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    <title>Bharat Mata Times &amp; Pranjali Kawanpure</title>
    <link>https://bharatmatatimes.com/rss/author/pranjali-kawanpure</link>
    <description>Bharat Mata Times &amp; Pranjali Kawanpure</description>
    <dc:language>en</dc:language>
    <dc:creator></dc:creator>
    <dc:rights>Copyright 2023 Bharat Mata Times &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
    <item>
        <title>तेज रफ्तार कार नहर में गिरी</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/The-speeding-car-fell-into-the-canal.</link>
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        <description><![CDATA[ <p><strong>जालौन।</strong><span> </span>जिले में रफ्तार का कहर देखने को मिला। जहां तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में कार सवार दो लोगों की मौत हो गई। घटना से इलाके में कोहराम मच गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की छानबीन चल रही है।</p>
<div class="lalluramjust-baat-body-code" id="lalluram652375995">
<div id="JBM_ARTICLE_inline-p1"></div>
</div>
<h3 class="wp-block-heading">दवा लेने गए थे कार सवार</h3>
<p>यह पूरा मामला जिले के कोटरा क्षेत्र के कोटरा-एट नहर का है। जहां पचीपुरा गांव के रहने वाले जितेंद्र सिंह (50) और इंद्रपाल सिंह (55) कार से पथरी की दवा लेने के लिए कोटरा गए थे। दवा लेकर वे वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार सामने से आ रही मोटरसाइकिल से टकरा गई। टक्कर इतनी खतरनाक थी कि बाइक सवार पति पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 15:46:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Pranjali Kawanpure</dc:creator>
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    <item>
        <title>20 बच्चों को बचाने के लिए दे दी जान</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/He-sacrificed-his-life-to-save-20-children.</link>
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        <description><![CDATA[ <p><strong>आकाश श्रीवास्तव, नीमच।</strong><span> </span>मध्य प्रदेश के नीमच जिले के रानपुर गांव में मानवता और ममता की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसे सुनकर हर किसी की आंख नम हो गई। मडावदा पंचायत के आंगनवाड़ी केंद्र पर जब अचानक मधुमक्खियों के खूंखार झुंड ने हमला किया, तो वहां मौजूद कंचन बाई मेघवाल ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मौत से मुकाबला किया। जिस समय परिसर में खेल रहे मासूम बच्चों पर मधुमक्खियां झपटीं, कंचन बाई उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ीं। उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए बच्चों को तिरपाल और दरी से ढका और एक-एक कर करीब 20 बच्चों को सुरक्षित कमरों के भीतर पहुंचाया। मासूमों को मौत के मुंह से निकालने के इस प्रयास में हजारों मधुमक्खियों ने कंचन बाई को अपना निशाना बना लिया और उन पर टूट पड़ीं।</p>
<div class="lalluramjust-baat-body-code" id="lalluram879107822">
<div id="JBM_ARTICLE_inline-p1"></div>
</div>
<p>आसपास के लोगों ने जब तक कंचन बाई को बचाने का प्रयास किया, तब तक वे बुरी तरह घायल हो चुकी थीं। सूचना पर पहुंची डायल 112 के आरक्षक कालूनाथ और पायलट राजेश राठौर ने उन्हें तत्काल सरवानिया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। कंचन बाई न केवल आंगनवाड़ी में मध्यान भोजन बनाती थीं, बल्कि जय माता दी स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष के रूप में गांव की सक्रिय महिला भी थीं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि उनके पति शिवलाल पहले से ही पैरालिसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और अब एक बेटे व दो बेटियों के सिर से मां का साया भी उठ गया है।</p>
