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    <title>Bharat Mata Times &amp; Bharat Mata Times</title>
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    <description>Bharat Mata Times &amp; Bharat Mata Times</description>
    <dc:language>en</dc:language>
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    <dc:rights>Copyright 2023 Bharat Mata Times &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
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        <title>गुजरात में खालिस्तान धमकी: 32 स्कूलों को खाली कराया गया</title>
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        <description><![CDATA[ <p>गुजरात के 32 स्कूलों में ईमेल के जरिए बम की धमकी दी गई है। वडोदरा के 17 और अहमदाबाद के 15 स्कूल शामिल हैं। ईमेल में लिखा गया कि गुजरात खालिस्तान बन जाएगा, हिंदुस्तान टुकड़ों में बंट जाएगा। जानकारी सामने आते ही पैरेंट्स तुरंत स्कूल पहुंचे और बच्चों को वापस ले आए। बम निरोधक दस्ते ने स्कूलों में तलाशी शुरू कर दी है। फिलहाल स्कूलों को खाली करा लिया गया है और वाहनों व स्कूल परिसरों की जांच की जा रही है। एहतियात के तौर पर वडोदरा के उर्मी स्कूल के छात्रावास को भी खाली करा लिया गया है।पुलिस बोली- ईमेल भेजने वाले का पता लगा रहे हैं<br>वडोदरा पुलिस कमिश्नर नरसिम्हा कुमार ने बताया कि टीचर्स और स्टूडेंट को स्कूलों से घर भेज दिया गया है। 9 स्कूलों पर जांच पूरी हो चुकी है, बाकी जगह जारी है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जाएगी। हम पता लगा रहे हैं कि ईमेल किस आईडी से और कहां से भेजा गया है।<br>सभी बच्चों को घर भेजा गया<br>वडोदरा के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उर्मी, डीआर अमीन, नालंदा, जीवन साधना, शानन स्कूल और नवयुग स्कूल को खाली करा दिया गया है। उर्मी स्कूल के छात्रावास से भी बच्चों को जांच के चलते बाहर किया गया है। अहमदाबाद के ट्यूलिप स्कूल, SGVP गुरुकुल, सिल्वर बेल स्कूल, निरमा विश्वविद्यालय, एजी हाई स्कूल, जेजी इंटरनेशनल स्कूल, विद्यानगर स्कूल, दीवान बल्लूभाई स्कूल, सीएन स्कूल, खालसा लिटिल समेत अन्य स्कूलों में पुलिस की टीम पहुंच गई है। सभी स्कूल परिसर खाली हैं।धमकी भरे ईमेल में क्या लिखा है?<br>गुजरात समाचार की ओर से साझा किए गए धमकी भरे ईमेल में वही भाषा लिखी है जो पिछले दिनों दिल्ली और अन्य स्कूलों में भेजे गए ईमेल में लिखी थी। इसमें लिखा है, “गुजरात बनेगा खालिस्तान। कार बम धमाका, अहमदाबाद-बड़ौदा के स्कूल बसों में। खालिस्तान सिखों के दुश्मन गुजराती मोदी-शाह निशाने पर हैं। कार बम धमाके के हथियार खालिस्तान के। पंजाब की आजादी तक, हिंदुस्तान के टुकड़े-टुकड़े।” बता दें, अहमदाबाद के कई स्कूलों को पिछले दिनों भी धमकी मिली थी।गुजरात के उपमुख्यमंत्री ने जांच की बात कही<br>गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने लगातार धमकियों को लेकर कहा कि पुलिस महानिदेशक को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। राज्य में धमकी को लेकर एक गहन और विस्तृत जांच चल रही है। सतर्क रहने को कहा गया है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 17:57:49 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>यूक्रेन युद्ध: अमेरिका की मध्यस्थता में रूस&amp;यूक्रेन की जिनेवा में त्रिपक्षीय वार्ता</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/ukraine-war-us-brokered-russia-ukraine-trilateral-talks-in-geneva</link>
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        <description><![CDATA[ <p>यूक्रेन में पिछले चार साल से जारी जंग को खत्म करने के लिए एक बार फिर अमेरिका के नेतृत्व में रूस और यूक्रेन की बातचीत होने जा रही है. ये वार्ता स्विट्जरलैंड के जिनेवा में मंगलवार और बुधवार को होगी, जिसमें तीनों देशों के राजनयिक ट्रंप प्रशासन की ओर से दिए गए शांति प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे. इससे पहले यूक्रेन में शांति के लिए त्रिपक्षीय बैठक संयुक्त अरब अमीरात के अबूधाबी शहर में हुई थी, जिसमें नतीजा तो कुछ भी नहीं निकला लेकिन वार्ता जारी रखने पर सहमति जरूर बनी. यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के प्रयासों के तहत अमेरिका के नेतृत्व में रूस और यूक्रेन के बीच जिनेवा में दो दिवसीय त्रिपक्षीय वार्ता होने जा रही है. वार्ता में डोनबास क्षेत्र को लेकर मतभेद सबसे बड़ी चुनौती है.<br>न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक यूक्रेन में जंग खत्म करने को लेकर  रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत अंतिम दौर में है. बस पेच फंसा है यूक्रेन के पूर्वी  क्षेत्र डोनबास को लेकर. रूस चहता है कि डोनबास उसका इलाका बन जाए. लेकिन यूक्रेन अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं है.<br>म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका की मध्यस्थता से सकारात्मक नतीजे निकलने की उम्मीद है, हालांकि यूरोप को बातचीत से बाहर रखना एक गंभीर गलती है.<br>वहीं इस बातचीत को लेकर यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि अमेरिका की मध्यस्थता से होने वाली शांति वार्ता सार्थक होगी म्यूनिख सिक्योरिटी कॉन्फ्रेंस पर बोलते हुए जेलेंस्की ने कहा, ‘हम पूरी उम्मीद करते हैं कि अगले हफ्ते होने वाली त्रिपक्षीय बैठकें गंभीर, सार्थक और हम सभी के लिए उपयोगी होंगी.<br>लेकिन सच कहें तो कभी-कभी ऐसा लगता है कि दोनों पक्ष बिल्कुल अलग-अलग विषयों पर बात कर रहे हैं. अमेरिकी अक्सर रियायतों के मुद्दे पर लौट आते हैं, और अक्सर उन रियायतों पर चर्चा केवल यूक्रेन के संदर्भ में होती है, रूस के संदर्भ में नहीं. यूरोप तो बातचीत की मेज पर मौजूद ही नहीं है. मेरे विचार से ये एक बड़ी गलती है.<br>दरअसल अमेरिका यूक्रेन में जंग खत्म करने के लिए रूस से सीधे तौर पर कई दौर की बातचीत कर चुका है. लेकिन इस बातचीत में यूरोपीय देशों को शामिल नहीं किया गया, जिससे ना सिर्फ जेलेंस्की, बल्कि कई यूरोपीय देश भी नाराजगी जता चुके हैं.<br>फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने तो कुछ दिन पहले यहां तक कह दिया था कि वॉशिंगटन यूक्रेन के साथ विश्वघात कर सकता है. पश्चिमी मीडिया के मुताबिक मैक्रों ने ये बयान ट्रंप और पुतिन की नजदीकियों की वजह से दिया था. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कई बार रूसी राष्ट्रपति को अपना दोस्त बता चुके हैं. साथ ही ट्रंप ने पिछले साल जनवरी में सत्ता में आने के बाद यूक्रेन को दी जा रही भारी भरकम सैन्य मदद पर रोक लगा दी थी.<br>यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की और नाटो में अमेरिकी राजदूत के इस बयान से एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि रूस जंग खत्म करने को लेकर समझौता करने को तैयार है और अगर यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की चाहे तो जल्द ही समझौता हो सकता है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 17:52:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>राजपाल यादव को तिहाड़ से जमानत, भतीजी की शादी में शामिल होने की मिली अनुमति</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/rajpal-yadav-gets-bail-from-tihar-jail-allowed-to-attend-nieces-wedding</link>
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        <description><![CDATA[ <p>एक्टर राजपाल यादव (Rajpal Yadav) इस समय तिहाड़ जेल में बंद हैं. उन्हें साल 2012 की फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़े चेक-बाउंस केस में उन्होंने 5 फरवरी को दिल्ली के तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था. इस मामले में आज यानी 16 फरवरी को सुनवाई हुई और कोर्ट ने एक्टर को बड़ी राहत देते हुए उनकी जमानत को मंजूरी दे दी है.कोर्ट ने 1.5 करोड़ का डीडी जमा करने का दिया था अल्टीमेटम बता दें कि राजपाल यादव (Rajpal Yadav) को उनकी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने इजाजत दे दिया है. एक्टर को 18 मार्च तक अंतरिम जमानत मिल गई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव (Rajpal Yadav) के वकील को अंतरिम जमानत के लिए प्रतिवादी के नाम पर 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने के लिए दोपहर 3 बजे तक का टाइम दिया था.दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा अगर आप डिमांड ड्राम आज दोपहर 3 बजे तक जमा कर देते हैं, तो हम आपको रिहा कर देंगे अगर नहीं कर पाए तो हम कल सुबह इस मामले पर सुनवाई करेंगे. वहीं राजपाल यादव के वकील ने HC को जानकारी दी कि उन्होंने 1.5 करोड़ की डीडी जमा करा दिया है. इसके बाद भतीजी की शादी में शाहजहांपुर में शामिल होने के लिए एक्टर को अंतरिम रिहाई मिल गई है. लेकिन उनको पासपोर्ट सरेंडर कराने का आदेश दिया गया है. वहीं, अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी. राजपाल यादव ने 5 फरवरी को किया था सरेंडर बता दें कि राजपाल यादव (Rajpal Yadav) ने 5 फरवरी को दिल्ली की तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था. सरेंडर करने से पहले उन्होंने कहा, “सर, मुझे क्या करना चाहिए? मेरे पास पैसे नहीं हैं, मुझे कोई सॉल्यूशन नहीं दिख रहा है. हम सब यहां अकेले हैं, मुझे इस प्रॉब्लम से खुद ही निपटना होगा.” राजपाल यादव का बयान ऑनलाइन सामने आने के बाद, कई बॉलीवुड सेलिब्रिटी उन्हें फाइनेंशियली सपोर्ट करने के लिए आगे आए थे. उनके मैनेजर गोल्डी जैन के मुताबिक, सलमान खान, सोनू सूद, अजय देवगन, वरुण धवन और फिल्ममेकर डेविड धवन जैसे एक्टर्स ने मदद की है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 17:45:45 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>CBSE 12वीं बोर्ड 2026: सप्लीमेंट्री एग्जाम में नियमों में बड़ा बदलाव, अब सिर्फ एक विषय में सुधार संभव</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/cbse-12th-board-2026-major-changes-in-rules-for-supplementary-exams-now-improvement-possible-in-only-one-subject</link>
