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    <title>Bharat Mata Times &amp; : छत्तीसगढ़</title>
    <link>https://bharatmatatimes.com/rss/category/Chhattisgarh-news</link>
    <description>Bharat Mata Times &amp; : छत्तीसगढ़</description>
    <dc:language>en</dc:language>
    <dc:creator></dc:creator>
    <dc:rights>Copyright 2023 Bharat Mata Times &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
    <item>
        <title>छत्तीसगढ़ के बच्चों को स्कूल में पढ़ाई जाएगी अपनी माटी की कहानी, 100 कलाविद तैयार करेंगे 100 पाठ</title>
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        <description><![CDATA[ <p class="isSelectedEnd"><strong><span>रायपुर।</span></strong><span> छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों को अब अपनी ही माटी की कला, संस्कृति और लोक परंपराओं के बारे में पढ़ने का मौका मिलेगा। कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए प्रदेश की कला, इतिहास, लोकजीवन, गीत-संगीत, नृत्य, शिल्प और महापुरुषों से जुड़ी विशेष पाठ्य सामग्री तैयार की जा रही है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इस पहल के तहत करीब 100 विषयों पर सामग्री तैयार होगी। इसके लिए प्रदेशभर के साहित्यकार, कलाकार, संस्कृतिविद, विषय विशेषज्ञ, शोधकर्ता और जनसंचार विशेषज्ञ मिलकर काम कर रहे हैं। सरकार का लक्ष्य स्थानीय संस्कृति को स्कूल की पढ़ाई से जोड़ना है, ताकि बच्चे अपनी जड़ों और विरासत को करीब से समझ सकें।</span></p>
<h3><span>100 विषयों पर तैयार होंगे पाठ</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>रायपुर के SCERT परिसर में 24 से 26 अगस्त तक तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसी कार्यशाला में छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति से जुड़े करीब 100 विषयों पर पाठ्य सामग्री तैयार की जा रही है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इन विषयों को अलग-अलग विधाओं में बांटकर समूह बनाए गए हैं। तैयार होने वाली सामग्री का इस्तेमाल कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों, प्रशिक्षकों और अभिभावकों के लिए भी किया जा सकेगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके अलावा हर विषय से जुड़ी 5 से 10 मिनट की छोटी फिल्मों के लिए स्क्रिप्ट भी तैयार की जाएगी। यानी बच्चे केवल किताबों के जरिए ही नहीं, बल्कि वीडियो के जरिए भी छत्तीसगढ़ की संस्कृति को समझ सकेंगे।</span></p>
<h3><span>महापुरुषों और संतों की कहानियां भी पढ़ेंगे बच्चे</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रस्तावित आर्ट रिपोजिटरी में छत्तीसगढ़ से जुड़ी कई प्रमुख विभूतियों और महापुरुषों को भी शामिल किया जा रहा है। गुरु घासीदास, शहीद वीर नारायण सिंह, गुंडाधुर, पंडित सुंदरलाल शर्मा, मिनीमाता, माधवराव सप्रे, राजा चक्रधर और तीजन बाई जैसी हस्तियों के योगदान से बच्चों को परिचित कराया जाएगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके साथ ही संतों, रचनाकारों और प्रदेश की दूसरी महत्वपूर्ण विभूतियों से जुड़ी जानकारी भी पाठ्य सामग्री का हिस्सा होगी।</span></p>
<h3><span>सिरपुर से भोरमदेव तक पढ़ेंगे अपनी विरासत</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को भी इस सामग्री में जगह मिलेगी। सिरपुर, भोरमदेव, दंतेश्वरी मंदिर, बम्लेश्वरी मंदिर, चंद्रहासिनी मंदिर, मां महामाया मंदिर रतनपुर और राजीव लोचन मंदिर राजिम जैसे स्थानों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी जाएगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सतनाम पंथ, कबीर पंथ, रामनामी पंथ, घोटुल, मामा-भांजा, मितान-बदना और लमसेना जैसी स्थानीय परंपराओं पर भी सामग्री तैयार की जाएगी।</span></p>
<h3><span>हरेली से बस्तर दशहरा तक की जानकारी</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रदेश के प्रमुख त्योहारों और उत्सवों को भी पाठ्य सामग्री में शामिल किया जा रहा है। इनमें हरेली, नवाखाई, बस्तर दशहरा, गोंचा पर्व, गौरी-गौरा, छेरछेरा, तीजा-पोला, भोजली और मड़ई जैसे पर्व शामिल हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बच्चों को छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खेलों और गतिविधियों के बारे में भी बताया जाएगा।</span></p>
