15:36:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>राजधानी में नाबालिगों का आतंक, NCRB आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/minors-terrorise-the-capital-ncrb-data-raises-concerns</link>
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        <description><![CDATA[ <div><span>दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए जा रहे अपराध तेजी से एक गंभीर चुनौती के रूप में उभर रहे हैं। खासकर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले 12 से 17 वर्ष के किशोर जघन्य वारदातों में अधिक संख्या में शामिल पाए जा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पुलिस की सख्ती और लगातार कार्रवाई के बावजूद अपराध का ग्राफ कम होने के बजाय बढ़ता दिख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में नाबालिग संगठित गैंगों के प्रभाव में आकर चोरी, लूट, हिंसा और नशे से जुड़े अपराधों में शामिल हो रहे हैं।बचपन से अपराध तक: क्यों भटक रही है नाबालिगों की नई पीढ़ी?</span></div>
<div><span>दिल्ली की निम्न आय वर्ग की बस्तियों में कभी गिल्ली-डंडा, कंचे, लट्टू और क्रिकेट खेलने वाले बच्चों की आवाज गूंजती थी, लेकिन अब कई इलाकों में वही गलियां जघन्य अपराधों की खबरों और पुलिस सायरन से पहचानी जाने लगी हैं। कम उम्र में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति समाज और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चिंता बनती जा रही है।</span></div>
<div><span>जमीनी पड़ताल में सामने आया है कि नाबालिग अपराध की जड़ें केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि परिवार, परिवेश और सामाजिक उपेक्षा से गहराई से जुड़ी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जुवेनाइल अपराध से जुड़े करीब 75% मामले झुग्गी-झोपड़ी और पुनर्वास कॉलोनियों से आते हैं, जबकि लगभग 22% मामले निम्न मध्यम वर्ग और सिर्फ 3% मध्यम वर्गीय परिवारों से जुड़े पाए गए हैं।मुख कारण जो सामने आ</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>1. परिवारिक अस्थिरता और निगरानी की कमी</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>गरीबी, माता-पिता की लंबी कार्य अवधि, घरेलू हिंसा या टूटे परिवारों के कारण बच्चों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा पाता।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>2. शिक्षा से दूरी</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>स्कूल छोड़ने की बढ़ती दर और पढ़ाई में रुचि की कमी बच्चों को गलत संगत की ओर धकेलती है।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>3. गलत संगत और गैंग संस्कृति</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>कई किशोर बड़े अपराधियों या स्थानीय गैंग के प्रभाव में आकर जल्दी पैसा और दबदबा पाने की चाह में अपराध की राह पकड़ लेते हैं।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>4. नशे और डिजिटल प्रभाव</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>नशे की आसान उपलब्धता और हिंसक कंटेंट का प्रभाव भी व्यवहार को प्रभावित कर रहा है।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>5. सामाजिक उपेक्षा</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>खेल, कौशल विकास, काउंसलिंग और सकारात्मक गतिविधियों की कमी से बच्चों की ऊर्जा गलत दिशा में चली जाती है।</span></div>
<div><span>विशेषज्ञों का कहना है कि ये आंकड़े सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि उस सामाजिक ढांचे की कहानी हैं जहां बचपन धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। उनका मानना है कि समाधान केवल पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि शिक्षा, परिवारिक समर्थन, सामुदायिक कार्यक्रम और पुनर्वास आधारित नीति से ही संभव है।लगातार वारदातों से बढ़ी चिंता, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी</span></div>
<div><span>दिल्ली में नाबालिगों द्वारा लगातार अंजाम दी जा रही वारदातों ने सुरक्षा एजेंसियों और समाज दोनों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या का ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले वर्षों में हालात और भयावह हो सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, कम उम्र में अपराध की ओर झुकाव केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक संकट का संकेत है। बार-बार सामने आ रहे मामलों से स्पष्ट है कि कई किशोर एक बार अपराध में शामिल होने के बाद लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे पुनर्वास की चुनौती और कठिन हो जाती है।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>कुछ प्रमुख प्रवृत्तियां जो सामने आईं</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>छोटी उम्र में गंभीर अपराध -लूट, चाकूबाजी, हत्या के प्रयास जैसे मामलों में किशोरों की संलिप्तता।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>गैंग का प्रभाव- स्थानीय गिरोहों में शामिल होकर बार-बार अपराध करना।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>नशे की लत- नशे की जरूरत पूरी करने के लिए अपराध की राह अपनाना।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>कानूनी डर का अभाव- जुवेनाइल कानून के कारण सख्त सजा का डर कम होना।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>मनोवैज्ञानिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए परिवार, स्कूल, समुदाय और सरकार सभी को मिलकर काम करना होगा</span></div>
<div><span>दिल्ली में नाबालिग अपराधियों द्वारा की जा रही हिंसक वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। फरवरी 2026 के पहले हफ्तों में राजधानी में कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता </span></div>
<div><span>नरेला इंडस्ट्रियल एरिया के बवाना जेजे कॉलोनी में 17 वर्षीय नाबालिग को चाकू से गोद कर मार दिया गया। इस मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से चार जुवेनाइल थे।</span></div>
<div><span>रोहिणी के विजय विहार इलाके में दो दोस्तों ने नाबालिग को टोपी लेने के विरोध पर चाकू मार दिया। पीड़ित दो दिन बाद गंभीर हालत में दम तोड़ गया।</span></div>
<div><span>बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में 25 दिन पहले हुए झगड़े के बाद 15 वर्षीय छात्र की हत्या चार नाबालिगों ने सरकारी स्कूल के सामने की।</span></div>
<div><span>तेजी से बढ़ रहा गंभीर जुर्म करने का भी ग्राफ</span></div>
<div><span>दिल्ली पुलिस और एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि नाबालिग अपराधियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2024 की तुलना में 2025 में कई गंभीर अपराधों में किशोरों की भागीदारी अधिक रही। हत्या: 2025 में 17 और नाबालिग शामिल रहे। जानलेवा हमले: 123 किशोरों की भागीदारी दर्ज की गई। डकैती: आठ और नाबालिग पकड़े गए। लूट: 109 अधिक लड़के शामिल। रेप: 2024 की तुलना में SO नाबालिग ज्यादा लिप्त पाए गए। साल 2024 में दिल्ली में सभी तरह के अपराधों में शामिल नाबालिगों की संख्या 3,270 थी, जो 2025 में बढ़कर 3,833 तक पहुंच गई। एनसीआरबी के अनुसार, राजधानी में 2023 में 3,098 नाबालिग अपराधियों को पकड़ा गया था। देशभर में नाबालिग अपराधियों के मामले में दिल्ली की स्थिति गंभीर है, हालांकि महाराष्ट्र (3,970) और मध्य प्रदेश (3,619) में इससे भी अधिक किशोर अपराधियों का आंकड़ा सामने आया है।</span></div> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 14:54:28 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>महाशिवरात्रि पर मंदिर दर्शन के बाद गौमूत्र छिड़कने से विवाद, अब्दुल सत्तार को लेकर गरमाई राजनीति</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/controversy-erupts-over-abdul-sattar-sprinkling-cow-urine-after-visiting-a-temple-on-mahashivratri-political-row-erupts-over-sattar</link>