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        <description><![CDATA[ <p>CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई (CBSE 12th Board Exam New Rule) 12वीं बोर्ड का एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स के लिए एक बड़ा अपडेट है। सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड के स्टूडेंट्स के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम (supplementary exam) देने के नियम में बड़ा बदलाव किया है। सीबीएसई का ये फैसला देशभर के लाखों स्टूडेंट्स को प्रभावित करेगा।सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए एक और नियम में बदलाव किया है। पूर्व तक 12वीं का रिजल्ट आने के बाद स्टूडेंट्स 1 से अधिक सब्जेक्ट में नंबर सुधार के लिए सप्लीमेंट्री यानी इंप्रूवमेंट एग्जाम में शामिल हो सकते थे, ये सप्लीमेंट्री एग्जाम रिजल्ट आने के दो महीने के अंदर आयोजित होता था। इस नियम में सीबीएसई ने बड़ा बदलाव किया है। अब 12वीं बोर्ड के परीक्षार्थियों एक ही सब्जेक्ट में सप्लीमेंट्री एग्जाम दे सकेंगे। यानी सीबीएसई 12वीं बोर्ड के परीक्षार्थियों को अब सिर्फ एक ही सब्जेक्ट के नंबर सुधारने का मौका मिलेगा।<br>1 से अधिक सब्जेक्ट में नंबर सुधार के लिए देनी होगी मेन परीक्षा<br>सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड के परीक्षार्थियों के लिए नियमों में बदलाव करते हुए जानकारी दी है कि एक से अधिक सब्जेक्ट में नंबर सुधार करने का मौका स्टूडेंट्स को पहले की तरह मिलता रहेगा। सीबीएसई ने कहा है कि 12वीं बोर्ड का एग्जाम देने वाले जिन भी स्टूडेंट्स को एक से अधिक सब्जेक्ट्स में नंबर सुधार करवाने हैं, उन्हें अगले साल आयोजित होने वाली मेन बोर्ड परीक्षा में शामिल होना होगा। यानी एक से अधिक सब्जेक्ट्स में नंबर सुधार करने के लिए स्टूडेंट्स को अगले साल होने वाले मेन एग्जाम में शामिल होना होगा।<br>नियमों में बदलाव का स्टूडेंट्स पर क्या असर<br>सीबीएसई ने 12वीं बोर्ड एग्जाम देने वाले स्टूडेंट्स के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत रिजल्ट के बाद जारी होने के बाद नंबर सुधार के मौकोंं को सीमित कर दिया है। अब स्टूडेंट्स सिर्फ एक ही विषय पर सप्लीमेंट्री एग्जाम दे सकेंगे। ऐसे में स्टूडेंट्स को अपना साल खराब होने से बचाने के लिए बोर्ड एग्जाम के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।15 जुलाई 2026 को सप्लीमेंट्री एग्जाम<br>सीबीएसई ने 2026 बोर्ड परीक्षाओं के सप्लीमेंट्री एग्जाम का टेंटिव शेड्यूल भी जारी कर दिया है। सीबीएसई ने कहा है कि 12वीं बोर्ड 2026 के स्टूडेंट्स के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। वही सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि मई 2026 में रिजल्ट जारी किया जाएगा। इसके बाद सप्लीमेंट्री एग्जाम के लिए एक सर्कुलर जारी किया जाएगा। इसके बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू होंगी।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 16:54:30 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>असम कांग्रेस में हलचल: भूपेन बोरा का इस्तीफा और अचानक वापसी</title>
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        <description><![CDATA[ <p>असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने सोमवार (16 फरवरी 2026) को पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा सौंपने के कुछ घंटों बाद ही इसे वापस भी ले लिया. कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे अपने इस्तीफे में दावा किया था कि पार्टी नेतृत्व की ओर से नजरअंदाज किया जा रहा है. भूपेन बोरा ने इससे पहले बताया कि उन्होंने सुबह करीब 8 बजे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को अपना इस्तीफा भेजा था. हालांकि, थोड़े बहुत मान मनौव्वल के बाद बोरा ने अपना इस्तीफा वापस भी ले लिया.भूपेन बोरा का पार्टी हाईकमान पर आरोप<br>उन्होंने ने कहा था, ‘मैंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. मैंने अपना इस्तीफा पहले ही केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है. यह फैसला आत्मसम्मान की रक्षा के लिए लिया गया. कांग्रेस के कामकाज के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए भूपेन बोरा ने कहा कि पार्टी आलाकमान संगठन के मामलों पर समय पर और अहम फैसले लेने में नाकाम रहा है. असम में इस साल विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में भूपेन बोराह के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी. इस्तीफे के बाद कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, भंवर जितेंद्र सिंह और प्रद्युत बोरदोलोई, रायजोर डोल प्रमुख अखिल गोगोई के साथ भूपेन बोराह के गुवाहाटी स्थित आवास पर उनके बातचीत करने पहुंचे थे.अचानक क्यों बदला फैसला?<br>असम कांग्रेस प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘मैं भूपेन बोरा को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए धन्यवाद देता हूं. सीनियर कांग्रेस लीडर भूपेन बोरा कांग्रेस परिवार के एक अहम सदस्य हैं. उन्होंने अपना इस्तीफा हमारी पार्टी के नेशनल प्रेसिडेंट को भेजा था. कभी-कभी कांग्रेस परिवार में भी मतभेद हो जाते हैं. कांग्रेस प्रेसिडेंट ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है. राहुल गांधी समेत पार्टी लीडरशिप ने उनसे लंबी बातचीत की. हमने बातचीत से इसे सुलझा लिया है. वह पिछले 30 सालों से कांग्रेस में थे.’<br>खास नेताओं का नाम लेने से बचते हुए भूपेन बोरा ने लगातार अंदरूनी मुद्दों और लीडरशिप की कमजोरी की ओर इशारा किया. उनका कहना था कि पार्टी में बने रहना मुश्किल हो गया था. असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि कई मौकों पर चिंता जताने के बावजूद, टॉप लीडरशिप की ओर से कोई मतलब का जवाब नहीं मिला. उन्होंने कहा, ‘यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है. मैंने इसके बारे में ध्यान से सोचा है.’<br>बीजेपी ने भूपेन बोरा को दिया था ऑफर<br>कांग्रेस से इस्तीफा देने के तुरंत बाद भूपेन बोरा को बीजेपी ने ऑफर दिया था. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के दरवाजे खुले हैं. उन्होंने ये भी कहा कि अगर बोरा बीजेपी में शामिल होते हैं तो वह उन्हें किसी सुरक्षित सीट से चुनाव जितवाने की कोशिश करेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘बोरा ने अभी तक मुझसे या बीजेपी से संपर्क नहीं किया है और फिलहाल हमारा उनसे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संपर्क नहीं है.’</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 16:49:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>मध्य प्रदेश के मंडला में हाईस्कूल पर मधुमक्खियों का हमला, 15 बच्चे और स्टाफ घायल</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/bees-attack-high-school-in-mandla-madhya-pradesh-injuring-15-children-and-staff</link>
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        <description><![CDATA[ <p>मध्य प्रदेश के मंडला जिले के एक हाईस्कूल में मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। जिससे 15 स्कूली बच्चे और स्टाफ घायल हो गए। सभी को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि इसी स्कूल में पहले भी तीन बार इस तरह की घटना हो चुकी है।<br>यह पूरा मामला मंडला के निवास विकासखंड के बिशोरा हाईस्कूल का है। जहां मधुमक्खियों के हमले से लगभग 15 बच्चों और स्कूल स्टाफ प्रभावित हुए हैं। जानकारी के अनुसार, स्कूल में सुबह की प्रार्थना के लिए सभी एकत्रित हुए थे, तभी यह घटना हुई है।तीन बार हो चुकी है घटना<br>प्रभावित बच्चों और स्कूल शिक्षकों को निवास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां इलाज जारी है। आपको बता दें कि इस स्कूल में इससे पहले तीन बार इस तरह की घटना हो चुकी है, जिससे स्कूल प्रशासन की लापरवाही का पता चलता है<br>लापरवाही का आरोप<br>वहीं स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है और मांग की है कि स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 16:24:42 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>16 फरवरी: चांदी 2,949 रुपए सस्ती, सोना 1,315 रुपए महंगा</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/february-16-silver-becomes-cheaper-by-rs-2949-gold-becomes-costlier-by-rs-1315</link>
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        <description><![CDATA[ <p>चांदी के दाम में आज 16 फरवरी को लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत 2,949 रुपए गिरकर 2,39,484 रुपए किलो पर आ गई है। इससे पहले शुक्रवार को चांदी की कीमत 2,42,433 रुपए किलो थी।<br>वहीं, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,315 रुपए बढ़कर 1,54,080 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले शुक्रवार को ये 1,52,765 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। हालांकि, पिछले तीन कारोबारी दिनों में चांदी ₹26,965 और सोना 3,242 रुपए सस्ता हुआ है।<br>सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने 1,76,121 रुपए और चांदी ने 3,85,933 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था। तब से अब तक सोना 22,041 रुपए और चांदी 1,46,449 सस्ती हो चुकी है।अलग-अलग शहरों में रेट्स अलग क्यों होते हैं?<br>IBJA की सोने की कीमतों में 3% GST, मेकिंग चार्ज, ज्वेलर्स मार्जिन शामिल नहीं होता। इसलिए शहरों के रेट्स इससे अलग होते हैं। इन रेट्स का इस्तेमाल RBI सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के रेट तय करने के लिए करता है। कई बैंक गोल्ड लोन के रेट तय करने के लिए इसे इस्तेमाल करते हैं।सस्ते दामों पर खरीदारी कर रहे लोग<br>पिछले तीन कारोबारी सत्रों में सोने-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई है। इस दौरान सोना करीब 15% तक सस्ता हो गया था। अब कीमतें स्थिर होते ही निवेशकों ने निचले स्तर पर खरीदारी शुरू कर दी है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि अभी सोने-चांदी में एक मुश्त पैसा लगाने से बचना चाहिए। इसकी जगह धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होगा।<br>सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान<br>1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।<br>2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 16:13:35 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>15 दिन में 12 मौतें, गांव में फैली दहशत—स्वास्थ्य विभाग की चार टीमें तैनात</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/12-deaths-in-15-days-panic-spreads-through-the-village—four-health-department-teams-deployed</link>