<p>इस घटना के बाद से पूरे रानपुर गांव में मातम के साथ-साथ भारी दहशत व्याप्त है। आलम यह है कि गांव में पानी भरने का एकमात्र स्रोत वह हेडपंप है जो आंगनवाड़ी के पास लगा है, लेकिन मधुमक्खियों के उसी पेड़ पर जमे होने के कारण ग्रामीणों ने वहां जाना छोड़ दिया है। ग्रामीण अब प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं कि कब इन छत्तों को हटाकर क्षेत्र को सुरक्षित किया जाएगा।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 15:35:52 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Pranjali Kawanpure</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>बाल कलाकार के रूप में की थी करियर की शुरुआत</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/She-started-her-career-as-a-child-artist.</link>
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        <description><![CDATA[ <p class="has-text-align-right"><strong>बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) आज अपना 51वां जन्मदिन मना रही हैं. उर्मिला ने हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. उन्होंने अपने करियर में कई हिट फिल्में दीं और अपनी दमदार अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत लिया. हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) ने बेहद कम उम्र में ही फिल्मी दुनिया में कदम रख लिया था. एक्ट्रेस की गिनती उन अभिनेत्रियों में होती है, जिन्होंने न सिर्फ ग्लैमरस किरदार निभाया है, बल्कि अपने एक्टिंग से भी लोगों को प्रभावित किया है.</strong></p>
<div class="lalluramjust-baat-body-code" id="lalluram566253794">
<div id="JBM_ARTICLE_inline-p1"></div>
</div>
<h2 class="wp-block-heading">इस फिल्म से हुई करियर की शुरुआत</h2>
<p>बता दें कि उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) ने अपने करियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार 1980 में आई फिल्म ‘कलयुग’ (Kalyug) से की थी. यह फिल्म महाभारत की आधुनिक व्याख्या थी और इसमें उर्मिला ने एक छोटी मगर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. हालांकि, उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) को असली पहचान 1983 में आई ‘मासूम’ (Masoom) से मिली, जिसमें उन्होंने एक चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में दर्शकों का दिल जीत लिया था. इस फिल्म में उनके अभिनय की जमकर तारीफ हुई और उनके टैलेंट की झलक लोगों को दिखी.</p>
<h2 class="wp-block-heading">‘रंगीला’ से बनी स्टार</h2>
<p>बाल कलाकार के रूप में पहचान बनाने के बाद उर्मिला मातोंडकर (Urmila Matondkar) ने कुछ फिल्मों में सहायक भूमिकाएँ निभाईं, लेकिन 1995 में आई फिल्म ‘रंगीला’ (Rangeela) ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया. राम गोपाल वर्मा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उर्मिला के ग्लैमरस अवतार और शानदार अभिनय को खूब सराहा गया. फिल्म ‘रंगीला’ (Rangeela) में आमिर खान (Amir Khan) और जैकी श्रॉफ (Jackie Shroff) के साथ उनकी जोड़ी को भी पसंद किया गया. ‘रंगीला’ के बाद उर्मिला ने ‘जुदाई’, ‘सत्या’, ‘प्यार तूने क्या किया’, ‘भूत’ और ‘एक हसीना थी’ जैसी कई हिट फिल्मों में काम किया.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 15:25:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Pranjali Kawanpure</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>अब टेस्ट क्रिकेट में नहीं होगा ऐसा, हवा में बल्ला उछालने पर मिलेगी ‘सजा’</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/This-will-no-longer-happen-in-Test-cricket-tossing-the-bat-in-the-air-will-result-in-a-penalty.</link>