<h3><span>डोकरा आर्ट और पंथी से लेकर ददरिया तक</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>छत्तीसगढ़ की पहचान से जुड़े लोकनृत्य, लोकगीत और शिल्प भी इस सामग्री का हिस्सा होंगे। डोकरा आर्ट, टेराकोटा, बांस और लौह शिल्प, गोदना और रजवार भित्ति चित्रों पर सामग्री तैयार होगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>लोक संगीत में पंथी, सुवा, देवार, ददरिया, फाग, भरथरी, चंदैनी और विवाह गीतों के साथ मांदर, मोहरी, ढोल, बांसुरी, सारंगी और टिमकी जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की जानकारी भी दी जाएगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>पंथी, राउत नाचा, गेड़ी, ककसाड़, गौर, शैला, सुवा, नाचा और पंडवानी जैसे लोकनृत्य और रंगमंच की विधाओं को भी बच्चों तक पहुंचाया जाएगा।</span></p>
<h3><span>अब बच्चों को पढ़ाई जाएगी छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>आर्ट रिपोजिटरी में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक खान-पान को भी जगह दी जा रही है। ठेठरी, खुरमी, फरा-मुठिया, अंगाकर रोटी, चौसेला, बफौरी, चापड़ा चटनी, माड़िया पेज और पपची जैसे पारंपरिक व्यंजनों के बारे में भी सामग्री तैयार होगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इससे बच्चों को प्रदेश की संस्कृति से जुड़े खान-पान और स्थानीय परंपराओं की जानकारी भी मिलेगी।</span></p>
<h3><span>तीन दिन की कार्यशाला में तैयार होगी सामग्री</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>24 अगस्त को कार्यशाला के पहले दिन तैयार सामग्री का प्रस्तुतीकरण, समीक्षा और विषयवार समूहों का गठन किया जा रहा है। 25 अगस्त को सामग्री में सुधार और अंतिम ड्राफ्ट तैयार करने के साथ लघु फिल्मों की स्क्रिप्ट पर काम होगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>26 अगस्त को स्क्रिप्ट का प्रस्तुतीकरण, अंतिम संपादन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।</span></p>
<h3><span>बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़ने की कोशिश</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>इस पहल का मकसद सिर्फ नई पाठ्य सामग्री तैयार करना नहीं है। इसके जरिए बच्चों को अपनी स्थानीय संस्कृति, कला और परंपराओं से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।</span></p>
<p><span>आर्ट रिपोजिटरी तैयार होने के बाद विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की विरासत को समझने के लिए एक जगह पर पाठ्य और दृश्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी। इससे नई पीढ़ी अपने प्रदेश की कला और संस्कृति को जानने के साथ उसके संरक्षण की जरूरत को भी समझ सकेगी।</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 12:16:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>news@bharatmatatimes.com</dc:creator>
        <media:keywords>Chhattisgarh Culture, Chhattisgarh Art, School Education Chhattisgarh, SCERT Raipur, Chhattisgarh Heritage, Folk Culture, Art Repository, Chhattisgarh Education</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़ी सौगात, CM साय ने किया सम्मान; 1.45 लाख श्रमिकों को मिले 39.67 करोड़</title>
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        <description><![CDATA[ <p class="isSelectedEnd"><strong><span>रायपुर।</span></strong><span> श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से बड़ी पहल की गई है। राजधानी रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत पढ़ रहे प्रतिभाशाली बच्चों का सम्मान किया। इस दौरान 1 लाख 45 हजार 841 श्रमिकों के बैंक खातों में 39 करोड़ 67 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि DBT के जरिए सीधे भेजी गई।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>कार्यक्रम की खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री बच्चों के बीच काफी सहज नजर आए। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया और अपने जीवन के संघर्ष और अनुभव भी साझा किए। CM साय ने बच्चों से बड़े सपने देखने, मेहनत करने और आगे चलकर देश-प्रदेश की सेवा करने का संकल्प लेने को कहा।</span></p>
<h3><span>200 बच्चों को मिल रही बेहतर शिक्षा</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरुआत पिछले साल 100 बच्चों के साथ की गई थी। इस साल योजना का विस्तार करते हुए 200 प्रतिभाशाली बच्चों को इसमें शामिल किया गया है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>प्रदेश के सभी 33 जिलों से चुने गए ये बच्चे राजकुमार कॉलेज, दिल्ली पब्लिक स्कूल और रुंगटा पब्लिक स्कूल जैसे प्रतिष्ठित निजी आवासीय स्कूलों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक निःशुल्क शिक्षा ले रहे हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाना श्रमिक परिवारों के लिए मुश्किल था, वहां आज सरकार की मदद से उनके बच्चों को पढ़ने का मौका मिल रहा है।</span></p>