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        <description><![CDATA[ <p>हरियाणा के पलवल के छायंसा गांव में पिछले 15 दिन में 12 मौतें हो चुकी हैं. मरने वालों में 5 स्कूली बच्चे भी हैं. लगातार हो रही मौतों से ग्रामीण दहशत में हैं. जिसके बाद से स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में ही डेरा डाले हुए है, लेकिन मौत का यह सिलसिला बदस्तूर जारी है. ग्रामीण कहते हैं कि करीब 15 दिन पहले तीन लोगों की तबीयत बिगड़ी थी और तीनों की मौत हो गई थी. इसके बाद गांव में लगातार मौत होती जा रही हैं. गांव के हर घर में मरीज हैं, जिनमें से कुछ की तबीयत ज्यादा खराब है. मरीजों के परिजन अस्पतालों के चक्कर काट-काट कर परेशान हैं, लेकिन उनके बीमार परिजनों की हालत में सुधार नहीं हो रहा है.हालांकि, लगातार हो रही मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार लोगों की जांच कर रही है, लेकिन मौतों का कारण उनकी समझ से परे नजर आ रहा है. स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे गांव की स्क्रीनिंग और ब्लड सैंपल जुटा रही हैं. ज्यादातर मामलों में बुखार, खांसी, बदन दर्द और उल्टी जैसे लक्षण मिल रहे हैं. जितनी भी मौत हुईं, उन सभी में यही लक्षण थे.मुस्लिम बाहुल्य है गांव<br>छायंसा गांव पलवल का मुस्लिम बाहुल्य गांव है. पिछले 15 दिन में जिन 12 लोगों की मौत हुई है, उनमें दो बच्चे पायल व हुफैज, सारिका व हुमा, पांच बुजुर्ग जामिला, आशिया, इंद्रवती, हसन, नासिर और तीन युवक दिलशाद, हब्बू, शमशुद्दीन शामिल हैं. ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम 4 मौतों के पीछे हेपेटाइटिस-B व C को कारण बता रही है. जबकि 3 मामलों में मल्टीपल ऑर्गन फैलियर और लिवर इंफेक्शन का केस बताया गया. मगर, गांव में लगातार मौतें होने की पीछे सही कारण अभी सामने नहीं आया है.<br>गांव छायंसा के गिर्राज और शमीम अहमद ने बताया कि गांव की आबादी करीब 5 हजार है. गांव मुस्लिम बाहुल्य है. पानी की तीन जगहों से सप्लाई होती है. गांव के कुछ घरों में सरकारी पानी की सप्लाई है. घरों में लोगों ने जमीन में अंडर ग्राउंड टैंक बना रखे हैं. जिनमें एक साथ पानी भरने के लिए गांव घर्रोट से पानी के टैंकर मंगाए जाते हैं. कुछ लोग हथीन शहर से आरओ प्लांट का पानी पीने के लिए मंगाते हैं. लगातार हो रही मौतों के कारण लोग डरे हुए हैं. हम बस इतना चाहते हैं कि गांव में फैल रही यह हेपेटाइटिस-बी की बीमारी जल्दी रुके और साथ ही मौतों का सिलसिला भी थम जाए.स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?<br>स्वास्थ्य विभाग की डॉ. सतिंदर वशिष्ठ ने बताया कि उनको 31 जनवरी को गांव में हो रहीं मौतों के बारे में जानकारी मिली. इसके बाद 1 फरवरी को गांव जांच के लिए सैंपल लेने शुरू कर दिए गए. मृतकों के मेडिकल रिकॉर्ड को जांच करने के आदेश दिए गए. इसके बाद सभी की मेडिकल रिपोर्ट की जांच की गई, जिसमें उनको मौत के कारणों का पता चला. विभाग की तरफ से 4 टीमों का गठन किया गया है. टीमें लोगों के ब्लड सैंपल ले रही हैं. अभी तक 300 के करीब ब्लड सैंपल लेकर जांच की गई है. जिसमें 2 लोगों को हेपेटाइटिस-बी और सी के होने का पता चला है. इसके अलावा 400 से ज्यादा लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है.<br>डॉ. सतिंदर वशिष्ठ के मुताबिक जिन दो मरीजों में पूरी तरह से हेपेटाइटिस बी और सी के लक्षणों के बारे में पता चला है. उनको इलाज के लिए पलवल सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जिन घरों में मौत हुई हैं, उनके परिवार के लोगों के भी सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं. पानी के 107 में से 23 सैंपल फेल पाए गए हैं. ऐसे में लोगों के घरों में पीने के पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं. अभी तक 107 में से 23 सैंपल फेल मिले हैं. इनमें बैक्टीरिया ग्रोथ मिली है. क्योंकि यहां लोग घरों में हौदी में पानी स्टोर करके रखते हैं. पानी में क्लोरीन की भी कमी पाई गई है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 15:51:49 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर सवाल, 21 में से 18 मंत्रियों की संपत्ति बढ़ी</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/questions-raised-on-the-interim-government-of-bangladesh-the-assets-of-18-out-of-21-ministers-increased</link>
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        <description><![CDATA[ <p>बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद बानी मोहम्मद यूनुस सरकार के मंत्रियों पर अब भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लग रहे है। सत्ता परिवर्तन के बाद से की इन मंत्रियों की संपत्ति में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। खुद सरकार के मुखिया यूनुस की संपत्ति में ही अकेले एक साल में लगभग 11 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यूनुस की संपत्ति अब कुल साढ़े 12 करोड़ रुपए हो गई है, इसमें लगभग 1 करोड़ 30 लाख रुपए का उछाल आया है। अंतरिम सरकार के टॉप 4 मंत्रियों में सबसे ज्यादा संपत्ति की वृद्धि यूनुस की हुई है।वहीं दूसरे नंबर पर आवास मंत्री अदिलुर रहमान की संपत्ति में 1 करोड़ 23 लाख रुपए की वृद्धि हुई। कुल मिलाकर यूनुस के 21 में से 18 मंत्रियों की संपत्ति बढ़ी है। सूत्रों के अनुसार नए पीएम रहमान अंतरिम सरकार के मंत्रियों की संपत्ति में इजाफे की जांच के लिए कमेटी गठित कर सकते हैंपेरिस में बसने की तैयारी में मोहम्मद यूनुस<br>इस सब के बीच यूनुस अब फिर से पेरिस में बसने की तैयारी में हैं। बता दें कि यूनुस बांग्लादेश के एकमात्र नोबेल अवॉर्ड विजेता हैं। बांग्लादेश में माइ्क्रो फाइनेंस के क्षेत्र में बड़ा नाम यूनुस का शेख हसीना सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हुए थे। लेकिन यूनुस ने अपनी सरकार बनने पर केस वापस कर लिए थे। यूनुस सरकार पर कट्टरपंथियों से नरमी बरतने का आरोप लगता रहा है। यूनुस पर बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों खासकर हिन्दुओं के खिलाफ होने वाली हिंसा मामलों में आरोपियों पर मेहरबान होने के आरोप लगते रहे है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 15:46:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>महाशिवरात्रि कार्यक्रम में राजनाथ सिंह का बयान, सेना को बताया शिव और रुद्र की शक्ति का प्रतीक</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/rajnath-singhs-statement-at-mahashivratri-event-said-the-army-is-a-symbol-of-the-power-of-shiva-and-rudra</link>
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        <description><![CDATA[ <p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना भगवान शिव से प्रेरणा लेती है। उन्होंने कहा, “जिस प्रकार भगवान शिव रक्षा और विनाश दोनों के प्रतीक हैं, उसी प्रकार हमारी सशस्त्र सेनाएं आज निर्भीकता और धैर्य दोनों का प्रतीक हैं।” रविवार शाम को वे कोयंबटूर में ईशा फाउंडेशन द्वारा आयोजित महाशिवरात्रि कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, “एक तरफ तो वे संकट के समय शिव की भावना से प्रेरित होकर मानवीय सहायता प्रदान करते हैं, वहीं दूसरी तरफ जरूरत पड़ने पर रुद्र की शक्ति से ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियान चलाते हैं। हमारे सैनिकों में जो भावना है, वह हमारी संस्कृति से, भगवान शिव की प्रेरणा से आती है।”<br>“डर पर आधारित समाज कभी भी दीर्घकाल में वास्तव में सुरक्षित नहीं हो सकता। केवल एक निडर समाज ही एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। यह निडरता शारीरिक शक्ति से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक सार से आती है।” उन्होंने आगे कहा।<br>चंद्रयान और आदित्य-L1 का किया जिक्र<br>रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि चंद्रयान और आदित्य-L1 जैसे भारत के स्पेस मिशन सिर्फ टेक्नोलॉजिकल अचीवमेंट नहीं हैं, बल्कि यह एक पुरानी साइंटिफिक विरासत का मॉडर्न एक्सप्रेशन है। राजनाथ सिंह रविवार को ईशा फाउंडेशन के महाशिवरात्रि कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने सद्गुरु जग्गी वासुदेव के साथ कुछ लोगों को सम्मानित भी किया।ऑपरेशन सिंदूर के लिए सैनिकों को सम्मानित किया<br>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सद्गुरु जग्गी वासुदेव के साथ ईशा फाउंडेशन की ओर से सम्मानित लोगों को भव्य भारत भूषण अवॉर्ड मेडल और सर्टिफिकेट दिए। ये अवॉर्ड वेस्टर्न एयर कमांड के एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा और वेस्टर्न नेवल कमांड के एडमिरल राहुल विकास खोकले को ऑपरेशन सिंदूर के लिए दिए गए। दूसरे अवॉर्ड पाने वालों में आर्टिस्ट डॉ. एन. राजन, डांसर अलमेल वल्ली, रॉकेट साइंटिस्ट डॉ. नांबी नारायणन, ISRO के पूर्व चेयरमैन ए.एस. किरण कुमार, एकेडमिशियन विक्रम संपत और बैडमिंटन प्लेयर साइना नेहवाल शामिल थे।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 15:40:45 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>मुंबई ब्लास्ट केस: अबू सलेम की रिहाई अर्जी खारिज, सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/mumbai-blast-case-abu-salems-release-plea-rejected-supreme-court-takes-tough-stand</link>
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        <description><![CDATA[ <div><span>1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी गैंगस्टर अबू सलेम को देश की शीर्ष अदालत से बड़ा झटका लगा है. 25 साल की कैद पूरी करने के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने सलेम की रिहाई याचिका खारिज कर दी है. न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने यह फैसला सुनाया. दरअसल, सलेम के वकील ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल ने 25 साल की सजा पूरी कर ली है, तो उसको रिहा कर दिया जाए.</span></div>
<div><span>वकील ने बताया कि सलेम को 11 नवंबर 2005 को हिरासत में लिया गया था. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया था कि क्या वकील छूट (रिमिशन) को जोड़कर 25 साल की गणना कर रहे हैं. गौरतलब है कि अबू सलेम को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 11 नवंबर 2005 को पुर्तगाल से प्रत्यर्पित किया गया था. भारत और पुर्तगाल के बीच प्रत्यर्पण समझौते के तहत सलेम को मृत्युदंड नहीं दिया जा सकता और न ही उसे 25 साल से ज्यादा की जेल की सजा हो सकती है.पुर्तगाल ने क्यों समझौता कर भारत को सौपा था अबू सलेम</span></div>