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        <description><![CDATA[ <p>Maha Shivratri: महाराष्ट्र  की राजनीतिक इन दिनों टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) को लेकर गर्म है। इसी बीच एक और ऐसी खबर निकलकर सामने आई है, जो और भी सियासी बखेड़ा खड़ा सकता है। दरअसल छत्रपति संभाजीनगर में महाशिवरात्रि पर शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के नेता और पूर्व मुस्लिम मंत्री अब्दुल सत्तार (abdul sattar) के मंदिर पहुंचने के बाद गौमूत्र से शुद्धिकरण किया गया। अब्दुल सत्तार के मंदिर दर्शन के बाद कुछ युवकों ने मंदिर को अशुद्ध बताकर गौमूत्र छिड़का। घटना के बाद सियासी हंगामा मच गया है। घटना 15 फरवरी की है।घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। हालांकि किसी बड़े विवाद या झड़प की सूचना नहीं है। पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।वहीं दूसरी तरफ अब्दुल सत्तार के मंदिर में जाने का विरोध कर रहे युवकों का कहना है कि अब्दुल सत्तार नाश्ते में मांसाहारी भोजन करते हैं और बिना उसके घर से बाहर नहीं निकलते। उनका दावा है कि महाशिवरात्रि जैसे पवित्र दिन ऐसे व्यक्ति का प्रवेश स्वीकार्य नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने मंदिर में गौमूत्र छिड़का है।कौन हैं अब्दुल सत्तार?<br>अब्दुल सत्तार का पूरा नाम अब्दुल सत्तार अब्दुल नबी है। वे छत्रपती संभाजीनगर जिले के सिल्लोड विधानसभा क्षेत्र से 3 बार चुने गए विधायक रह चुके हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1965 को सिल्लोड में हुआ था। उन्होंने यशवंतराव चव्हाण कॉलेज से बी.ए. किया है। उन्होंने सिल्लोड में छोटा साइकिल शॉप से काम शुरू किया था। उनके परिवार की बात करें तो पत्नी नफीसा बेगम, 2 बेटे (एक बेटा समीर अब्दुल सत्तार) और 2 बेटियां है।हिंदुत्व’ और शिवसेना की विचारधारा का समर्थन करते है<br>उन्होंने अपना राजनीतिक सफर 1984 में ग्राम पंचायत से शुरु किया, 1994 में सिल्लोड के नगराध्यक्ष (मेयर) बने। वे पहले कांग्रेस में हुआ करते थे। 2019 में कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में शामिल हो गए। उद्धव ठाकरे सरकार (2019-2022) में राज्यमंत्री रहे। इसके बाद वे 2022 में एकनाथ शिंदे के साथ बगावत में शामिल हुए (शिवसेना शिंदे गुट)। 2023-2024 तक शिंदे-फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे, इस दौरान उन्होंने अल्पसंख्यक विकास और औकाफ, मार्केटिंग, कृषि आदि विभाग संभाला। फिलहाल वे शिंदे गुट की शिवसेना पार्टी के नेता हैं। हालांकि वे एक मुस्लिम नेता हैं लेकिन ‘हिंदुत्व’ और शिवसेना की विचारधारा का समर्थन करते हैं।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 14:14:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>दिल्ली सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 72 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/delhi-governments-major-administrative-reshuffle-72-senior-officers-transferred</link>
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        <description><![CDATA[ <p>दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 72 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, इस सूची में एजीएमयूटी कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार द्वारा किए गए इस व्यापक बदलाव के तहत कई अधिकारियों को नए विभागों में तैनात किया गया है, जबकि कुछ को उनके मौजूदा पद के साथ अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। माना जा रहा है कि प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।36 IAS और 36 दानिक्स अफसर हुए इधर-उधर<br>आदेश के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम एवं संघ राज्य क्षेत्र (एजीएमयूटी) कैडर के 36 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं या उनका विभिन्न विभागों में तबादला किया गया है। इस व्यापक फेरबदल में 36 दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह सिविल सेवा (दानिक्स) अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि कुछ को नए विभागों में तैनात किया गया है।<br>संतोष डी. वैद्य बनाए गए प्रधान सचिव (गृह)<br>1998 बैच के आईएएस अधिकारी संतोष डी. वैद्य को प्रधान सचिव (गृह) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वे वित्त, योजना और उद्योग विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव (समाज कल्याण) का दायित्व संभाल रहे 1992 बैच के आईएएस अधिकारी बिपुल पाठक को अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।वहीं, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और 2006 बैच के आईएएस अधिकारी रूपेश कुमार ठाकुर को सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) नियुक्त किया गया है। वे 2002 बैच के आईएएस अधिकारी निखिल कुमार का स्थान लेंगे, जिन्हें आयुक्त (व्यापार एवं कर) बनाया गया है।<br>संजीव आहूजा शिक्षा सचिव नियुक्त<br>हाल ही में दिल्ली सरकार में शामिल हुए 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी संजीव आहूजा को सचिव (शिक्षा) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वे उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। वहीं, 2004 बैच के आईएएस अधिकारी पांडुरंग पोले, जो अब तक शिक्षा सचिव के पद पर तैनात थे, का तबादला सामान्य प्रशासन विभाग में कर दिया गया है। उन्हें श्रम आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 13:52:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>“एपस्टीन फाइल्स विवाद: हरदीप पुरी का दावा, आरोप बेबुनियाद और पेशेवर मुलाकातें थीं</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/epstein-files-controversy-hardeep-puri-claims-allegations-are-baseless-and-were-professional-meetings</link>
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        <description><![CDATA[ <p>केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने आप को मूर्ख साबित कर लिया है। पुरी ने NDTV को दिए इंटरव्यू में एपस्टीन फाइल्स में अपना नाम आने और विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया।<br>हरदीप पुरी ने दावा किया कि जब वे काम से जुड़े मुद्दों पर अमेरिकी फाइनेंसर और बाल यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से मिले थे तो उन्हें असहजता महसूस हुई थी। उन्होंने कहा- मैंने एपस्टीन से मिलने की इच्छा नहीं जताई थी। ये मुलाकातें अरेंज की गई थीं<br>उन्होंने आगे कहा- दो मुलाकातों से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मैं इस मामले में बेदाग हूं। उस समय तो मैं सरकार का हिस्सा भी नहीं था। इसलिए राहुल गांधी का यह कहना कि एपस्टीन फाइल्स की वजह से प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में सरेंडर कर दिया, बिल्कुल गलत है।<br>कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में दावा किया था कि अमेरिका में जारी किए गए एपस्टीन फाइल्स में हरदीप पुरी का नाम है। राहुल के आरोपों पर पुरी ने बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पहली बार माना था कि वह यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से तीन या चार बार मिले थे।<br>पुरी ने कहा- मुलाकात के समय एपस्टीन को नहीं जानता था<br>पुरी से इंटरव्यू में जब पूछा गया कि क्या आपको आपराधिक आचरण की जानकारी थी तो पुरी ने कहा- ‘मैं नहीं जानता था कि वह कौन था। मैं पहली बार एपस्टीन से एक मीटिंग में मिला था। मुझे उसके बैकग्राउंड के बारे में पता नहीं थ<br>पुरी ने कहा- पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं? पुरी ने एपस्टीन के आपराधिक मामलों से अपना कोई संबंध होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया।<br>पुरी बोले- एपस्टीन को मीटिंग का इनविटेशन नहीं था<br>पुरी ने कहा- राजनीति में या सार्वजनिक जीवन में, अगर मैं सरकारी अधिकारी होता, तो मैं किसी को मैसेज भेजकर पूछता, ‘क्या मुझे इस व्यक्ति से मिलना चाहिए?’ लेकिन उस समय मैं IPI के साथ काम कर रहा था।<br>पुरी ने कहा- हम दुनिया को समझने की कोशिश कर रहे थे। हमने एपस्टीन को वहां इनवाइट नहीं किया था। IPI के डेलिगेशन के हिस्से के रूप में एपस्टीन से तीन या चार बार मुलाकात की थी। पुरी ने बताया कि एपस्टीन IPI के सदस्य नहीं थे।<br>एपस्टीन को भेजे ईमेल पर भी केंद्रीय मंत्री ने जवाब दिया<br>पुरी ने 2014 और 2015 में एपस्टीन से ईमेल पर बातचीत की थी। इनमें से एक ईमेल में उन्होंने एपस्टीन से ‘एग्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र किया था। पुरी ने लिखा था- प्लीज मुझे बताएं कि आप अपने एग्जॉटिक आइलैंड से कब वापस आ रहे हैं। मैं आपसे मिलने आना चाहूंगा, साथ ही आपको भारत में रुचि जगाने के लिए कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।<br>दूसरे ईमेल में एपस्टीन को जवाब देते हुए लिखा था- ‘हैव फन’। पुरी से जब इंटरव्यू में इन ईमेल पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा- मैं यह मुहावरा सबके साथ इस्तेमाल करता हूं। मेरी इन बातों का कोई और मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 18:17:55 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>एपस्टीन फाइल्स पर बयान से बवाल: राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई पर सरकार बैकफुट?</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/statement-on-epstein-files-sparks-uproar-government-on-back-foot-on-action-against-rahul-gandhi</link>