<h3><span>बच्चों से बोले CM- बड़े सपने देखो</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत करते हुए कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, शिक्षा, मेहनत और मजबूत इरादे के दम पर आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने बच्चों से अभी से अपने भविष्य का लक्ष्य तय करने को कहा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने कहा कि कोई डॉक्टर, इंजीनियर या वैज्ञानिक बनना चाहता है तो कोई प्रशासनिक अधिकारी, कारोबारी या समाजसेवी। लक्ष्य कुछ भी हो, उसकी मजबूत नींव अच्छी शिक्षा से तैयार होती है।</span></p>
<h3><span>बच्चों के साथ बैठकर किया भोजन</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने पहुंचे। इस दौरान बच्चों ने उनसे उनके बचपन, पढ़ाई, पसंद और जीवन के संघर्षों से जुड़े सवाल पूछे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुख्यमंत्री ने बच्चों के सवालों का सहजता से जवाब दिया और अपने अनुभव साझा किए। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री के साथ इस मुलाकात को खास बताया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>राजनांदगांव के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ रहे बीजापुर के अतीश ने बताया कि उसने कभी नहीं सोचा था कि उसे इतने प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ने का मौका मिलेगा। उसने मुख्यमंत्री के सामने भविष्य में IAS अधिकारी बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने का सपना भी साझा किया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>वहीं रुंगटा पब्लिक स्कूल में पढ़ रही कबीरधाम की इशिका डाहरे ने बताया कि इस योजना से उसका अंग्रेजी बोलने का आत्मविश्वास बढ़ा है।</span></p>
<h3><span>67 योजनाओं से श्रमिकों को मिल रही मदद</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>श्रम विभाग के तीन मंडलों के जरिए श्रमिकों के लिए 67 तरह की कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, मातृत्व सहायता, दिव्यांग सहायता, पेंशन, कौशल विकास, रोजगार और आवास जैसी योजनाएं शामिल हैं।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार के मुताबिक पिछले ढाई साल में 774 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता राशि DBT के जरिए श्रमिकों के खातों में भेजी जा चुकी है।</span></p>
<h3><span>श्रमिक परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर फोकस</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक प्रदेश के विकास की मजबूत नींव हैं। उनके परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा और आगे बढ़ने का मौका देना सरकार की प्राथमिकता है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>उन्होंने बताया कि श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए ऋण और विदेश में पढ़ाई के लिए सहायता जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आर्थिक परेशानी किसी प्रतिभाशाली बच्चे के सपने में रुकावट न बने।</span></p>
<h3><span>दूरदराज के बच्चों तक पहुंच रही शिक्षा</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में भी शिक्षा और विकास के नए रास्ते खुल रहे हैं। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी जैसी पहल की जा रही है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर समेत प्रदेश के दूरदराज इलाकों के बच्चों को भी बड़े शहरों के बच्चों जैसी अच्छी शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलें।</span></p>
<h3><span>श्रमिकों के लिए नई योजनाओं पर भी काम</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि बदलते रोजगार के हिसाब से श्रमिक कल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा रहा है। पार्सल डिलीवरी से जुड़े श्रमिकों को वाहन खरीदने में मदद और चरवाहों के लिए आर्थिक सहायता जैसी नई योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।</span></p>
<p><span>कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, डॉ. रामप्रताप सिंह, सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी, श्रमिक, अभिभावक और विद्यार्थी मौजूद रहे।</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 12:05:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>news@bharatmatatimes.com</dc:creator>