<div><span>अबू सलेम को 2002 में पुर्तगाल में फर्जी पासपोर्ट के मामले में गिरफ्तार किया गया था और भारत ने उसके प्रत्यर्पण की मांग की. जब पुर्तगाल ने अबू सलेम को भारत को सौंपा, तो उसने मांग रखी थी कि भारत अबू सलेम को फांसी की सजा नहीं देगा और न ही 25 साल से ज्यादा की जेल.</span></div>
<div><span>भारत के आश्वासन के बाद पुर्तगाल की अदालत ने फरवरी 2004 में प्रत्यर्पण को मंजूरी दी. 11 नवंबर 2005 को अबू सलेम को पुर्तगाल से भारत लाया गया. यह आश्वासन इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि पुर्तगाल में मौत की सजा नहीं है और कैद की अधिकतम अवधि सीमित होती है, इसलिए पुर्तगाल ने भारत से इसी तरह की शर्तों पर ही प्रत्यर्पण मंजूर दी थी.1993 मुंबई बम धमाके</span></div>
<div><span>1993 के मुंबई बम धमाके भारत के इतिहास की सबसे बड़ी और भयानक सीरियल बम ब्लास्ट घटनाओं में से एक हैं. यह एक सुनियोजित आतंकवादी हमला था जो 12 मार्च 1993 को दोपहर लगभग 1:30 से 3:40 बजे के बीच हुआ. इस दिन मुंबई में 12-13 जगहों पर एक के बाद एक आरडीएक्स से भरे कार बम विस्फोट हुए, जिनमें मुख्य रूप से शहर के व्यस्त और अहम इलाके निशाना बनाए गए थे. जिसमें बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, एयर इंडिया बिल्डिंग आदि शामिल हैं.</span></div>
<div></div> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 15:36:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>राजधानी में नाबालिगों का आतंक, NCRB आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/minors-terrorise-the-capital-ncrb-data-raises-concerns</link>
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        <description><![CDATA[ <div><span>दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए जा रहे अपराध तेजी से एक गंभीर चुनौती के रूप में उभर रहे हैं। खासकर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले 12 से 17 वर्ष के किशोर जघन्य वारदातों में अधिक संख्या में शामिल पाए जा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पुलिस की सख्ती और लगातार कार्रवाई के बावजूद अपराध का ग्राफ कम होने के बजाय बढ़ता दिख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कई मामलों में नाबालिग संगठित गैंगों के प्रभाव में आकर चोरी, लूट, हिंसा और नशे से जुड़े अपराधों में शामिल हो रहे हैं।बचपन से अपराध तक: क्यों भटक रही है नाबालिगों की नई पीढ़ी?</span></div>
<div><span>दिल्ली की निम्न आय वर्ग की बस्तियों में कभी गिल्ली-डंडा, कंचे, लट्टू और क्रिकेट खेलने वाले बच्चों की आवाज गूंजती थी, लेकिन अब कई इलाकों में वही गलियां जघन्य अपराधों की खबरों और पुलिस सायरन से पहचानी जाने लगी हैं। कम उम्र में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति समाज और प्रशासन दोनों के लिए गंभीर चिंता बनती जा रही है।</span></div>
<div><span>जमीनी पड़ताल में सामने आया है कि नाबालिग अपराध की जड़ें केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि परिवार, परिवेश और सामाजिक उपेक्षा से गहराई से जुड़ी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जुवेनाइल अपराध से जुड़े करीब 75% मामले झुग्गी-झोपड़ी और पुनर्वास कॉलोनियों से आते हैं, जबकि लगभग 22% मामले निम्न मध्यम वर्ग और सिर्फ 3% मध्यम वर्गीय परिवारों से जुड़े पाए गए हैं।मुख कारण जो सामने आ</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>1. परिवारिक अस्थिरता और निगरानी की कमी</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>गरीबी, माता-पिता की लंबी कार्य अवधि, घरेलू हिंसा या टूटे परिवारों के कारण बच्चों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा पाता।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>2. शिक्षा से दूरी</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>स्कूल छोड़ने की बढ़ती दर और पढ़ाई में रुचि की कमी बच्चों को गलत संगत की ओर धकेलती है।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>3. गलत संगत और गैंग संस्कृति</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>कई किशोर बड़े अपराधियों या स्थानीय गैंग के प्रभाव में आकर जल्दी पैसा और दबदबा पाने की चाह में अपराध की राह पकड़ लेते हैं।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>4. नशे और डिजिटल प्रभाव</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>नशे की आसान उपलब्धता और हिंसक कंटेंट का प्रभाव भी व्यवहार को प्रभावित कर रहा है।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>5. सामाजिक उपेक्षा</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>खेल, कौशल विकास, काउंसलिंग और सकारात्मक गतिविधियों की कमी से बच्चों की ऊर्जा गलत दिशा में चली जाती है।</span></div>
<div><span>विशेषज्ञों का कहना है कि ये आंकड़े सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि उस सामाजिक ढांचे की कहानी हैं जहां बचपन धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। उनका मानना है कि समाधान केवल पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि शिक्षा, परिवारिक समर्थन, सामुदायिक कार्यक्रम और पुनर्वास आधारित नीति से ही संभव है।लगातार वारदातों से बढ़ी चिंता, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी</span></div>
<div><span>दिल्ली में नाबालिगों द्वारा लगातार अंजाम दी जा रही वारदातों ने सुरक्षा एजेंसियों और समाज दोनों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या का ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले वर्षों में हालात और भयावह हो सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, कम उम्र में अपराध की ओर झुकाव केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक संकट का संकेत है। बार-बार सामने आ रहे मामलों से स्पष्ट है कि कई किशोर एक बार अपराध में शामिल होने के बाद लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे पुनर्वास की चुनौती और कठिन हो जाती है।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>कुछ प्रमुख प्रवृत्तियां जो सामने आईं</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>छोटी उम्र में गंभीर अपराध -लूट, चाकूबाजी, हत्या के प्रयास जैसे मामलों में किशोरों की संलिप्तता।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>गैंग का प्रभाव- स्थानीय गिरोहों में शामिल होकर बार-बार अपराध करना।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>नशे की लत- नशे की जरूरत पूरी करने के लिए अपराध की राह अपनाना।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>कानूनी डर का अभाव- जुवेनाइल कानून के कारण सख्त सजा का डर कम होना।</span></div>
<div><span> </span></div>
<div><span>मनोवैज्ञानिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से संभव नहीं है। इसके लिए परिवार, स्कूल, समुदाय और सरकार सभी को मिलकर काम करना होगा</span></div>
<div><span>दिल्ली में नाबालिग अपराधियों द्वारा की जा रही हिंसक वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। फरवरी 2026 के पहले हफ्तों में राजधानी में कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता </span></div>
<div><span>नरेला इंडस्ट्रियल एरिया के बवाना जेजे कॉलोनी में 17 वर्षीय नाबालिग को चाकू से गोद कर मार दिया गया। इस मामले में कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें से चार जुवेनाइल थे।</span></div>
<div><span>रोहिणी के विजय विहार इलाके में दो दोस्तों ने नाबालिग को टोपी लेने के विरोध पर चाकू मार दिया। पीड़ित दो दिन बाद गंभीर हालत में दम तोड़ गया।</span></div>
<div><span>बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में 25 दिन पहले हुए झगड़े के बाद 15 वर्षीय छात्र की हत्या चार नाबालिगों ने सरकारी स्कूल के सामने की।</span></div>
<div><span>तेजी से बढ़ रहा गंभीर जुर्म करने का भी ग्राफ</span></div>
<div><span>दिल्ली पुलिस और एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि नाबालिग अपराधियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2024 की तुलना में 2025 में कई गंभीर अपराधों में किशोरों की भागीदारी अधिक रही। हत्या: 2025 में 17 और नाबालिग शामिल रहे। जानलेवा हमले: 123 किशोरों की भागीदारी दर्ज की गई। डकैती: आठ और नाबालिग पकड़े गए। लूट: 109 अधिक लड़के शामिल। रेप: 2024 की तुलना में SO नाबालिग ज्यादा लिप्त पाए गए। साल 2024 में दिल्ली में सभी तरह के अपराधों में शामिल नाबालिगों की संख्या 3,270 थी, जो 2025 में बढ़कर 3,833 तक पहुंच गई। एनसीआरबी के अनुसार, राजधानी में 2023 में 3,098 नाबालिग अपराधियों को पकड़ा गया था। देशभर में नाबालिग अपराधियों के मामले में दिल्ली की स्थिति गंभीर है, हालांकि महाराष्ट्र (3,970) और मध्य प्रदेश (3,619) में इससे भी अधिक किशोर अपराधियों का आंकड़ा सामने आया है।</span></div> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 14:54:28 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>महाशिवरात्रि पर मंदिर दर्शन के बाद गौमूत्र छिड़कने से विवाद, अब्दुल सत्तार को लेकर गरमाई राजनीति</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/controversy-erupts-over-abdul-sattar-sprinkling-cow-urine-after-visiting-a-temple-on-mahashivratri-political-row-erupts-over-sattar</link>