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        <description><![CDATA[ <p><strong>73 Cricket rules changes:<span> </span></strong>टी20 विश्व कप 2026 का मंच तैयार है. 7 फरवरी से इस मेगा इवेंट का आगाज होने जा रहा है. इस टूर्नामेंट से ठीक पहले क्रिकेट के 73 नियम बदल दिए गए हैं. ये सभी बदलाव मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने किए हैं, जो क्रिकेट के नियम बनाती है. बदले गए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे. इस बार डेड बॉल, ओवरथ्रो, बाउंड्री पर लिए जाने वाले कैच, विकेटकीपर की पोजीशन जैसे कई नियम बदले गए हैं. 2022 के बाद नियमों में यह सबसे बड़ा अपडेट माना जा रहा है. यहां हम आपके लिए टेस्ट क्रिकेट में हुए उन 2 सबसे बड़े बदलाव के बारे में बता रहे हैं, जो बेहद खास हैं और हर तरफ इस बदलाव की चर्चा हो रही है.</p>
<h3 class="wp-block-heading">पहला बड़ा बदलाव- टेस्ट मैच के आखिरी ओवर से जुड़ा है</h3>
<p>टेस्ट क्रिकेट के जिस नियम में सबसे बड़ा बदलाव हुआ है, वो टेस्ट मैच के दौरान दिन के आखिरी ओवर से जुड़ा है. अब अगर टेस्ट मैच के दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरेगा, तो वो दिन वहीं खत्म नहीं होगा. नया बदलाव ये है कि दिन का आखिरी ओवर हर हाल में पूरा किया जाएगा, चाहे कुछ भी हो. ये बदलाव लॉ 12.5.2 के तहत किया गया है. एमसीसी की नियम उप-समिति का ये मानना था कि पुराना नियम बैटिंग टीम के पक्ष में झुका था और रोमांच खत्म हो जाता था, लेकिन अब बैटर को दिन के आखिरी ओवर की सभी बॉल खेलनी पड़ेंगी.</p>
<h3 class="wp-block-heading">आखिर क्यों बदला गया ये नियम?</h3>
<p>इस नियम को बदलने को लेकर एमसीसी ने जो कहा, वो भी आपको जानना चाहिए. एमसीसी ने अपने बयान में कहा कि ‘अगर फील्डिंग टीम आखिरी ओवर में विकेट लेती है और बल्लेबाजी टीम को नया खिलाड़ी भेजने की जरूरत नहीं पड़ती, तो यह नाइंसाफी है. यह वक्त अक्सर बॉलर्स के लिए अनुकूल होता है, ऐसे में रोमांच खत्म हो जाता है.’ यही वजह है कि अब आगे ऐसा नहीं होगा.</p>
<h3 class="wp-block-heading">दूसरा बड़ा बदलाव हिट विकेट को लेकर हुआ</h3>
<p>क्रिकेट में दूसरा बड़ा बदलाव हिट विकेट को लेकर हुआ है. एमसीसी ने लॉ 35.1.1 और 35.2 के तहत अब हिट विकेट को लेकर स्थिति बेहद साफ कर दी है. अब अगर कोई भी बल्लेबाज शॉट खेलने के बाद संतुलन खो देता है और कुछ कदम इधर-उधर लेने के बाद स्टम्प्स पर गिर जाता है, तो उसे हिट विकेट आउट माना जाएगा, भले ही गेंद काफी पहले खेली जा चुकी हो. लेकिन अगर बैटर किसी फील्डर से टकराकर स्टम्प्स पर गिरता है, तो फिर वो हिट विकेट आउट नहीं माना जाएगा.</p>
<p>एक और गौर करने वाली बात ये है कि अगर बल्ला हाथ से छूटकर विकेट से टकरा जाता है, तो बैटर अब आउट माना जाएगा. लेकिन बल्ला हाथ से छूटने के बाद विकेटकीपर या किसी खिलाड़ी से टकराने के बाद स्टम्प्स से टकराए और फिर विकेट गिरे, तो वह नॉट आउट ही रहेगा.</p>
<h3 class="wp-block-heading">तीसरी दफा हुआ इतने बड़े बदलाव</h3>
<p>क्रिकेट के इतिहास में यह तीसरी दफा है जब इतने बड़े स्तर पर 2017 के कोड के बाद नियमों में संशोधन हुआ है. इससे पहले 2019 और फिर 2022 में बदलाव हुए थे. नए बदलावों को घरेलू क्रिकेट में लागू किया जाएगा या नहीं, यह राष्ट्रीय क्रिकेट बोर्ड्स पर छोड़ा गया है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 15:11:42 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Pranjali Kawanpure</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>दलित युवक को पीटा&amp;मुर्गा बनाया और प्राइवेट पार्ट पकड़ने के लिए किया मजबूर</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/A-Dalit-youth-was-beaten,-forced-into-a-humiliating-position,-and-made-to-hold-his-private-parts.</link>