        <media:keywords>Vishnu Deo Sai, Chhattisgarh News, Workers Children, Atal Utkrisht Shiksha Yojana, Labour Welfare Scheme, Chhattisgarh Labour Department, 39.67 Crore Assistance, Raipur News</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>छत्तीसगढ़ में UCC पर बड़ा मंथन, 27 अगस्त को रायपुर में 200 से ज्यादा प्रतिनिधि देंगे सुझाव</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/chhattisgarh-ucc-draft-meeting-raipur-27-august-2026</link>
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        <description><![CDATA[ <p class="isSelectedEnd"><strong><span>रायपुर।</span></strong><span> छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू करने की दिशा में एक और अहम कदम उठाया जा रहा है। 27 अगस्त 2026 को रायपुर के न्यू सर्किट हाउस में UCC के प्रारूप को लेकर राज्य स्तरीय बैठक होगी। बैठक में अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 200 प्रतिनिधियों को बुलाया गया है, जो प्रारूप को लेकर अपने सुझाव और विचार रखेंगे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैठक राजधानी रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में होगी। इसमें छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने के लिए शासन की ओर से गठित उच्च स्तरीय समिति भी मौजूद रहेगी।</span></p>
<h3><span>200 से ज्यादा लोगों से लिए जाएंगे सुझाव</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैठक में आयोग, निगम, मंडल, विकास प्राधिकरणों के पदाधिकारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, समाज प्रमुख, जनप्रतिनिधि, विशेषज्ञ और प्रबुद्ध नागरिक शामिल होंगे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इन सभी से UCC के प्रारूप को लेकर सुझाव लिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि अलग-अलग वर्गों और क्षेत्रों से आने वाले लोगों के अनुभव और सुझाव कानून के संभावित प्रारूप को तैयार करने में अहम होंगे।</span></p>
<h3><span>UCC के प्रावधानों और असर पर होगी चर्चा</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैठक में समान नागरिक संहिता के अलग-अलग प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही इसके सामाजिक असर और इसे लागू करने से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर भी विचार किया जाएगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार की कोशिश है कि ऐसा प्रारूप तैयार किया जाए, जिसमें राज्य के अलग-अलग वर्गों के हितों का ध्यान रखा जा सके।</span></p>
<h3><span>अलग-अलग समूहों से भी लिए जाएंगे सुझाव</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>27 अगस्त की बैठक के अलावा अलग-अलग समूहों को भी चर्चा और सुझाव के लिए अलग से बुलाया जाएगा। यानी UCC के प्रारूप को लेकर व्यापक स्तर पर राय लेने की तैयारी है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके अलावा समान नागरिक संहिता को लेकर लोग ऑनलाइन माध्यम से भी अपने सुझाव दे सकेंगे। प्राप्त सुझावों को प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।</span></p>
<h3><span>कब और कहां होगी बैठक?</span></h3>
<p><strong><span>तारीख:</span></strong><span> 27 अगस्त 2026</span><br><strong><span>स्थान:</span></strong><span> कन्वेंशन हॉल, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, रायपुर</span><br><strong><span>विषय:</span></strong><span> समान नागरिक संहिता के प्रारूप पर चर्चा</span><br><strong><span>प्रतिभागी:</span></strong><span> करीब 200 प्रतिनिधि</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 11:53:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>news@bharatmatatimes.com</dc:creator>
        <media:keywords>Uniform Civil Code Chhattisgarh, UCC Chhattisgarh, UCC Draft, Chhattisgarh UCC, Raipur UCC Meeting, Uniform Civil Code Meeting, Chhattisgarh News</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>रायपुर में ‘पावस प्रसंग’ ने बांधा समां, कथक और शास्त्रीय संगीत से सजी सावन की शाम</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/raipur-pavas-prasang-kathak-shastriya-sangeet</link>
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        <description><![CDATA[ <p class="isSelectedEnd"><strong><span>रायपुर।</span></strong><span> सावन की फुहारों और घुमड़ते बादलों के बीच रायपुर के मुक्ताकाशी मंच पर ‘पावस प्रसंग’ की खूबसूरत शाम सजी। कथक के घुंघरुओं की झंकार और शास्त्रीय संगीत के सुरों ने माहौल को संगीतमय बना दिया। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए बारिश के मौसम की खूबसूरती, उमंग और भावनाओं को मंच पर उतारा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>कार्यक्रम में कथक नृत्य और शास्त्रीय गायन की प्रस्तुतियां हुईं। खुले आसमान के नीचे हुए इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में कला प्रेमी और दर्शक पहुंचे।</span></p>