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        <description><![CDATA[ <p>Maha Shivratri: महाराष्ट्र  की राजनीतिक इन दिनों टीपू सुल्तान (Tipu Sultan) को लेकर गर्म है। इसी बीच एक और ऐसी खबर निकलकर सामने आई है, जो और भी सियासी बखेड़ा खड़ा सकता है। दरअसल छत्रपति संभाजीनगर में महाशिवरात्रि पर शिवसेना एकनाथ शिंदे गुट के नेता और पूर्व मुस्लिम मंत्री अब्दुल सत्तार (abdul sattar) के मंदिर पहुंचने के बाद गौमूत्र से शुद्धिकरण किया गया। अब्दुल सत्तार के मंदिर दर्शन के बाद कुछ युवकों ने मंदिर को अशुद्ध बताकर गौमूत्र छिड़का। घटना के बाद सियासी हंगामा मच गया है। घटना 15 फरवरी की है।घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही। हालांकि किसी बड़े विवाद या झड़प की सूचना नहीं है। पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।वहीं दूसरी तरफ अब्दुल सत्तार के मंदिर में जाने का विरोध कर रहे युवकों का कहना है कि अब्दुल सत्तार नाश्ते में मांसाहारी भोजन करते हैं और बिना उसके घर से बाहर नहीं निकलते। उनका दावा है कि महाशिवरात्रि जैसे पवित्र दिन ऐसे व्यक्ति का प्रवेश स्वीकार्य नहीं है। इसी आधार पर उन्होंने मंदिर में गौमूत्र छिड़का है।कौन हैं अब्दुल सत्तार?<br>अब्दुल सत्तार का पूरा नाम अब्दुल सत्तार अब्दुल नबी है। वे छत्रपती संभाजीनगर जिले के सिल्लोड विधानसभा क्षेत्र से 3 बार चुने गए विधायक रह चुके हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1965 को सिल्लोड में हुआ था। उन्होंने यशवंतराव चव्हाण कॉलेज से बी.ए. किया है। उन्होंने सिल्लोड में छोटा साइकिल शॉप से काम शुरू किया था। उनके परिवार की बात करें तो पत्नी नफीसा बेगम, 2 बेटे (एक बेटा समीर अब्दुल सत्तार) और 2 बेटियां है।हिंदुत्व’ और शिवसेना की विचारधारा का समर्थन करते है<br>उन्होंने अपना राजनीतिक सफर 1984 में ग्राम पंचायत से शुरु किया, 1994 में सिल्लोड के नगराध्यक्ष (मेयर) बने। वे पहले कांग्रेस में हुआ करते थे। 2019 में कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में शामिल हो गए। उद्धव ठाकरे सरकार (2019-2022) में राज्यमंत्री रहे। इसके बाद वे 2022 में एकनाथ शिंदे के साथ बगावत में शामिल हुए (शिवसेना शिंदे गुट)। 2023-2024 तक शिंदे-फडणवीस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे, इस दौरान उन्होंने अल्पसंख्यक विकास और औकाफ, मार्केटिंग, कृषि आदि विभाग संभाला। फिलहाल वे शिंदे गुट की शिवसेना पार्टी के नेता हैं। हालांकि वे एक मुस्लिम नेता हैं लेकिन ‘हिंदुत्व’ और शिवसेना की विचारधारा का समर्थन करते हैं।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 14:14:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>टी20 वर्ल्ड कप में फिर फिसला पाकिस्तान, भारत ने बरकरार रखा दबदबा</title>
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        <description><![CDATA[ <p>IND vs PAK T20 World Cup 2026: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के 55वें मैच में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हरा दिया है। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो के आर प्रेमदासा क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस हाईवोल्टेज मैच में भारत ने ईशान किशन की अर्धशतकीय पारी की मदद से 7 विकेट पर 175 रन बनाए थे। जवाब में 176 रन का लक्ष्य हासिल करने उतरी पाकिस्तानी टीम 17वें ओवर की अंतिम गेंद पर 114 रन पर ढेर हो गई। इस तरह भारतीय टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड बरकरार रखते हुए जीत हासिल की।ईशान किशन ने तूफानी पारी खेलकर टीम को हाई स्कोर तक पहुंचाया<br>बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 के इस हाईवोल्टेज मुकाबले में टीम इंडिया की शुरुआत थोड़ी लड़खड़ाई, लेकिन ईशान किशन ने तूफानी पारी खेलकर टीम को संभाल लिया। पहले ही ओवर में अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले आउट हो गए, लेकिन तिलक वर्मा और ईशान किशन ने दूसरी विकेट के लिए 87 रनों की शानदार साझेदारी कर पारी को मजबूती दी।ईशान किशन ने महज 40 गेंदों में 77 रन की धुआंधार पारी खेली। वहीं कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 32 और शिवम दुबे ने 27 रन जोड़े। पाकिस्तान के लिए सैम अयूब ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके।<br>अर्धशतक तक नहीं पहुँच पाया पाकिस्तान का कोई भी बल्लेबाज176 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम ने पहले ही ओवर में साहिबजादा फरहान का विकेट खो दिया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए सैम अयूब ने 6, सलमान आगा ने 4 और बाबर आजम ने 5 रन ही बनाए। टीम जल्दी ही 13 रन पर 3 विकेट खोकर दबाव में आ गई। बाबर आजम के आउट होने के बाद पांचवें विकेट तक टीम ने सिर्फ 34 रन जोड़े। उस्मान खान और शादाब खान ने 39 रन की साझेदारी की, जिसमें उस्मान ने 34 गेंदों में 44 रन बनाए, जबकि शादाब ने 15 गेंदों में 14 रन का योगदान दिया। इसके अलावा पाकिस्तान का कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं पहुँच पाया।<br>भारतीय गेंदबाजों ने किया शानदार प्रदर्शनभारत के लिए गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट झटके, इनके अलावा कुलदीप यादव और तिलक वर्मा को 1-1 सफलता मिली।<br>ईशान किशन बने प्लेयर ऑफ़ द मैच<br>इस मैच में अपनी धुआंधार पारी के दम पर भारतीय सलामी बल्लेबाज ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मिला। ईशान ने मात्र 40 गेंदों में 77 रन की तूफानी पारी खेली, जिसमें उन्होंने 10 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के लगाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने टीम इंडिया को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 14:06:18 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>2030 तक 1000 परमाणु हथियार? रिपोर्ट में चीन के न्यूक्लियर प्लान का दावा</title>
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        <description><![CDATA[ <p>चीन के सिचुआन प्रांत में न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार की सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं, जो दुनिया को हैरान कर रही है. दक्षिण-पश्चिम चीन की धुंध से ढकी घाटियों की ताज़ा सैटेलाइट तस्वीरों में न्यूक्लियर साइट का एरिया तेजी से बढ़ है. तस्र्ट में दावा किया गया है कि साल 2030 तक चीन 1000 न्यूक्लियर वेपन बना सकता है. दुनिया इस समय कई मोर्चों पर युद्ध और तनाव का सामना कर रही है. ऐसे माहौल में बड़े देश अपनी सैन्य और डिफेंस सिस्टम को लगातार मजबूत कर रहे हैं. इसी बीच अमेरिकी अखबार The New York Times की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन दक्षिण-पश्चिमी प्रांत सिचुआन में अपने परमाणु हथियार इंफ्रास्ट्रक्चर  को तेजी से विकसित कर रहा है.अमेरिका ने पहले भी चीन पर गुप्त परमाणु परीक्षण करने का आरोप लगा चुका है. ट्रंप प्रशासन के दौरान चीन और रूस को शामिल करते हुए एक बड़े परमाणु हथियार समझौते की मांग उठाई गई थी.<br>रिपोर्ट के अनुसार, सिचुआन प्रांत के जिटोंग और पिंगटोंग इलाकों में स्थित परमाणु सुविधाओं का विस्तार और आधुनिकीकरण किया गया है. जिटोंग में नए बंकर, किलेबंदी और जटिल पाइपिंग सिस्टम के निर्माण की बात कही गई है, जिससे संवेदनशील और खतरनाक सामग्री के प्रबंधन का संकेत मिलता है.<br>भौतिक विज्ञानी हूई झांग के अनुसार, हाई एक्सप्लोसिव परीक्षण परमाणु हथियार डिजाइन के लिए महत्वपूर्ण होते हैं और ऐसे परीक्षणों के संकेत जिटोंग क्षेत्र में देखे गए हैं. जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस विशेषज्ञ रेनी बैबियार्ज का मानना है कि 2019 के बाद से इन साइट्स पर निर्माण गतिविधियां तेज हुई हैं, जो चीन के सुपरपावर बनने की रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं.<br>मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के विशेषज्ञों और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि चीन की परमाणु क्षमता में तेजी से बढ़ोतरी वैश्विक रणनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है.अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के अनुमान के मुताबिक 2026 के अंत तक चीन के पास 600 से अधिक परमाणु हथियार हो सकते हैं. 2030 तक यह संख्या 1,000 के करीब पहुंचने का अनुमान है. अमेरिका का कहना है कि भविष्य के किसी भी वैश्विक परमाणु नियंत्रण समझौते में चीन की भागीदारी जरूरी है, जबकि चीन ने इस दिशा में सीमित रुचि दिखाई है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 13:59:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>दिल्ली सरकार का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 72 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले</title>
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        <description><![CDATA[ <p>दिल्ली सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 72 वरिष्ठ अधिकारियों का तबादला कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार, इस सूची में एजीएमयूटी कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सरकार द्वारा किए गए इस व्यापक बदलाव के तहत कई अधिकारियों को नए विभागों में तैनात किया गया है, जबकि कुछ को उनके मौजूदा पद के साथ अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। माना जा रहा है कि प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।36 IAS और 36 दानिक्स अफसर हुए इधर-उधर<br>आदेश के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम एवं संघ राज्य क्षेत्र (एजीएमयूटी) कैडर के 36 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं या उनका विभिन्न विभागों में तबादला किया गया है। इस व्यापक फेरबदल में 36 दिल्ली, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह सिविल सेवा (दानिक्स) अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, जबकि कुछ को नए विभागों में तैनात किया गया है।<br>संतोष डी. वैद्य बनाए गए प्रधान सचिव (गृह)<br>1998 बैच के आईएएस अधिकारी संतोष डी. वैद्य को प्रधान सचिव (गृह) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वे वित्त, योजना और उद्योग विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव (समाज कल्याण) का दायित्व संभाल रहे 1992 बैच के आईएएस अधिकारी बिपुल पाठक को अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।वहीं, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और 2006 बैच के आईएएस अधिकारी रूपेश कुमार ठाकुर को सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) नियुक्त किया गया है। वे 2002 बैच के आईएएस अधिकारी निखिल कुमार का स्थान लेंगे, जिन्हें आयुक्त (व्यापार एवं कर) बनाया गया है।<br>संजीव आहूजा शिक्षा सचिव नियुक्त<br>हाल ही में दिल्ली सरकार में शामिल हुए 2011 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी संजीव आहूजा को सचिव (शिक्षा) नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वे उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। वहीं, 2004 बैच के आईएएस अधिकारी पांडुरंग पोले, जो अब तक शिक्षा सचिव के पद पर तैनात थे, का तबादला सामान्य प्रशासन विभाग में कर दिया गया है। उन्हें श्रम आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 13:52:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>2 ट्रिलियन इकोनॉमी का संकल्प, विपक्ष का शोर—मप्र बजट सत्र के पहले दिन गरमाया सदन</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/pledge-for-a-dollar2-trillion-economy-opposition-noise—house-heats-up-on-first-day-of-mp-budget-session</link>