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        <description><![CDATA[ <p>पिछले कई दिनों से संसद का बजट सत्र चल रहा है. नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक सत्र के पहले दिन से जारी है. सबसे पहले राहुल गाँधी ने पूर्व सेना प्रमुख की किताब जिसमें चीन का जिक्र है उसे लेकर चर्चा की मांग कर रहे थे. वहीं सरकार इसे देश की आंतरिक सुरक्षा की बात कहते हुए चर्चा करने से बचती नजर आ रही है. अब राहुल ने लोकसभा में बजट पर बोलते हुए एपस्टीन फाइल्स का जिक्र कर दिया. राहुल ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नाम लेकर भी आरोप लगाए थे. जिसके बाद सरकार ने इसे लेकर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का ऐलान किया था. हालाँकि अब जानकारी मिली है कि, सरकार ने अपना ये प्लान ठन्डे बास्ते में दाल दिया है. सरकार के इस फैसले के पीछे गतिरोध के बाद मशक्कत से पटरी पर लौटी लोकसभा में नया गतिरोध शुरू करने से बचने की कवायद भी वजह बताई जा रही है.प्रस्ताव आता तो राहुल की जा सकती थी सदस्यता<br>बात अगर संसद के नियमों की करें तो उसके अनुसार हर सांसद के पास कुछ विशेषाधिकार होते हैं जिसमें भाषण देने का अधिकार,सिविल मामलों में गिरफ्तारी से बचाव जैसे अधिकार हैं. मगर सदन के अंदर कुछ ऐसे मामले भी हैं जैसे कि आपने किसी पर कोई आरोप लगाया तो आपको उसे सत्यापित करना होगा,उसके लिए आपको कुछ सबूत देने होंगे. आपको बताना होगा कि मैंने ये बातें यहां से कोट की हैं और संबंधित दस्तावेज की कॉपी आपको सदन में पेश करना होगा. हम ये बातें इसलिए कर रहे हैं क्योंकि ताजा मामला राहुल गांधी से संबंधित है. जिसमें राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल से संबंधित कुछ जानकारी सदन में अपने भाषण के दौरान कही हैं. अब सत्ता पक्ष का कहना है कि राहुल गांधी इसे सत्यापित करें वरना उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है.बता दें अगर, यदि राहुल गांधी के खिलाफ यदि विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव मंजूर हो जाता और सदन चाहे तो राहुल गांधी को सदन से निष्कासित किया जा सकता था. फिर ऐसे हालात में उनकी सदस्यता भी जा सकती थी. इतिहास गवाह है कि 1978 में इंदिरा गांधी को इमरजेंसी के दौरान अधिकारियों के काम में बाधा डालने पर संसद में तब के गृह मंत्री चरण सिंह के प्रस्ताव पर इंदिरा गांधी को सदन से निष्कासित किया गया था और उन्हें थोड़े दिनों के लिए जेल भी जाना पड़ा था.इसी तरह का एक मामला राज्यसभा में भी हुआ था जब सुब्रमण्यम स्वामी के खिलाफ 1976 में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव आया था. उन्हें सदन से निष्कासित कर दिया गया था और उनकी सदस्यता चली गई थी.अब सबसे बड़ा सवाल है कि इतिहास एक बार फिर एक बार दोहराया,क्या सरकार राहुल गांधी को निष्कासित करने का जोखिम ले सकती हैं.इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड (संशोधन) बिल लोकसभा में पेश<br>इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड (संशोधन) बिल लोकसभा में पेश हो गया है. श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने लोकसभा में यह बिल पेश कर दिया है. मनसुख मंडाविया ने ये बिल पेश करते हुए कहा कि छोटा सा संशोधन लेकर आए हैं. सदन इसे विचार कर पारित करे. विपक्ष की ओर से के सुरेश ने इस बिल पर बोलते हुए कहा कि यह श्रमिकों के हित में नहीं है.पीएम मोदी ने की लोकसभा में वित्त मंत्री के भाषण की तारीफ<br>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक दिन पहले लोकसभा में बजट पर हुई चर्चा का जवाब दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. पीएम मोदी ने अपनी एक्स पोस्ट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण की तारीफ की है. उन्होंने कहा है कि लोकसभा में अपने भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये बताया कि इस वर्ष का बजट हमारे देश के आर्थिक परिवर्तन में किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. वित्त मंत्री ने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर जोर दिया और एमएसएमई को समर्थन, कौशल विकास, नई पीढ़ी के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और शिक्षा सहित कई अन्य क्षेत्रों में सुधार के प्रयासों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला.राहुल गांधी के खिलाफ निशिकांत दुबे ने पेश किया प्रस्ताव<br>उधर, विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि मैंने आज लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक मोशन पेश किया है कि कैसे वे सोरोस जैसी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं. मैंने जो मोशन पेश किया है, उसमें मैंने कहा है कि इस पर चर्चा हो और राहुल गांधी की सदस्यता खत्म कर दी जाए और उन पर ज़िंदगी भर के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी जाए.<br>बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने का कोई प्रपोज़ल नहीं है, लेकिन उन्होंने कन्फर्म किया कि उन्होंने राहुल गांधी को पार्लियामेंट से सस्पेंड करने के लिए एक ज़रूरी मोशन पेश किया है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 15:56:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>भारत की वायु शक्ति में बड़ा इजाफा: 114 राफेल और 6 P&amp;8I डील को मंजूरी</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/major-boost-to-indias-air-power-deal-for-114-rafale-and-6-p-8i-approved</link>
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        <description><![CDATA[ <p>भारत की ताकत में और इजाफा होने जा रहा है. इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में राफेल जेट की संख्या बढ़ने जा रही है. जी हां, जिसका इंतजार था, वह घड़ी आ गई है. रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की एक बड़ी डील को मंजूरी दे दी है. इतना ही नहीं, अमेरिकी टोही एयरक्राफ्ट P-8I डील को भी हरी झंडी मिल गई है. रक्षा मंत्रालय की डीएसी यानी रक्षा खरीद परिषद की बैठक में यह फैसला हुआ. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा से ठीक पहले यह फैसला आया है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे.रक्षा मंत्रालय की डीएसी यानी रक्षा खरीद परिषद ने फाइटर जेट राफेल की खरीद को आज यानी गुरुवार को मंजूरी दी. इतना ही नहीं, भारतीय नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त P-8I विमानों की खरीद को भी मंज़ूरी मिली है. राफेल डील करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की है, जो भारत की अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदे बन जाएगा. डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया, जो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसके बाद इस सौदे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से भी मंजूरी लेनी होगी.एयरफोर्स के लिए बेहद अहम है यह डील<br>यह डील इंडियन एयर फोर्स के बेड़े में फाइटर जेट्स की कमी को दूर करने के लिए बहुत जरूरी थी. अभी भारतीय वायुसेना के पास सिर्फ 29 स्क्वाड्रन हैं, जबकि जरूरत 42 की है. पुराने एयरक्राफ्ट रिटायर हो रहे हैं, इसलिए नए और आधुनिक फाइटर जेट्स की जरूरत थी. राफेल जेट्स फ्रांस की कंपनी दासो एविएशन से लिए जाएंगे. इनमें से 18 जेट्स तैयार हालत में (फ्लाई-अवे कंडीशन) आएंगे, जबकि बाकी 96 भारत में ही बनाए जाएंगे. इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बूस्ट मिलेगा और हजारों नौकरियां पैदा होंगी.अब जानते हैं कि राफेल जेट्स की खासियत क्या है?<br>राफेल मल्टी-रोल फाइटर हैं. यानी हवा से हवा, हवा से जमीन और समुद्री हमलों में इस्तेमाल हो सकते हैं. पाकिस्तान इसकी ताकत देख चुका है. राफेल फाइटर जेट्स पहले ही ऑपरेशन सिंदूर में अपना दमखम दिखा चुके हैं. वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने कहा है कि राफेल जैसे नए जेट्स से एयर फोर्स की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. ये जेट्स लंबी दूरी तक उड़ सकते हैं, तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों से लैस हैं. इससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से खतरे का मुकाबला करना आसान होगा.पी-8आई पॉसिडॉन एयरक्राफ्ट<br>अब बात पी-8आई पॉसिडॉन एयरक्राफ्ट की. ये 6 अतिरिक्त एयरक्राफ्ट इंडियन नेवी के लिए हैं. पी-8आई बोइंग कंपनी का बनाया हुआ है और समुद्री निगरानी के लिए इस्तेमाल होता है. ये दुश्मन की सबमरीन, जहाजों और एयरक्राफ्ट को दूर से ही पकड़ सकता है. भारत के पास पहले से 12 पी-8आई हैं, और ये नए 6 और ताकत बढ़ाएंगे. समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए ये बहुत महत्वपूर्ण हैं, खासकर हिंद महासागर में जहां चीन की गतिविधियां बढ़ रही हैं.यह डील क्यों इतनी बड़ी है?<br>फ्रांस से गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट डील है, इसलिए पारदर्शिता ज्यादा है. पहले 36 राफेल की डील में भी ऐसा ही हुआ था, जो 2016 में साइन हुई. अब 114 की डील से IAF की स्क्वाड्रन संख्या बढ़कर 35-36 के करीब पहुंच जाएगी.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 15:43:47 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