<h3><span>कथक में दिखी सावन की उमंग</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>कथक कलाकार शाश्वती बैनर्जी ने अपनी प्रस्तुति में सावन की उमंग, बादलों की गरज और बारिश की फुहारों को नृत्य के जरिए दिखाया। भाव, लय और ताल के सुंदर मेल ने दर्शकों का ध्यान खींचा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>इसके बाद इशिका गिरी ने कथक की प्रस्तुति दी। उनके नृत्य में बारिश के मौसम की खुशी और खूबसूरती दिखाई दी। प्रस्तुति के बाद दर्शकों ने तालियों के साथ कलाकार का उत्साह बढ़ाया।</span></p>
<h3><span>शास्त्रीय गायन ने भी मोहा मन</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>मेघा बोस ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। उनके सुरों में बारिश के मौसम की कोमल भावनाओं की झलक दिखाई दी। वहीं मेवाती घराने के शास्त्रीय गायक प्रदीप कुमार चौबे ने अपनी गायकी से कार्यक्रम में रंग भर दिया।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>कथक की लय, घुंघरुओं की आवाज और शास्त्रीय संगीत के सुरों के बीच सावन की फुहारों ने कार्यक्रम का माहौल और खास बना दिया।</span></p>
<h3><span>कलाकारों का हुआ सम्मान</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>कार्यक्रम के दौरान साहित्य परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने प्रतिभागी कलाकारों को सम्मानित किया। उन्होंने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय शास्त्रीय कला हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>कार्यक्रम के संचालक डॉ. संजय कनौजे ने भी कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कला और कलाकारों को अलग-अलग मंचों पर प्रोत्साहन देने की जरूरत पर जोर दिया।</span></p>
<h3><span>कला प्रेमियों से भरा रहा मुक्ताकाशी मंच</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>कार्यक्रम में उप संचालक उमेश मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार एवं फोटोग्राफर दीपेंद्र दीवान और उदयभान सिंह समेत बड़ी संख्या में कला प्रेमी, श्रोता और दर्शक मौजूद रहे।</span></p>
<p><span>‘पावस प्रसंग’ में प्रकृति और कला का खूबसूरत मेल देखने को मिला। एक तरफ आसमान में घुमड़ते बादल और सावन की फुहारें थीं, तो दूसरी तरफ कथक की लय और शास्त्रीय संगीत के सुर। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बारिश के मौसम को एक खूबसूरत सांस्कृतिक अनुभव में बदल दिया।</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 10:53:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>news@bharatmatatimes.com</dc:creator>
        <media:keywords>Pavas Prasang, Raipur Cultural Program, Kathak Dance, Classical Music, Raipur News, Chhattisgarh Culture, Shashwati Banerjee, Megha Bose</media:keywords>
    </item>
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        <title>छत्तीसगढ़ बीजेपी की बड़ी बैठक आज, सेवा संकल्प अभियान को लेकर बनेगी रणनीति</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/chhattisgarh-bjp-meeting-seva-sankalp-abhiyan-raipur</link>
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        <description><![CDATA[ <p class="isSelectedEnd"><strong><span>रायपुर।</span></strong><span> छत्तीसगढ़ बीजेपी की आज बड़ी बैठक होने जा रही है। सेवा संकल्प अभियान को लेकर होने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत बीजेपी संगठन के प्रमुख नेता शामिल होंगे। बैठक में अभियान को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संवैधानिक पद पर 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर चलाया जाएगा। बैठक में राष्ट्र स्तर से पार्टी को दिए गए टॉस्क की जानकारी भी प्रदेश के नेताओं और पदाधिकारियों को दी जाएगी।</span></p>
<h3><span>सेवा संकल्प अभियान को लेकर होगी चर्चा</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>बीजेपी की बैठक में सेवा संकल्प अभियान को लेकर विस्तार से चर्चा होगी। अभियान के तहत पार्टी की ओर से तय किए गए कार्यक्रमों और गतिविधियों को लेकर प्रदेश स्तर पर तैयारियां की जाएंगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैठक में अभियान को लेकर राष्ट्रीय स्तर से मिले निर्देशों और टॉस्क की जानकारी भी दी जाएगी। इसके बाद प्रदेश में अभियान को आगे बढ़ाने की रणनीति तय की जाएगी।</span></p>