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        <description><![CDATA[ <p> मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को बजट सत्र की शुरुआत हंगामे के साथ हुई। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके बाद कार्यवाही अगले दिन 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।<br>राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हम ऐसी दहलीज पर खड़े हैं जिसे मोदी सरकार ने अमृत काल की संज्ञा दी। उद्योग के लिए अनुकूल वातावरण बना है। भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर समिट का राज्यपाल ने जिक्र करते हुए कहा कि 2047 तक मप्र को 2 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प है।<br>राज्यपाल ने 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का भी जिक्र किया। पीएम जनमन के तहत 1 लाख 35 हजार आवास बनाए,उज्जैन में मां शिप्रा को प्रदूषण मुक्त बनाने का जिक्र, नई शिक्षा नीति के तहत काम हुए। हालांकि इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल को टोका और कहा कि राज्यपाल नलजल योजना और इंदौर में दूषित जल से हुई मौत का मुद्दा भूल गए। आरोप- राज्यपाल ने नलजल योजना वाला मुद्दा नहीं पढ़ा। विपक्ष के हंगामा के बीच राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त हुआ। राज्यपाल के अभिभाषण पर कल से चर्चा होगी। </p> ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 13:45:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    <item>
        <title>“एपस्टीन फाइल्स विवाद: हरदीप पुरी का दावा, आरोप बेबुनियाद और पेशेवर मुलाकातें थीं</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/epstein-files-controversy-hardeep-puri-claims-allegations-are-baseless-and-were-professional-meetings</link>
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        <description><![CDATA[ <p>केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने आप को मूर्ख साबित कर लिया है। पुरी ने NDTV को दिए इंटरव्यू में एपस्टीन फाइल्स में अपना नाम आने और विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया।<br>हरदीप पुरी ने दावा किया कि जब वे काम से जुड़े मुद्दों पर अमेरिकी फाइनेंसर और बाल यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से मिले थे तो उन्हें असहजता महसूस हुई थी। उन्होंने कहा- मैंने एपस्टीन से मिलने की इच्छा नहीं जताई थी। ये मुलाकातें अरेंज की गई थीं<br>उन्होंने आगे कहा- दो मुलाकातों से किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मैं इस मामले में बेदाग हूं। उस समय तो मैं सरकार का हिस्सा भी नहीं था। इसलिए राहुल गांधी का यह कहना कि एपस्टीन फाइल्स की वजह से प्रधानमंत्री ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में सरेंडर कर दिया, बिल्कुल गलत है।<br>कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को संसद में दावा किया था कि अमेरिका में जारी किए गए एपस्टीन फाइल्स में हरदीप पुरी का नाम है। राहुल के आरोपों पर पुरी ने बुधवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस की और पहली बार माना था कि वह यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से तीन या चार बार मिले थे।<br>पुरी ने कहा- मुलाकात के समय एपस्टीन को नहीं जानता था<br>पुरी से इंटरव्यू में जब पूछा गया कि क्या आपको आपराधिक आचरण की जानकारी थी तो पुरी ने कहा- ‘मैं नहीं जानता था कि वह कौन था। मैं पहली बार एपस्टीन से एक मीटिंग में मिला था। मुझे उसके बैकग्राउंड के बारे में पता नहीं थ<br>पुरी ने कहा- पहली बार मुलाकात के दौरान मुझे नहीं पता था कि एपस्टीन कौन हैं। हमने उनके बारे में गूगल पर सर्च किया। फिर हमने आपस में भी चर्चा की कि हमें उनसे मिलना चाहिए या नहीं? पुरी ने एपस्टीन के आपराधिक मामलों से अपना कोई संबंध होने के आरोपों को बेबुनियाद बताया।<br>पुरी बोले- एपस्टीन को मीटिंग का इनविटेशन नहीं था<br>पुरी ने कहा- राजनीति में या सार्वजनिक जीवन में, अगर मैं सरकारी अधिकारी होता, तो मैं किसी को मैसेज भेजकर पूछता, ‘क्या मुझे इस व्यक्ति से मिलना चाहिए?’ लेकिन उस समय मैं IPI के साथ काम कर रहा था।<br>पुरी ने कहा- हम दुनिया को समझने की कोशिश कर रहे थे। हमने एपस्टीन को वहां इनवाइट नहीं किया था। IPI के डेलिगेशन के हिस्से के रूप में एपस्टीन से तीन या चार बार मुलाकात की थी। पुरी ने बताया कि एपस्टीन IPI के सदस्य नहीं थे।<br>एपस्टीन को भेजे ईमेल पर भी केंद्रीय मंत्री ने जवाब दिया<br>पुरी ने 2014 और 2015 में एपस्टीन से ईमेल पर बातचीत की थी। इनमें से एक ईमेल में उन्होंने एपस्टीन से ‘एग्जॉटिक आइलैंड’ का जिक्र किया था। पुरी ने लिखा था- प्लीज मुझे बताएं कि आप अपने एग्जॉटिक आइलैंड से कब वापस आ रहे हैं। मैं आपसे मिलने आना चाहूंगा, साथ ही आपको भारत में रुचि जगाने के लिए कुछ किताबें भी देना चाहूंगा।<br>दूसरे ईमेल में एपस्टीन को जवाब देते हुए लिखा था- ‘हैव फन’। पुरी से जब इंटरव्यू में इन ईमेल पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा- मैं यह मुहावरा सबके साथ इस्तेमाल करता हूं। मेरी इन बातों का कोई और मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 18:17:55 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>“इलॉन मस्क की भविष्य की योजना: चांद पर फैक्ट्री, AI सैटेलाइट और सुपरकंप्यूटर”</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/elon-musks-future-plans-moon-factory-ai-satellites-and-supercomputers</link>
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        <description><![CDATA[ <div><span>दुनिया के सबसे अमीर इंसान इलॉन मस्क चांद पर AI सैटेलाइट फैक्ट्री लगाएंगे। मस्क ने बताया कि वे इसके जरिए सूरज की ऊर्जा कैप्चर करना चाहते हैं। मस्क ने अपनी AI कंपनी XAI की इंटरनल मीटिंग का 45 मिनट का वीडियो पोस्ट किया, जिसमें ये जानकारी सामने आई है।इलॉन मस्क की मीटिंग से जुड़ी 8 बड़ी बातें…</span></div>
<div><span>1. सूरज की ऊर्जा का इस्तेमाल</span></div>
<div><span>मस्क ने कहा अगर हम आज की मानव सभ्यता की ऊर्जा खपत को देखें, तो हम पृथ्वी की संभावित ऊर्जा का केवल 1% हिस्सा ही इस्तेमाल कर रहे हैं।</span></div>
<div><span>अगर हम सूरज की कुल ऊर्जा का 10 लाखवां हिस्सा भी हासिल कर लें, तो वह आज की सभ्यता द्वारा उपयोग की जाने वाली ऊर्जा से करीब 10 लाख गुना ज्यादा होगी।</span></div>
<div><span>सूरज हमारे सौर मंडल के कुल द्रव्यमान का 99.8% है। अगर हमें सूरज की ऊर्जा का सही इस्तेमाल करना है, तो हमें पृथ्वी की सीमा से बाहर निकलना ही होगा।</span></div>
<div><span>मास ड्राइवर' से डीप स्पेस में चांद से लॉन्च होंगे सैटेलाइट्स</span></div>
<div><span>हमारा अगला कदम 'अर्थ ऑर्बिटल डेटा सेंटर्स' है। हम स्पेसएक्स की मदद से हर साल 100 से 200 गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर्स अंतरिक्ष में लॉन्च करेंगे।</span></div>
<div><span>उन्होंने कहा अगर हमें 1 टेरावॉट से भी आगे जाना है, तो चांद पर जाना होगा। मस्क ने बताया वे चांद पर ऐसी फैक्ट्रियां बनाएंगे जो एआई सैटेलाइट्स तैयार करेंगी।</span></div>
<div><span>वहां एक 'मास ड्राइवर' भी लगाया जाएगा। यह चांद से एआई सैटेलाइट्स को सीधे डीप स्पेस में लॉन्च करेगा। इससे हम सूरज की ऊर्जा के कुछ प्रतिशत हिस्से तक पहुंच पाएंगे।</span></div>
<div><span>पूरे सौर मंडल में कहीं भी इंसानी बस्तियां बसा सकेंगे</span></div>
<div><span>मस्क का विजन असल में 'डाइसन स्फीयर' के कॉन्सेप्ट पर आधारित है। यह एक ऐसा विशाल ढांचा होता है जो ऊर्जा को कैप्चर करने के लिए पूरे सूरज को चारों तरफ से ढक लेता है।</span></div>
<div><span>मस्क चांद पर 'मास ड्राइवर' के जरिए जो एआई सैटेलाइट्स भेजेंगे, वे धीरे-धीरे सूरज के चारों ओर ऐसा ही एक जाल या घेरा बनाएंगे। इससे हमारे पास इतनी बिजली होगी कि हम पूरे सौर मंडल में कहीं भी इंसानी बस्तियां बसा सकेंगे और बड़े से बड़े स्पेसशिप चला सकेंगे।</span></div>
<div><span> फाउंडिंग टीम के 12 मेंबर्स में से 6 को निकाला</span></div>
<div><span>मीटिंग में मस्क ने बताया कि कंपनी से कई पुराने कर्मचारियों को बाहर कर दिया गया है। इसमें कंपनी की शुरुआत करने वाली फाउंडिंग टीम के सदस्य भी शामिल हैं।</span></div>
<div><span>xAI की शुरुआत करने वाले 12 मुख्य सदस्यों में से अब केवल आधे ही मस्क के साथ बचे हैं। मस्क ने इसे कंपनी के 'ऑर्गेनाइजेशनल स्ट्रक्चर' में बदलाव का नाम दिया है।</span></div>
<div><span>3. चार टीमों में बंटी xAI, 'मैक्रोहार्ड' प्रोजेक्ट सबसे खास</span></div>
<div><span>ग्रोक टीम: यह चैटबॉट और वॉयस फीचर्स पर काम करेगी।</span></div>
<div><span>कोडिंग टीम: एप के सिस्टम को मजबूत बनाने के लिए।</span></div>
<div><span>इमेजिन टीम: यह वीडियो जेनरेशन टूल पर फोकस करेगी।</span></div>
<div><span>मैक्रोहार्ड प्रोजेक्ट: यह कंप्यूटर सिम्युलेशन से लेकर पूरी कंपनियों की मॉडलिंग करेगी। इसका लक्ष्य एआई के जरिए रॉकेट इंजन तक डिजाइन करना है।</span></div>
<div><span>यह प्रोजेक्ट सिर्फ साधारण सॉफ्टवेयर नहीं बनाएगा, बल्कि पूरी की पूरी कंपनियों का 'डिजिटल सिमुलेशन' तैयार करेगा। इसका मतलब है कि एआई एक कंपनी के हर विभाग, सप्लाई चेन और बिजनेस फैसलों का एक कंप्यूटर मॉडल बना देगा। इससे किसी भी बड़े फैसले को असल में लागू करने से पहले एआई पर टेस्ट किया जा सकेगा कि उसका नतीजा क्या होगा।</span></div>
<div><span>मैक्रोहार्ड का एक बड़ा लक्ष्य एआई के जरिए जटिल मशीनों को डिजाइन करना है। यह एआई इतना एडवांस होगा कि खुद ही रॉकेट के इंजन और उनके पार्ट्स के डिजाइन तैयार करेगा, जिससे इंसानी गलती की गुंजाइश खत्म हो जाएगी और काम की रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी।</span></div>
<div><span>4. इंसानों की जगह सॉफ्टवेयर खुद लिखेगा पूरा प्रोग्राम</span></div>