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        <title>दिल्ली में बढ़ते लापता मामलों पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र&amp;राज्य और पुलिस से मांगा जवाब</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/high-court-strict-on-increasing-missing-cases-in-delhi-seeks-response-from-centre-state-and-police</link>
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        <description><![CDATA[ <p>दिल्ली में बढ़ते लापता लोगों के मामलों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) से उनका विस्तृत पक्ष मांगा है। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान यह भी पूछा कि क्या इसी विषय से जुड़ी कोई याचिका सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में लंबित है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों से इस बारे में स्पष्ट जानकारी देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को तय की गई है, जब संबंधित पक्ष अपनी रिपोर्ट और जवाब दाखिल करेंगे।फ्रीडम रिक्लेम्ड नाम के NGO ने दाखिल की याचिका<br>दिल्ली में बढ़ते लापता मामलों को लेकर NGO ‘फ्रीडम रिक्लेम्ड’ ने दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में दावा किया गया है कि राजधानी में लापता लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और स्थिति अब एक अभूतपूर्व संकट का रूप ले चुकी है। याचिका के अनुसार, साल 2026 के पहले महीने के शुरुआती 15 दिनों में ही 800 से अधिक लोग लापता दर्ज किए गए। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक है और इससे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं।<br>याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप<br>दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में राजधानी में बढ़ते लापता मामलों को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि जांच और रोकथाम तंत्र में कथित ढीलापन संगठित अपराध और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है।दिल्ली पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए याचिका में बताया गया है कि साल 2016 से 15 जनवरी 2026 तक कुल 2,32,737 लोग लापता दर्ज किए गए। इनमें से 52,326 लोग अब तक नहीं मिल पाए हैं, जबकि 6,931 बच्चे अभी भी लापता हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर लंबित मामलों से यह संकेत मिलता है कि खोज और ट्रैकिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि किसी व्यक्ति के लापता होने के बाद का ‘गोल्डन ऑवर’ यानी शुरुआती महत्वपूर्ण समय अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसके अलावा, कई मामलों में FIR दर्ज करने में देरी होने की भी बात कही गई है, जिससे जांच की दिशा और परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।दिल्ली हाई कोर्ट ने उच्च स्तरीय कमेटी बनाने की भी करी मांग<br>याचिका में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने की भी मांग की गई है। प्रस्ताव है कि यह कमेटी लापता व्यक्तियों के रिकॉर्ड का अस्पतालों में भर्ती अज्ञात मरीजों के डेटा से और मुर्दाघरों में मौजूद अज्ञात शवों के रिकॉर्ड से नियमित रूप से मिलान (डेटा मैचिंग) करे, ताकि पहचान और खोज प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाया जा सके। याचिकाकर्ता का तर्क है कि समन्वित डेटा प्रणाली और नियमित ऑडिट से लंबित मामलों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है। मामला अब 18 फरवरी को फिर से सुना जाएगा, जब अदालत संबंधित पक्षों से जवाब और संभावित कार्ययोजना पर विचार करेगी।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 15:01:48 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>असम में AI वीडियो पर बवाल, बीजेपी ने सोशल मीडिया टीम सदस्य को पद से हटाया</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/bjp-removes-social-media-team-member-from-post-after-ai-video-sparks-uproar-in-assam</link>
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        <description><![CDATA[ <p>भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की असम इकाई ने अपनी सोशल मीडिया टीम के एक सह-संयोजक के खिलाफ कार्रवाई की है. उन्हें पद से हटा दिया गया है. दरअसल, सोशल मीडिया टीम के इस सदस्य ने सीएम हिमंता का एक वीडियो शेयर किया था, जिसके कारण काफी विवाद हो गया था. इस वीडियो को बाद में हटा दिया गया था. वीडियो में सीएम हिमंता को कथित तौर पर राइफल से निशाना साधते और दो लोगों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया था. उनमें से एक ने टोपी पहन रखी थी और दूसरे की दाढ़ी थी. वीडियो के साथ कैप्शन में प्वाइंट ब्लैंक शॉट लिखा था.AI की मदद से बनाए गए इस वीडियो को बीजेपी की प्रदेश इकाई के आधिकारिक एक्स हैंडल पर शनिवार शाम को अपलोड किया गया था लेकिन राजनीतिक विरोध के बाद इसे हटा दिया गया. वरिष्ठ नेता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, यह वीडियो उचित जांच-पड़ताल के बिना एवं अनधिकृत तरीके से अपलोड किया गया था. संबंधित व्यक्ति को सोशल मीडिया टीम के सह-संयोजक पद से हटा दिया गया है.बीजेपी नेता ने क्या कहा?<br>पद से हटाए गए सोशल मीडिया सह-संयोजक की पहचान रॉन विकास गौरव के रूप में हुई है. वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा, केवल कुछ लोगों को ही बीजेपी के सोशल मीडिया हैंडल के लिए पोस्ट करने और प्रचार सामग्री अपलोड करने का अधिकार है. वे पार्टी के कार्यक्रम साझा करने या हमारे नेताओं के भाषण अपलोड करने के लिए अपने स्तर पर आम तौर पर ऐसा कर सकते हैं लेकिन संवेदनशील विषयों के लिए उन्हें सोशल मीडिया प्रभारी या पार्टी अध्यक्ष या (अगर मामला मुख्यमंत्री से जुड़ा हो तो) मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमति लेनी होती है.<br>रंजीब कुमार शर्मा इस समय बीजेपी की प्रदेश इकाई की सोशल मीडिया टीम का नेतृत्व कर रहे हैं और गौरव को हटाए जाने से पहले उनकी टीम में चार सह-संयोजक थे.पुलिस में शिकायत दर्ज<br>मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा था कि पुलिस ने वीडियो को लेकर कांग्रेस नेताओं की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है. उन्होंने बताया कि बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने भी इसी मामले पर पुलिस में अलग से शिकायत दर्ज कराई है. सीएम ने सोमवार को दावा किया था कि उन्हें वीडियो की जानकारी नहीं थी जबकि कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर अपने वीडियो के जरिए मुसलमानों के खिलाफ नरसंहार उकसाने का आरोप लगाया था और पुलिस से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया था.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 14:52:37 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>दिल्ली में रेखा सरकार के 365 दिन: कर्ज चुकाने से विकास योजनाओं तक का लेखा&amp;जोखा</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/365-days-of-rekha-sarkar-in-delhi-from-debt-repayment-to-development-plans</link>
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        <description><![CDATA[ <p>दिल्ली में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार 20 फरवरी को अपना पहला वर्ष पूरा करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी सरकार के एक साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा पेश किया और उपलब्धियों के साथ-साथ चुनौतियों पर भी खुलकर बात की।महिलाओं को कब मिलेंगे 2500 रुपये?<br>चुनाव के दौरान किया गया वादा मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने का अब क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि फिलहाल योजना की पात्रता (एलिजिबिलिटी) के नियम तय किए जा रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि योजना का लाभ केवल राशन कार्ड धारकों तक सीमित न रहे, बल्कि उन सभी महिलाओं तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में आर्थिक सहायता की जरूरत है।केजरीवाल के ‘शीशमहल‘ का क्या होगा?<br>पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास, जिसे बीजेपी ‘शीशमहल’ कहती है, को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रतिक्रिया दी है। सीएम ने कहा कि उस आवास के निर्माण और नवीनीकरण में “भ्रष्टाचार की कई अति” हुई हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि उस इमारत के साथ आगे क्या किया जाएगा। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेना अभी बाकी है और सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।</p>