<h3><span>OP चौधरी को केंद्रीय टोली में मिली जिम्मेदारी</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी को सेवा संकल्प अभियान की केंद्रीय टोली का सदस्य बनाया गया है। ऐसे में अभियान को लेकर होने वाली इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ संगठन के नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे।</span></p>
<h3><span>शाम 6:30 बजे से शुरू होगी बैठक</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>छत्तीसगढ़ बीजेपी की यह बैठक शाम 6:30 बजे से रात 9 बजे तक चलेगी। करीब ढाई घंटे चलने वाली बैठक में अभियान से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।</span></p>
<p><span>बीजेपी की ओर से अभियान को लेकर प्रदेश में किस तरह के कार्यक्रम किए जाएंगे, इसकी रूपरेखा भी बैठक के बाद साफ हो सकती है।</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 10:44:43 +0530</pubDate>
        <dc:creator>news@bharatmatatimes.com</dc:creator>
        <media:keywords>Chhattisgarh BJP, BJP Meeting Raipur, Seva Sankalp Abhiyan, Vishnu Deo Sai, OP Choudhary, Chhattisgarh Politics, BJP News, Raipur News</media:keywords>
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        <title>रक्षाबंधन से पहले CM साय की बड़ी सौगात, 67 लाख बहनों के खातों में आएंगे 631 करोड़</title>
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        <description><![CDATA[ <p class="isSelectedEnd"><strong><span>रायपुर।</span></strong><span> रक्षाबंधन से पहले छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त जारी करेंगे। डौण्डीलोहारा में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री 67 लाख 28 हजार 918 महिलाओं के बैंक खातों में 631 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर करेंगे।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>यह राज्य स्तरीय कार्यक्रम डौण्डीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय बिहान दीदियों और स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के सम्मान समारोह में भी शामिल होंगे।</span></p>
<h3><span>67 लाख से ज्यादा महिलाओं के खातों में पहुंचेगी राशि</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के तहत प्रदेश की 67 लाख 28 हजार 918 महिलाओं को लाभ मिलेगा। सरकार की ओर से 631 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की राशि का अंतरण किया जाएगा।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>रक्षाबंधन से ठीक पहले किस्त जारी होने से महिलाओं को आर्थिक मदद मिलेगी। योजना के तहत मिलने वाली राशि का इस्तेमाल महिलाएं अपनी जरूरतों के हिसाब से कर सकती हैं।</span></p>
<h3><span>30 किस्तों में दी जा चुकी है 19,444 करोड़ की मदद</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 30 किस्तों में महिलाओं को 19,444 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। अब 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ 38 लाख रुपये से अधिक की राशि खातों में भेजी जाएगी।</span></p>
<p class="isSelectedEnd"><span>सरकार के मुताबिक, महतारी वंदन योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। इसके साथ ही योजना महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी जरूरतों में भी मददगार साबित हो रही है।</span></p>
<h3><span>बिहान दीदियों और स्व-सहायता समूहों का सम्मान</span></h3>
<p class="isSelectedEnd"><span>डौण्डीलोहारा में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बिहान दीदियों और स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं का सम्मान करेंगे। कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर तैयारियां पूरी की जा रही हैं।</span></p>
<p><span>रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त जारी होने को प्रदेश की महिलाओं के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।</span></p> ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 10:24:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>news@bharatmatatimes.com</dc:creator>
        <media:keywords>Mahtari Vandan Yojana, Mahtari Vandan Yojana 31st Installment, Vishnu Deo Sai, Chhattisgarh News, Dondilohara, Women Empowerment, Chhattisgarh Governmen</media:keywords>
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