<div><span>अब AI मॉडल्स किसी भी समस्या को एक अनुभवी इंजीनियर की तरह समझते हैं। अगर प्रोग्राम में कोई गलती आती है, तो वे उसे ढूंढकर खुद ही ठीक भी कर सकते हैं।मस्क ने कहा कि इस साल के अंत तक शायद कोडिंग लिखने की जरूरत ही न पड़े। AI सीधे 'बाइनरी' (कंप्यूटर की अपनी भाषा यानी 0 और 1) में फाइलें बना देगा। यह काम किसी भी इंसानी प्रोग्रामर या मौजूदा सॉफ्टवेयर (कंपाइलर) से कहीं ज्यादा बेहतर और तेज होगा।</span></div>
<div><span>मस्क का दावा है कि अगले 2-3 महीनों में उनका 'ग्रोक कोड' दुनिया का सबसे बेहतरीन कोडिंग मॉडल बन जाएगा, जो चुटकियों में जटिल से जटिल सॉफ्टवेयर तैयार कर देगा।</span></div>
<div><span>AI बना पाएगा 20 मिनट तक लंबे वीडियो</span></div>
<div><span>XAI की इमेजिन टीम साल के अंत तक ऐसे मॉडल्स लाएगी जो एक बार में 10 से 20 मिनट के लंबे वीडियो बना सकेंगे। इसमें किसी मानवीय दखल की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।</span></div>
<div><span>6. 'मेम्फिस क्लस्टर' धरती का सबसे बड़ा सुपरकंप्यूटर</span></div>
<div><span>मस्क के पास दुनिया का सबसे बड़ा GPU क्लस्टर है। ये 24 घंटे बिना रुके काम करता है। इसका मुख्य काम AI चैटबॉट 'ग्रोक' के अगले और एडवांस वर्जन को ट्रेनिंग देना है। यहां हजारों ऑपरेटिंग सिस्टम एक साथ मिलकर विशाल दिमाग की तरह काम कर रहे हैं।</span></div>
<div><span>मस्क की टीम ने इस प्रोजेक्ट के बारे में बताया कि डेटा सेंटर का एक बड़ा हिस्सा मात्र 6 हफ्ते में तैयार किया गया है। हॉल के अंदर 1363 किलोमीटर लंबी फाइबर केबल बिछाई गई है। पूरा क्लस्टर तैयार होने पर यह 1 गीगावाट से ज्यादा बिजली खर्च करेगा।</span></div>
<div><span>7. छत पर लिखवाया 'मैक्रो हार्ड'</span></div>
<div><span>मस्क ने अपनी सफलता का मंत्र 'कंप्यूट एडवांटेज' (ज्यादा से ज्यादा मशीनी ताकत) को बताया। एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग ने भी माना कि मस्क जितनी तेजी से एआई इंफ्रास्ट्रक्चर दुनिया में कोई नहीं बना सकता। मस्क ने डेटा सेंटर की छत पर 'Macro Hard' (माइक्रोसॉफ्ट के नाम पर तंज) लिखवाया है।</span></div>
<div><span>ग्रोक वॉइस और 'एवरीथिंग एप' का विजन</span></div>
<div><span>वॉइस टीम ने बताया कि सितंबर 2024 तक उनके पास कोई वॉइस मॉडल नहीं था, लेकिन सिर्फ 6 महीने में उन्होंने स्क्रैच से ऐसा मॉडल बनाया जो ओपन एआई को टक्कर दे रहा है। उनका लक्ष्य इसे सिर्फ सवाल-जवाब तक सीमित न रखकर एक 'एवरीथिंग एप' बनाना है।</span></div>
<div></div> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 17:35:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>“देशभर में आम हड़ताल: किसान, ट्रेड यूनियन और बिजली कर्मचारी सड़क पर”</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/a-nationwide-general-strike-farmers-trade-unions-and-electricity-workers-on-the-streets</link>
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        <description><![CDATA[ <p>किसान संगठनों और 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल और 'भारत बंद' का आह्वान किया है। इस बंद को आम आदमी पार्टी (AAP) समेत कई विपक्षी दलों ने भी अपना समर्थन दिया है। हालांकि बंद का मिला-जुला असर दिखाई दे रहा है।<br>पंजाब में भारत-अमेरिका की ट्रेड डील के खिलाफ हड़ताल<br>पंजाब में भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के खिलाफ ट्रेड यूनियन, किसान संगठन और कर्मचारी संगठन आज हड़ताल पर हैं। कई जिलों में इसका मिलाजुला असर देखने मिल रहा है।<br>कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी हड़ताल पर हैं, लेकिन रेगुलर कर्मचारी सेवाएं मुहैया करवा रहे हैं। सरकारी विभागों में कामकाज जरूर प्रभावित हो रहा है, लेकिन बिल्कुल बंद नहीं है।बैंकिंग सेवाओं पर ज्यादा असर नहीं<br>हड़ताल के चलते आम लोगों के मन में सवाल है कि क्या आज बैंक बंद रहेंगे? इसका जवाब है- नहीं। बैंक बंद नहीं हैं और सामान्य दिनों की तरह काम करेंगे। लेकिन हड़ताल के कारण कामकाज की स्पीड पर असर पड़ सकता है।<br>बैंकों ने ग्राहकों को सलाह दी है कि वे फंड ट्रांसफर, बिल पेमेंट और अकाउंट मॉनिटरिंग जैसे कामों के लिए नेट बैंकिंग और मोबाइल एप का इस्तेमाल करें। ये सेवाएं पूरी तरह से चालू रहेंगी।27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर हड़ताल पर<br>ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि देशभर के करीब 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर 12 फरवरी को एक दिन की हड़ताल करेंगे। यह हड़ताल निजीकरण, बिजली (संशोधन) विधेयक 2025, प्रस्तावित राष्ट्रीय बिजली नीति 2026 और पुरानी पेंशन योजना की बहाली की मांग को लेकर बुलाई गई है।<br>उन्होंने कहा कि पहली बार संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियन बिजली कर्मचारियों के समर्थन में हड़ताल में शामिल हो रहे हैं। उनका कहना है कि यह स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी औद्योगिक कार्रवाइयों में से एक हो सकती है।<br>हड़ताल की प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक, नियमित पदों पर सीधी भर्ती और आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण शामिल है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 17:09:58 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>भारत ने चीन से विकास पर चर्चा की, UK के साथ MoU किया और रवि नायर को सजा”</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/india-discussed-development-with-china-signed-mou-with-uk-and-punished-ravi-nair</link>
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        <description><![CDATA[ <p>. भारत और चीन ने पहली बार रणनीतिक बैठक की<br>10 फरवरी को भारत और चीन ने पहली बार नई दिल्ली में रणनीतिक बैठक की।<br>2020 में गलवान घाटी में दोनों देशों के बीच हुई झड़प के बाद ये पहली 'स्‍ट्रैटेजिक' बैठक है।<br>भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के कार्यकारी उप विदेश मंत्री मा झाओशू बैठक में शामिल हुए।<br>दोनों देशों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही एक अपडेटेड एयर सर्विसेज एग्रीमेंट को जल्द अंतिम रूप देने की जरूरत पर भी दोनों देश राजी हुए।<br>बीजिंग ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे को ‘राइवल के बजाय कोऑपरेटिव पार्टनर’ और खतरों के बजाय विकास के मौकों के तौर पर देखना चाहिए।<br>बैठक में दोनों देशों के बीच के संवेदनशील मुद्दों को छोड़कर विकास के मुद्दों पर संबंध बेहतर बनाने की चर्चा हुई।भारत ने यूके, उत्तरी आयरलैंड के साथ MoU साइन किया<br>10 फरवरी को भारत ने यूनाइटेड किंगडम और उत्तरी आयरलैंड के साथ सोशल सिक्योरिटी से जुड़े एक MoU पर साइन किया।<br>विदेश सचिव विक्रम मिस्री और भारत में ब्रिटिश हाईकमिश्नर लिंडी कैमरन ने नई दिल्ली में समझौते पर साइन किए।<br>MoU के तहत दोनों देशों के एम्‍प्‍लॉयर्स एक दूसरे की टेरिटरी यानी क्षेत्र में काम कर रहे लोगों की सोशल सिक्‍योरिटी के लिए काम करेंगे।<br>भारतीय कंपनियां अक्सर प्रोजेक्ट्स के लिए एम्प्लोईज को ब्रिटेन भेजती हैं। अब तक ऐसे एम्प्लोईज को दोनों देशों की सोशल सिक्योरिटी फॉलो करनी होती थी।<br>MoU के बाद दोहरे सोशल सिक्योरिटी पेमेंट को खत्म कर दिया गया है, अब दोनों देशों के एम्प्लॉयर्स और क्रॉस-बॉर्डर पर देश एक-दूसरे देशों के नागरिकों को सोशल सिक्योरिटी देंगे।<br>11 फरवरी को मनसा, गांधीनगर (गुजरात) की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा दायर आपराधिक मानहानि मामले में पत्रकार रवि नायर को एक साल की जेल की सजा सुनाई और 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया है।<br>रवि को भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत जेल की सजा सुनाई गई है।<br>अक्टूबर 2020 और जुलाई 2021 के बीच नायर के एक ट्वीट से मानहानि का ये मामला शुरू हुआ था।<br>अदालत ने कहा है कि नायर की पोस्ट निष्पक्ष नहीं है। भारतीय कानून के तहत आपराधिक मानहानि के दायरे में आती है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 16:56:41 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>“सोना&amp;चांदी के दाम में गिरावट: 12 फरवरी को सोना 1,175 रुपए और चांदी 5,835 रुपए सस्ता”</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/gold-and-silver-prices-fall-gold-fell-by-rs-1175-and-silver-by-rs-5835-on-february-12</link>
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        <description><![CDATA[ <p>सोने-चांदी के दाम में आज 12 फरवरी को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत 5,835 रुपए कम होकर 2,60,614 रुपए पर आ गई है। इससे पहले बुधवार को चांदी की कीमत 2,66,449 रुपए किलो थी।<br>वहीं, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,175 रुपए गिरकर 1,56,147 रुपए पर आ गई है। इससे पहले बुधवार को ये 1,57,322 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सर्राफा बाजार में 29 जनवरी को सोने ने 1,76,121 रुपए और चांदी ने 3,85,933 रुपए का ऑल टाइम हाई बनाया था।43 दिन में सोना ₹22,952 और चांदी ₹30,194 महंगी हुईइस साल अब तक सोने की कीमत 22,952 रुपए बढ़ चुकी है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,33,195 रुपए का था, जो अब 1,56,147 रुपए हो गया है।<br>वहीं, चांदी 30,194 रुपए महंगी हो गई है। 31 दिसंबर 2025 को एक किलो चांदी की कीमत 2,30,420 रुपए थी, जो अब 2,60,614 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है।<br>2025 में सोना 75% और चांदी 167% महंगी हुई<br>2025 में सोना 57 हजार रुपए (75%) बढ़ा है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए का था, जो 31 दिसंबर 2025 को 1,33,195 रुपए हो गया।<br>चांदी इस दौरान 1.44 लाख रुपए (167%) बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपए की थी, जो साल के आखिरी दिन 2,30,420 रुपए प्रति किलो हो गई।<br>सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें<br>हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 16:39:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>‘घूसखोर पंडत’ टाइटल पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, नाम बदले बिना रिलीज पर रोक</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/supreme-court-takes-a-strong-stand-on-the-title-bhishkhor-pandit-banning-its-release-without-changing-the-name</link>
        <guid>https://bharatmatatimes.com/supreme-court-takes-a-strong-stand-on-the-title-bhishkhor-pandit-banning-its-release-without-changing-the-name</guid>