<p>1 साल का रिपोर्ट कार्ड: कर्ज चुकाने में गया समय</p>
<p>दिल्ली सरकार के एक साल पूरे होने से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बीता वर्ष मुख्य रूप से विरासत में मिले कुप्रबंधन को सुधारने और वित्तीय दायित्वों को संभालने में लगा। उनके अनुसार, सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को दुरुस्त करने और लंबित देनदारियों को निपटाने पर प्राथमिकता दी।</p>
<p> स्वास्थ्य क्षेत्र में पहल</p>
<p>सीएम के मुताबिक, सरकार ने अब तक 7 लाख से अधिक आयुष्मान भारत और वय वंदना कार्ड जारी किए हैं। इन योजनाओं के तहत 45.38 करोड़ रुपये का लाभ लाभार्थियों को दिया गया है, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने का दावा किया गया। अटल कैंटीन योजना<br>गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए अटल कैंटीन में 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में करीब 50 हजार लोग इसका लाभ ले रहे हैं, जबकि सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 1 लाख लाभार्थियों तक पहुंचाना है।</p>
<p>परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में अब 4,200 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं, जो संख्या के लिहाज से देश में सबसे ज्यादा हैं। सरकार का कहना है कि इससे प्रदूषण नियंत्रण और हरित परिवहन को बढ़ावा मिला है। सीएम ने कहा कि सरकार आने वाले समय में भी स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरण अनुकूल परिवहन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देती रहेगी।यमुना सफाई को लेकर क्या कहा?<br>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अगले तीन सालों में यमुना नदी को साफ किया जाएगा। इसके लिए शहर में 35 डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं। साथ ही, दिल्ली में पहला बायोगैस प्लांट लगाया गया है, ताकि गाय का गोबर सीधे नदी में न जाए और प्रदूषण कम हो। सीएम ने यह भी बताया कि आगामी वर्ष नीतियों को लागू करने का होगा, जिसमें दो प्रमुख पहलें शामिल हैं. नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी, नई एक्साइज पॉलिसी इन नीतियों का उद्देश्य पर्यावरणीय सुधार, स्वच्छता और स्थायी विकास को बढ़ावा देना है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 14:42:58 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>‘देश संविधान से चलेगा’ – UCC और वंदे मातरम पर डॉ. सलीम राज का बड़ा बयान</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/the-country-will-be-governed-by-the-constitution-dr-salim-rajs-big-statement-on-ucc-and-vande-mataram</link>
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        <description><![CDATA[ <p>एक देश, एक विधान, एक संविधान के लिए लाए जा रहे यूनिफॉर्म सिविल कोड का वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज ने समर्थन किया है. भाजपा के द्वारा लाए जा रहे यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉक्टर सलीम राज ने कहा है कि एक देश के लिए एक संविधान,एक कानून का पालन होना चाहिए. डॉ सलीम राज के बयान का भाजपा ने समर्थन किया. वहीं कांग्रेस ने इस पर हल्ला बोलते हुए कहा कि डॉक्टर सलीम राज का मुसलमानों में कोई जनाधार नहीं हैं. सिर्फ भाजपा नेता होने के नाते वे वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष हैं. संसद को ही यह तय करने का अधिकार है कि यूसीसी की जरूरत हैं या नहीं.संविधान से चलेगा देश : डॉ. सलीम<br>डॉक्टर सलीम राज ने कहा कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष होने के नाते मैं कहना चाहूंगा कि पूरे देश में एक संविधान एक कानून का पालन होना चाहिए. यह देश मुस्लिम रीति रिवाज से या ईसाई रीति रिवाज से नहीं चलेगा. यह देश संविधान से चलेगा. जाति धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, पर कानून एक होना चाहिए. दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए. सनातनियों को एक कानून का लाभ मिलता है. वही मुसलमानों को दो कानून का. मुस्लिमों के हिसाब से देश नहीं चलना चाहिए. कानून के हिसाब से चलना चाहिए. यूसीसी देश में तत्काल लागू होना चाहिए.<br>अकबर या बाबर नहीं यह राम राज्य का शासन : वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष <br>वहीं वंदे मातरम गीत को 65 सेकंड से बढ़ाकर तीन मिनट दस सेकेंड करने और गान के दौरान खड़े होने के केंद्र सरकार के फैसले का भी डॉक्टर सलीम राज ने समर्थन किया है. डॉक्टर सलीम राज ने कहा कि यह मुगल राज, अकबर या बाबर का शासन नहीं है. यह राम राज्य का शासन है. वंदे मातरम राष्ट्र गीत है. इसके लिए सरकार ने जो भी फैसला लिया है वह स्वागत योग्य है.<br>कांग्रेस का निशाना, कहा- मुस्लिमों में डॉ. सलीम का कोई जनाधार नहीं<br>डॉक्टर सलीम राज का बयान सामने आते ही कांग्रेस ने इस पर हमला बोला हैं. कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बयानबाजी कर रहें हैं. मुस्लिमों में डॉक्टर सलीम राज का कोई जनाधार नहीं हैं. वे केवल भाजपा नेता होने के चलते वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष बने हैं और मुझे नहीं लगता कि वक्फ बोर्ड सारे मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व करते हैं. मुस्लिम समाज में उनकी कोई पकड़ नहीं है. अपनी राजनीति चमकाने के लिए डॉक्टर सलीम राज इस तरह का बयान देते हैं. मुस्लिम लॉ की आवश्यकता है या नहीं यह अधिकार उन्हें नहीं है. इसकी समीक्षा और रिव्यू करने का अधिकार संसद को है.<br>भाजपा ने बताया डॉ. सलीम को सक्षम<br>वहीं वक्फ़ बोर्ड अध्यक्ष डॉक्टर सलीम राज के बयान का भाजपा ने समर्थन किया है. भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे ने कहा कि डॉक्टर सलीम राज ने सही कहा है, वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष होने के नाते वह खुद सक्षम हैं.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 16:19:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में बजेगा ‘वंदे मातरम’</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/big-decision-of-the-central-government-vande-mataram-will-be-played-in-schools-and-government-programs</link>
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        <description><![CDATA[ <p>केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने आदेश में कहा है कि अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा। यह आदेश 28 जनवरी को जारी हुआ, लेकिन मीडिया में इसकी जानकारी 11 फरवरी को आई।<br>न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, आदेश में साफ लिखा है कि अगर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ साथ में गाए या बजाए जाएं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।<br>आदेश के मुताबिक सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत बजाने के बाद ही होगी। नए नियमों के अनुसार, राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड है। अब तक मूल गीत के पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे।<br>हालांकि, आदेश में यह भी कहा गया है किन-किन मौकों पर राष्ट्रगीत गाया जा सकता है, इसकी पूरी लिस्ट देना संभव नहीं है। यह पहली बार है जब राष्ट्रगीत के गायन को लेकर डिटेल में प्रोटोकॉल जारी किए गए हैं। केंद्र इस समय वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम मना रहा है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 15:10:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
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        <title>“ऑनलाइन गेमिंग का खतरनाक सच: दिमाग और मेंटल हेल्थ पर बड़ा असर”</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/the-dangerous-truth-about-online-gaming-the-major-impact-on-the-brain-and-mental-health</link>