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        <description><![CDATA[ <p><strong>योगेश पाराशर, मुरैना।</strong><span> </span>मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश की दबंगई ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पैसे के लेनदेन को लेकर आरोपी ने एक दलित युवक को न सिर्फ बेरहमी से पीटा, बल्कि उसे मुर्गा बनाकर अमानवीय हरकत करने पर मजबूर किया। इतना ही नहीं आरोपी ने पूरी घटना का वीडियो भी बनवाया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला अंबाह थाना क्षेत्र का है।</p>
<div class="lalluramjust-baat-body-code" id="lalluram906137510">
<div id="JBM_ARTICLE_inline-p1"></div>
</div>
<p>मुरैना के अंबाह थाना क्षेत्र में दबंगई की ये तस्वीरें समाज को झकझोर देने वाली हैं। रेत का पुरा निवासी उई उर्फ धर्मेंद्र तोमर, जो कि पुलिस रिकॉर्ड में आदतन अपराधी बताया जा रहा है, उसने किराए से रहने वाले एक दलित युवक को पैसे समय पर न देने के विवाद में अपने घर बुलाया।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 14:13:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Pranjali Kawanpure</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>दिल्ली में तड़पते शख्स को मरता छोड़ मोबाइल लूट ले गए स्कूटी सवार, CCTV फुटेज से खुला राज</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/turtles-found-at-the-capitals-railway-station-311-turtles-recovered-during-checking-40</link>
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        <description><![CDATA[ <p><strong>दिल्ली के रन्होला इलाके में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। सड़क पर चलते समय एक शख्स अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों से मदद की उम्मीद थी, लेकिन इसी दौरान एक राहगीर ने कथित तौर पर उसकी सहायता करने के बजाय उसका सामान चुराने की कोशिश की और मौके से फरार हो गया। कुछ समय बाद उस शख्स की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा है और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।</strong></p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 13:12:27 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Pranjali Kawanpure</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>राजधानी के रेलवे स्टेशन पर मिले कछुए: चेकिंग के दौरान 311 कछुए बरामद</title>
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        <description><![CDATA[ <p>भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, आरपीएफ और वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान कछुए पकड़े गए है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिसके पास से दो बैग में 311 कछुए बरामद हुए है। बताया जा रहा है कि आरोपी रेलवे कोच में अटेंडर का काम करता है। फिलहाल एसटीएफ पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, भोपाल के बैरागढ़ के संत हिरदाराम रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ को बैग चेकिंग के दौरान कछुए मिले। अजय सिंह राजपूत पिता रामकुमार के पास दो बैग में 311 कछुए बरामद हुए। इसके बाद वन विभाग को जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स और वन विभाग का स्टाफ मौके पर पहुंचा। पकड़ा गया आरोपी अजय सिंह रेलवे कोच में अटेंडर का काम करता है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि ढाई हजार की लालच में वह इन कछुओं को देवास और इंदौर में पार्सल करने के लिए ले जा रहा था।</p>
<p>आरपीएफ की पूछताछ में रविंद्र कश्यप नामक व्यक्ति ढाई हजार रुपए की लालच देकर आरोपी से कछुए की तस्करी करा रहा था। फिलहाल आरोपी के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 237/23 पंजीबद्ध किया गया है। आरपीएफ और वन विभाग की कार्रवाई के बाद एसटीएफ ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है, आज उसे माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 13:04:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Pranjali Kawanpure</dc:creator>
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