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        <description><![CDATA[ <p>नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि ऑनलाइन गेम्स से दिमाग पर क्या असर पड़ता है. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गेमिंग रिवॉर्ड ... असल में ब्रेन के सिस्टम को प्रभावित करते हैं. कई केस में गेम में हारने पर या फिर पेरेंट्स के द्वारा स्मार्टफोन छीनने की वजह से युवा खुद को चोट पहुंचा ...  लेते हैं. स्मार्टफोन के लिए ढेरों गेमिंग ऐप है, जिनमें से कुछ तो पॉपुलैरिटी के शिखर पर है. स्मार्टफोन गेमिंग से मेंटल हेल्थ पर क्या असर पड़ता है,  दरअसल, गृह मंत्रालय की नोडल एजेसी I4C  बताया है कि ऑनलाइन गेमिंग सिर्फ एंटरटेनमेंट तक सीमत नहीं है बल्कि यह कई केस में मेंटल हेल्थ रिस्क भी बन चुकी है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट में कहा है कि ऑनलाइन गेम्स से दिमाग पर क्या असर पड़ता है.  रिपोर्ट में बताया है कि गेमिंग रिवॉर्ड ब्रेन के सिस्टम को प्रभावित करता है. कई केस में गेम में हारने पर या फिर पेरेंट्स के द्वारा स्मार्टफोन छीनने की वजह से युवाओं ने खुद को चोट पहुंचाई. यहां तक कई युवाओं ने अपनी जान तक दे डाली </p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 13:22:41 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>मैग्नीशियम की कमी के लक्षण और इसका सबसे असरदार समाधान</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/symptoms-of-magnesium-deficiency-and-its-most-effective-solution</link>
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        <description><![CDATA[  ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:45:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण: होलिका दहन पर मोक्ष स्नान का विशेष योग</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/lunar-eclipse-on-march-3-2026-special-yoga-for-moksha-snan-on-holika-dahan</link>
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        <description><![CDATA[  ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:07:35 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>लोकसभा में हंगामा, बजट चर्चा बाधित</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/uproar-in-lok-sabha-budget-discussion-disrupted</link>
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        <description><![CDATA[  ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:08:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>लोकतंत्र पर सवाल? लोकसभा स्पीकर के खिलाफ विपक्ष का बड़ा कदम</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/questioning-democracy-opposition-takes-major-action-against-lok-sabha-speaker</link>
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        <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 13:41:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>Bharat Taxi दिल्ली में 1 जनवरी से लॉन्च: सर्ज प्राइसिंग हटाया, ड्राइवरों को मिलेगा 80% किराया</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/bharat-taxi-दिल्ली-में-1-जनवरी-से-लॉन्च-सर्ज-प्राइसिंग-हटाया-ड्राइवरों-को-मिलेगा-80-किराया</link>
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        <description><![CDATA[ <p><strong> नई दिल्ली</strong><br>
Bharat Taxi Service Launch: नए साल की शुरुआत के साथ ही राजधानी दिल्ली में टैक्सी सर्विस सेक्टर में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. 1 जनवरी से दिल्ली में भारत टैक्सी ऐप (Bharat Taxi) की आधिकारिक लॉन्चिंग होने जा रही है, जो यात्रियों को भरोसेमंद, सुरक्षित और किफायती कैब सेवा देने का दावा करती है. तेजी से डिजिटल हो रहे ट्रांसपोर्ट सेक्टर में यह ऐप एक देसी विकल्प के तौर पर अपनी पहचान बनाने की तैयारी में है. सरकार की पहल से शुरू हो रही यह सेवा ओला और ऊबर जैसी निजी कंपनियों के विकल्प के तौर पर देखी जा रही है.<br>
<strong>क्या है भारत टैक्सी ऐप</strong></p>
<p>भारत टैक्सी एक मोबाइल आधारित कैब बुकिंग प्लेटफॉर्म है, जो अन्य कैब सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे ही स्मार्टफोन से ऑपरेट की जा सके. इसे आम भारतीय यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है. यह सेवा सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव के तहत शुरू हुई है, जिसे दुनिया का पहला ऐसा नेशनल मोबिलिटी कोऑपरेटिव बताया जा रहा है जो पूरी तरह ड्राइवरों के हक की बात करता है. यह ऐप लोकल और आउटस्टेशन दोनों तरह की यात्रा के लिए सेवाएं देगा.  <br>
<strong>सर्ज प्राइसिंग से मिलेगी राहत</strong></p>
<p>भारत टैक्सी सर्विस की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि यात्रियों को ओला और ऊबर की सर्ज प्राइसिंग से छुटकारा मिलेगा. पीक टाइम या खराब मौसम में मनमाना किराया बढ़ने की समस्या से अब लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. भारत टैक्सी में किराया पहले से तय और पारदर्शी होगा. </p>
<p><strong>ड्राइवरों को मिलेगा ज्यादा फायदा</strong></p>
<p>भारत टैक्सी ऐप ड्राइवर फ्रेंडली मॉडल पर काम करेगी. इसमें ड्राइवरों को 80 प्रतिशत से भी अधिक किराया मिलने का दावा किया गया है. इससे ड्राइवरों की आमदनी बढ़ेगी और वे बिना किसी अतिरिक्त दबाव के बेहतर सेवा दे सकेंगे. कई बार देखा गया है कि, कैब ड्राइवर प्राइवेट टैक्सी प्रोवाइडर्स की मनमानी से परेशान होते हैं.</p>
<p><strong>दिल्ली में मजबूत तैयारी</strong></p>
<p>लॉन्च से पहले ही दिल्ली में करीब 56 हजार ड्राइवरों ने भारत टैक्सी ऐप पर पंजीकरण करा लिया है. यह आंकड़ा दिखाता है कि ड्राइवर कम्यूनिटी में इस प्लेटफॉर्म को लेकर जबरदस्त उत्साह है. सरकार को उम्मीद है कि शुरुआत से ही यात्रियों को पर्याप्त वाहनों की उपलब्धता मिलेगी.</p>
<p><strong>ऑटो, कार और बाइक की सुविधा</strong></p>
<p>भारत टैक्सी ऐप पर यात्रियों को ऑटो, कार और बाइक टैक्सी तीनों की सुविधा मिलेगी. इससे कम दूरी से लेकर लंबी यात्रा तक हर जरूरत के लिए एक ही प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा. नए साल से दिल्ली की सड़कों पर यह देसी ऐप कितना असर दिखाता है, इस पर सभी की नजरें बनी रहेंगी.</p>
<p><strong>यूजर्स को क्या मिलेगा खास</strong></p>
<p>भारत टैक्सी ऐप में रियल टाइम ट्रैकिंग, 24×7 कस्टमर सपोर्ट, कैश और डिजिटल पेमेंट विकल्प और सेफ्टी फीचर्स जैसे कई आधुनिक विकल्प दिए जाएंगे. इस कैब सर्विस का फोकस फैमिली ट्रैवलर्स, कॉरपोरेट यूजर्स और टूरिस्ट्स पर रहेगा, ताकि हर वर्ग को बेहतर अनुभव मिल सके.</p>
<p><strong>ड्राइवर्स के लिए नए मौके</strong></p>
<p>इस ऐप के जरिए टैक्सी ड्राइवर्स को भी स्थायी कमाई का अवसर मिलेगा. कंपनी का कहना है कि ड्राइवर्स के लिए कम कमीशन, समय पर भुगतान और टेक्निकल सपोर्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे ड्राइवर्स और प्लेटफॉर्म के बीच भरोसे का रिश्ता मजबूत होगा.</p>
<p><strong>ऐप हुआ लाइव</strong></p>
<p>Bharat Taxi मोबाइल ऐप फिलहाल गूगल प्ले स्टोर पर ट्रायल और फीडबैक के लिए उपलब्ध है. कोऑपरेटिव का कहना है कि ऐप का iOS वर्ज़न भी जल्द ही लॉन्च किया जाएगा. फिलहाल दिल्ली और गुजरात में के लिए इसका ट्रायल शुरू किया गया है. गूगल प्लेस्टोर पर इसका मोबाइल ऐप भारत टैक्सी ड्राइवर (Bharat Taxi) के नाम से प्रदर्शित हो रहा है. यहां ध्यान रखें कि, वही ऐप डाउनलोड करें जो सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा जारी किया गया है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 16:53:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>news@bharatmatatimes.com</dc:creator>
        <media:keywords>Bharat, Taxi, दिल्ली, में, जनवरी, से, लॉन्च:, सर्ज, प्राइसिंग, हटाया, ड्राइवरों, को, मिलेगा, 80, किराया</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Air India की दिल्ली&amp;मुंबई फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग: टेकऑफ के तुरंत बाद आई तकनीकी खराबी</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/air-indias-delhi-mumbai-flight-makes-emergency-landing-technical-fault-developed-shortly-after-takeoff</link>
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        <description><![CDATA[ <p>दिल्ली : दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आज सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया जब मुंबई जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI 887 को उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद वापस लौटना पड़ा। पायलट ने विमान में तकनीकी खराबी (Technical Snag) महसूस होने के बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वापस दिल्ली लैंड करने का फैसला किया। विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा ली गई है और राहत की बात यह है कि सभी यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं।</p>
<p>एअर इंडिया के प्रवक्ता द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक यह घटना 22 दिसंबर की सुबह की है। जैसे ही फ्लाइट ने दिल्ली से मुंबई के लिए उड़ान भरी क्रू को विमान के सिस्टम में कुछ गड़बड़ी का अंदेशा हुआ। सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पायलट ने बिना कोई जोखिम लिए विमान को वापस मोड़ने का निर्णय लिया। विमान दिल्ली एयरपोर्ट पर सामान्य रूप से लैंड कर गया और सभी यात्रियों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया।</p>
<p>एयरलाइन ने इस अप्रत्याशित घटना पर खेद व्यक्त किया है। यात्रियों की सुविधा के लिए निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं।<br>यात्रियों को उनके गंतव्य (मुंबई) तक पहुँचाने के लिए दूसरी फ्लाइट की व्यवस्था की गई है। दिल्ली एयरपोर्ट पर एअर इंडिया की ग्राउंड टीम यात्रियों को जलपान और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है। जिस विमान में खराबी आई थी उसे फिलहाल हैंगर में भेज दिया गया है जहां इंजीनियरिंग टीम उसकी बारीकी से जांच कर रही है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 20:34:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>news@bharatmatatimes.com</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>8th Pay Commission Update: नए साल में लगेगी केंद्रीय कर्मचारियों की लॉटरी!</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/8th-pay-commission-update-central-government-employees-to-hit-the-jackpot-in-the-new-year</link>
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        <description><![CDATA[ <div>नई दिल्ली : साल 2025 की विदाई के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी का समय आ गया है। 31 दिसंबर 2025 को 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल आधिकारिक तौर पर समाप्त हो रहा है। ऐसे में 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग के लागू होने की पूरी संभावना है। ये बढ़ी हुई सैलरी खातों में कब आएगी, इसे लेकर एक्सपर्ट्स ने कुछ महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं।</div>
<div></div>
<div>एक्सपर्ट्स और पिछले रुझानों के आधार पर 8वें वेतन आयोग में सैलरी हाइक कुछ इस तरह हो सकती है:</div>
<div></div>
<div>
<table class="MsoTableGrid" border="1" cellspacing="0" cellpadding="0" style="border-collapse: collapse; border: none; mso-border-alt: solid windowtext .5pt; mso-yfti-tbllook: 1184; mso-padding-alt: 0cm 5.4pt 0cm 5.4pt;">
<tbody>
<tr style="mso-yfti-irow: 0; mso-yfti-firstrow: yes;">
<td width="308" valign="top" style="width: 231.05pt; border: solid windowtext 1.0pt; mso-border-alt: solid windowtext .5pt; padding: 0cm 5.4pt 0cm 5.4pt;">
<p align="center" style="text-align: center;"><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">घटक</span> (Component)</strong><o:p></o:p></p>
</td>
<td width="308" valign="top" style="width: 231.05pt; border: solid windowtext 1.0pt; border-left: none; mso-border-left-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-alt: solid windowtext .5pt; padding: 0cm 5.4pt 0cm 5.4pt;">
<p align="center" style="text-align: center;"><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">अनुमानित</span> </strong><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">बदलाव</span> (Projections)</strong><o:p></o:p></p>
</td>
</tr>
<tr style="mso-yfti-irow: 1;">
<td width="308" valign="top" style="width: 231.05pt; border: solid windowtext 1.0pt; border-top: none; mso-border-top-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-alt: solid windowtext .5pt; padding: 0cm 5.4pt 0cm 5.4pt;">
<p class="MsoNormal" align="center" style="margin-bottom: .0001pt; text-align: center; line-height: normal;"><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">सैलरी</span></strong><strong><span style="font-family: 'Calibri','sans-serif'; mso-ascii-theme-font: minor-latin; mso-hansi-theme-font: minor-latin; mso-bidi-font-family: 'Times New Roman'; mso-bidi-theme-font: minor-bidi;"> </span></strong><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">में</span></strong><strong><span style="font-family: 'Calibri','sans-serif'; mso-ascii-theme-font: minor-latin; mso-hansi-theme-font: minor-latin; mso-bidi-font-family: 'Times New Roman'; mso-bidi-theme-font: minor-bidi;"> </span></strong><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">कुल</span></strong><strong><span style="font-family: 'Calibri','sans-serif'; mso-ascii-theme-font: minor-latin; mso-hansi-theme-font: minor-latin; mso-bidi-font-family: 'Times New Roman'; mso-bidi-theme-font: minor-bidi;"> </span></strong><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">बढ़ोत्तरी</span></strong><o:p></o:p></p>
</td>
<td width="308" valign="top" style="width: 231.05pt; border-top: none; border-left: none; border-bottom: solid windowtext 1.0pt; border-right: solid windowtext 1.0pt; mso-border-top-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-left-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-alt: solid windowtext .5pt; padding: 0cm 5.4pt 0cm 5.4pt;">
<p class="MsoNormal" align="center" style="margin-bottom: .0001pt; text-align: center; line-height: normal;">20% <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">से</span> 35% <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">तक</span><o:p></o:p></p>
</td>
</tr>
<tr style="mso-yfti-irow: 2;">
<td width="308" valign="top" style="width: 231.05pt; border: solid windowtext 1.0pt; border-top: none; mso-border-top-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-alt: solid windowtext .5pt; padding: 0cm 5.4pt 0cm 5.4pt;">
<p class="MsoNormal" align="center" style="margin-bottom: .0001pt; text-align: center; line-height: normal;"><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">फिटमेंट</span></strong><strong><span style="font-family: 'Calibri','sans-serif'; mso-ascii-theme-font: minor-latin; mso-hansi-theme-font: minor-latin; mso-bidi-font-family: 'Times New Roman'; mso-bidi-theme-font: minor-bidi;"> </span></strong><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">फैक्टर</span></strong><o:p></o:p></p>
</td>
<td width="308" valign="top" style="width: 231.05pt; border-top: none; border-left: none; border-bottom: solid windowtext 1.0pt; border-right: solid windowtext 1.0pt; mso-border-top-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-left-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-alt: solid windowtext .5pt; padding: 0cm 5.4pt 0cm 5.4pt;">
<p class="MsoNormal" align="center" style="margin-bottom: .0001pt; text-align: center; line-height: normal;">2.4 <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">से</span> 3.0 <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">तक</span> <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">रहने</span> <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">की</span> <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">उम्मीद</span><o:p></o:p></p>
</td>
</tr>
<tr style="mso-yfti-irow: 3;">
<td width="308" valign="top" style="width: 231.05pt; border: solid windowtext 1.0pt; border-top: none; mso-border-top-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-alt: solid windowtext .5pt; padding: 0cm 5.4pt 0cm 5.4pt;">
<p class="MsoNormal" align="center" style="margin-bottom: .0001pt; text-align: center; line-height: normal;"><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">न्यूनतम</span></strong><strong><span style="font-family: 'Calibri','sans-serif'; mso-ascii-theme-font: minor-latin; mso-hansi-theme-font: minor-latin; mso-bidi-font-family: 'Times New Roman'; mso-bidi-theme-font: minor-bidi;"> </span></strong><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">मूल</span></strong><strong><span style="font-family: 'Calibri','sans-serif'; mso-ascii-theme-font: minor-latin; mso-hansi-theme-font: minor-latin; mso-bidi-font-family: 'Times New Roman'; mso-bidi-theme-font: minor-bidi;"> </span></strong><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">वेतन</span></strong><o:p></o:p></p>
</td>
<td width="308" valign="top" style="width: 231.05pt; border-top: none; border-left: none; border-bottom: solid windowtext 1.0pt; border-right: solid windowtext 1.0pt; mso-border-top-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-left-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-alt: solid windowtext .5pt; padding: 0cm 5.4pt 0cm 5.4pt;">
<p class="MsoNormal" align="center" style="margin-bottom: .0001pt; text-align: center; line-height: normal;">₹18,000 <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">से</span> <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">बढ़कर</span> ₹34,560 - ₹51,480 <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">तक</span><o:p></o:p></p>
</td>
</tr>
<tr style="mso-yfti-irow: 4; mso-yfti-lastrow: yes;">
<td width="308" valign="top" style="width: 231.05pt; border: solid windowtext 1.0pt; border-top: none; mso-border-top-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-alt: solid windowtext .5pt; padding: 0cm 5.4pt 0cm 5.4pt;">
<p><strong><span style="mso-spacerun: yes;">                           </span>DA </strong><strong><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">मर्जर</span></strong><o:p></o:p></p>
</td>
<td width="308" valign="top" style="width: 231.05pt; border-top: none; border-left: none; border-bottom: solid windowtext 1.0pt; border-right: solid windowtext 1.0pt; mso-border-top-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-left-alt: solid windowtext .5pt; mso-border-alt: solid windowtext .5pt; padding: 0cm 5.4pt 0cm 5.4pt;">
<p class="MsoNormal" align="center" style="margin-bottom: .0001pt; text-align: center; line-height: normal;"><span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">जनवरी</span> 2026 <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">तक</span> <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">महंगाई</span> <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">भत्ता</span> (DA) 60-70% <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">होकर</span> <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">मूल</span> <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">वेतन</span> <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">में</span> <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">जुड़</span> <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">सकता</span> <span style="font-family: 'Nirmala UI','sans-serif';">है</span><o:p></o:p></p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
</div>
<div></div>
<div>इतिहास गवाह है कि वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने और हाथ में पैसा आने के बीच समय का अंतराल होता है। नए वेतनमान की गणना 1 जनवरी 2026 से ही की जाएगी। वास्तविक वेतन वृद्धि और एरियर (Arrears) मिलने में 2027 तक का समय लग सकता है। चूंकि नियम 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगे, इसलिए कर्मचारियों को उस तारीख से लेकर भुगतान की तारीख तक का पूरा एरियर एकमुश्त मिलेगा।</div>
<div></div>
<div>नवंबर 2025 में वित्त मंत्रालय ने 8वें वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को अधिसूचित कर दिया है। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब है कि आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें मध्य-2027 तक दे सकता है।</div>
<div></div>
<div>एक्सपर्ट के अनुसार Basic Pay में संशोधन तो एरियर के साथ मिल जाएगा, लेकिन HRA (मकान किराया भत्ता) जैसे भत्ते अक्सर पिछली तारीख से नहीं मिलते। इसलिए देरी होने पर कर्मचारियों को भत्तों के रूप में कुछ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।</div>
<p></p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 20:32:45 +0530</pubDate>
        <dc:creator>news@bharatmatatimes.com</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>CM ममता बनर्जी का चुनाव आयोग पर करारा वार बोलीं...</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/cm-mamata-banerjee-launched-a-scathing-attack-on-the-election-commission-saying</link>
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        <description><![CDATA[ <p>चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में हुए SIR के बाद नई वोटर लिस्ट जारी कर दी है। नई वोटर लिस्ट में 58 लाख 20 हजार से ज्यादा नाम काटे गए हैं। ड्राफ्ट रोल के पहले पश्चिम बंगाल में 7.66 करोड़ मतदाता थे। अब एसआईआर के बाद 7.08 करोड़ मतदाता रह गए हैं। नई लिस्ट जारी होने के बाद अब सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस बीच सीएम ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर करारा वार करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं।</p>
<p>सोमवार को कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम में TMC के बूथ लेवल एजेंटों की बैठक में पहुंची ममता ने कहा कि SIR सुनवाई के लिए माइक्रो ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त केंद्रीय अधिकारियों को स्थानीय भाषा (बांग्ला) का बहुत कम ज्ञान है। ऐसे अधिकारी संशोधन अभ्यास के दूसरे फेज के दौरान वेरिफिकेशन करने के लिए अयोग्य हैं।</p>
<p>पश्चिम बंगाल सीएम ने आरोप लगाया कि राज्य में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में गंभीर गलतियां हुई हैं। वोटरों की मैपिंग में त्रुटियां हैं। चुनाव आयोग राज्य सरकार को बताए बिना ही ऑब्जर्वर अपॉइन्ट कर रहा है। यह पूरी प्रक्रिया BJP के हित में की जा रही है।</p>
<p>बता दें कि राज्य में नई लिस्ट जारी होने के बाद अब सुनवाई की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। पहले चरण में उन लगभग 30 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जा सकते हैं, जिनके एन्यूमरेशन फॉर्म में प्रोेजेनी मैपिंग (वंशावली मिलान) दर्ज नहीं पाई गई है। इसके अलावा विभिन्न जिलों की ‘संदिग्ध’ श्रेणी में शामिल मतदाताओं को भी सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा।</p>
<p>चुनाव आयोग की जांच में सामने आया है कि कई मामलों में मतदाताओं और उनके माता-पिता या दादा-दादी के बीच उम्र का अंतर असामान्य रूप से कम है। कहीं एक ही व्यक्ति को कई मतदाताओं का पिता या दादा दिखाया गया है। ऐसे मामलों को ‘संदिग्ध प्रोजेनी मैपिंग’ मानते हुए आयोग ने विशेष जांच शुरू की है। शुरुआत में ऐसे मामलों की संख्या करीब 1 करोड़ 67 लाख थी, जो प्राथमिक जांच के बाद घटकर 1 करोड़ 36 लाख रह गई है। इसी सूची से चरणबद्ध तरीके से सुनवाई के नोटिस जारी किए जाएंगे।</p>
<p><br>चुनाव आयोग के मुताबिक मैपिंग के दौरान सीमा से सटे जिलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दादा-दादी या परदादा-परदादी के नाम पर की गई संदिग्ध मैपिंग के सबसे अधिक मामले मुर्शिदाबाद जिले में मिले हैं, जहां ऐसे मतदाताओं की संख्या 4 लाख 7 हजार 65 है। दूसरे स्थान पर दक्षिण 24 परगना (3 लाख 77 हजार 910) और तीसरे स्थान पर उत्तर 24 परगना है, जहां यह संख्या 2 लाख से अधिक बताई जा रही है। ड्राफ्ट सूची से नाम हटने के मामले में भी दक्षिण 24 परगना शीर्ष पर है। यहां 8 लाख 18 हजार 432 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 16:50:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>news@bharatmatatimes.com</dc:creator>
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    </item>
    </channel>
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