        <description><![CDATA[ <div><span>सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर फिल्ममेकर और नेटफ्लिक्स को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि समाज के किसी वर्ग को ऐसे नाम से बदनाम नहीं किया जा सकता।</span></div>
<div><span>जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ब्राह्मण समाज की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान बेंच ने कहा,</span></div>
<div><span>जब तक फिल्म का बदला हुआ नाम नहीं बताया जाएगा, तब तक इसे रिलीज करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।</span></div>
<div><span>सुप्रीम कोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और फिल्म निर्माता नीरज पांडेय को नोटिस जारी किया है। साथ ही नीरज पांडे से पूछा कि वे फिल्म का नाम बदलकर नया नाम क्या रखना चाहते हैं और अदालत को आज ही इसका जवाब दें।कोर्ट ने पांडे को यह भी आदेश दिया है कि वह हलफनामा दाखिल करें, जिसमें स्पष्ट किया जाए कि फिल्म घूसखोर पंडत किसी भी सामाजिक वर्ग का अपमान नहीं करती। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी।</span></div>
<div><span>टीजर के साथ फिल्म के नाम का ऐलान हुआ था</span></div>
<div><span>नेटफ्लिक्स ने 3 फरवरी 2026 को मनोज बाजपेयी की 'घूसखोर पंडत' का ऐलान भी टीजर रिलीज करके किया गया था। लेकिन जैसे ही इसका टीजर जारी किया गया तो इसके टाइटल को लेकर विवाद शुरू हो गया है। लोग सड़कों पर उतर गए। इसके बाद यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया।</span></div>
<div><span>टीजर में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडित’ के नाम से जाना जाता है। फिल्म में उन्हें एक बदनाम पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है। टीजर के मुताबिक, दीक्षित 20 साल पहले एसआई के रूप में भर्ती हुए थे और अपने किए गए कारनामों की वजह से उन्हें बार-बार डिमोट किया गया।</span></div>
<div><span>टीजर के साथ फिल्म के नाम का ऐलान हुआ था</span></div>
<div><span>नेटफ्लिक्स ने 3 फरवरी 2026 को मनोज बाजपेयी की 'घूसखोर पंडत' का ऐलान भी टीजर रिलीज करके किया गया था। लेकिन जैसे ही इसका टीजर जारी किया गया तो इसके टाइटल को लेकर विवाद शुरू हो गया है। लोग सड़कों पर उतर गए। इसके बाद यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया।</span></div>
<div><span>टीजर में मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित के किरदार में नजर आ रहे हैं, जिन्हें दिल्ली में ‘पंडित’ के नाम से जाना जाता है। फिल्म में उन्हें एक बदनाम पुलिस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है। टीजर के मुताबिक, दीक्षित 20 साल पहले एसआई के रूप में भर्ती हुए थे और अपने किए गए कारनामों की वजह से उन्हें बार-बार डिमोट किया गया।</span></div> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 16:28:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>मध्यप्रदेश में यूजीसी नियम लागू करने पर विवाद, सर्वजन न्याय मंच ने दी 7 दिन की मोहलत</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/controversy-erupts-in-madhya-pradesh-over-implementation-of-ugc-rules-sarvajan-nyay-manch-grants-7-day-extension</link>
        <guid>https://bharatmatatimes.com/controversy-erupts-in-madhya-pradesh-over-implementation-of-ugc-rules-sarvajan-nyay-manch-grants-7-day-extension</guid>
        <description><![CDATA[ <p>भोपाल। यूजीसी के नए कानून को लेकर मध्यप्रदेश सर्वजन न्याय मंच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मंच के संयोजक अशोक पांडेय ने कहा- यूजीसी के नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक है लेकिन सरकार ने 2 फरवरी को यूजीसी नियम लागू कर दिए। यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है।<br>एमपी को छोड़ देश में कहीं भी यूजीसी नियम लागू नहीं<br>कोर्ट से फैसला आने तक मप्र में लागू यूजीसी नियम वापस हों। मप्र में लागू किए गए यूजीसी नियम वापस हों। सर्वोच्च न्यायालय के अंतिम फैसला आने तक वापस लिया जाए। सात दिन के अंदर यूजीसी नियमों को वापस नहीं लेगी तो मध्यप्रदेश सर्वजन न्याय मंच आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। कोर्ट के निर्देश के चलते मप्र को छोड़ देश में कहीं भी यूजीसी नियम लागू नहीं किए गए।<br>कोर्ट के निर्देश फॉलो करें या सरकार का<br>मंत्रालय अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा- सरकारी आदेश से शैक्षणिक संस्थान असमंजस में हैं। उनके साथ दुविधा यह है कि वो अब सुप्रीम कोर्ट का निर्देश फॉलो करें या सरकार का निर्देश। सिर्फ इतना चाहते हैं कि बच्चों के लिए समानता का अधिकार हो। यह व्यवस्था की जाए कि किसी भी बच्चे के साथ गलत न हो।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 16:10:35 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
        <media:keywords></media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>एपस्टीन फाइल्स पर बयान से बवाल: राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई पर सरकार बैकफुट?</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/statement-on-epstein-files-sparks-uproar-government-on-back-foot-on-action-against-rahul-gandhi</link>
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        <description><![CDATA[ <p>पिछले कई दिनों से संसद का बजट सत्र चल रहा है. नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक सत्र के पहले दिन से जारी है. सबसे पहले राहुल गाँधी ने पूर्व सेना प्रमुख की किताब जिसमें चीन का जिक्र है उसे लेकर चर्चा की मांग कर रहे थे. वहीं सरकार इसे देश की आंतरिक सुरक्षा की बात कहते हुए चर्चा करने से बचती नजर आ रही है. अब राहुल ने लोकसभा में बजट पर बोलते हुए एपस्टीन फाइल्स का जिक्र कर दिया. राहुल ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के नाम लेकर भी आरोप लगाए थे. जिसके बाद सरकार ने इसे लेकर राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने का ऐलान किया था. हालाँकि अब जानकारी मिली है कि, सरकार ने अपना ये प्लान ठन्डे बास्ते में दाल दिया है. सरकार के इस फैसले के पीछे गतिरोध के बाद मशक्कत से पटरी पर लौटी लोकसभा में नया गतिरोध शुरू करने से बचने की कवायद भी वजह बताई जा रही है.प्रस्ताव आता तो राहुल की जा सकती थी सदस्यता<br>बात अगर संसद के नियमों की करें तो उसके अनुसार हर सांसद के पास कुछ विशेषाधिकार होते हैं जिसमें भाषण देने का अधिकार,सिविल मामलों में गिरफ्तारी से बचाव जैसे अधिकार हैं. मगर सदन के अंदर कुछ ऐसे मामले भी हैं जैसे कि आपने किसी पर कोई आरोप लगाया तो आपको उसे सत्यापित करना होगा,उसके लिए आपको कुछ सबूत देने होंगे. आपको बताना होगा कि मैंने ये बातें यहां से कोट की हैं और संबंधित दस्तावेज की कॉपी आपको सदन में पेश करना होगा. हम ये बातें इसलिए कर रहे हैं क्योंकि ताजा मामला राहुल गांधी से संबंधित है. जिसमें राहुल गांधी ने एपस्टीन फाइल से संबंधित कुछ जानकारी सदन में अपने भाषण के दौरान कही हैं. अब सत्ता पक्ष का कहना है कि राहुल गांधी इसे सत्यापित करें वरना उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है.बता दें अगर, यदि राहुल गांधी के खिलाफ यदि विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव मंजूर हो जाता और सदन चाहे तो राहुल गांधी को सदन से निष्कासित किया जा सकता था. फिर ऐसे हालात में उनकी सदस्यता भी जा सकती थी. इतिहास गवाह है कि 1978 में इंदिरा गांधी को इमरजेंसी के दौरान अधिकारियों के काम में बाधा डालने पर संसद में तब के गृह मंत्री चरण सिंह के प्रस्ताव पर इंदिरा गांधी को सदन से निष्कासित किया गया था और उन्हें थोड़े दिनों के लिए जेल भी जाना पड़ा था.इसी तरह का एक मामला राज्यसभा में भी हुआ था जब सुब्रमण्यम स्वामी के खिलाफ 1976 में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव आया था. उन्हें सदन से निष्कासित कर दिया गया था और उनकी सदस्यता चली गई थी.अब सबसे बड़ा सवाल है कि इतिहास एक बार फिर एक बार दोहराया,क्या सरकार राहुल गांधी को निष्कासित करने का जोखिम ले सकती हैं.इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड (संशोधन) बिल लोकसभा में पेश<br>इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड (संशोधन) बिल लोकसभा में पेश हो गया है. श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने लोकसभा में यह बिल पेश कर दिया है. मनसुख मंडाविया ने ये बिल पेश करते हुए कहा कि छोटा सा संशोधन लेकर आए हैं. सदन इसे विचार कर पारित करे. विपक्ष की ओर से के सुरेश ने इस बिल पर बोलते हुए कहा कि यह श्रमिकों के हित में नहीं है.पीएम मोदी ने की लोकसभा में वित्त मंत्री के भाषण की तारीफ<br>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक दिन पहले लोकसभा में बजट पर हुई चर्चा का जवाब दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है. पीएम मोदी ने अपनी एक्स पोस्ट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के भाषण की तारीफ की है. उन्होंने कहा है कि लोकसभा में अपने भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ये बताया कि इस वर्ष का बजट हमारे देश के आर्थिक परिवर्तन में किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. वित्त मंत्री ने ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर जोर दिया और एमएसएमई को समर्थन, कौशल विकास, नई पीढ़ी के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और शिक्षा सहित कई अन्य क्षेत्रों में सुधार के प्रयासों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला.राहुल गांधी के खिलाफ निशिकांत दुबे ने पेश किया प्रस्ताव<br>उधर, विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि मैंने आज लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ एक मोशन पेश किया है कि कैसे वे सोरोस जैसी ताकतों की मदद से देश को गुमराह कर रहे हैं. मैंने जो मोशन पेश किया है, उसमें मैंने कहा है कि इस पर चर्चा हो और राहुल गांधी की सदस्यता खत्म कर दी जाए और उन पर ज़िंदगी भर के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी जाए.<br>बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज मोशन लाने का कोई प्रपोज़ल नहीं है, लेकिन उन्होंने कन्फर्म किया कि उन्होंने राहुल गांधी को पार्लियामेंट से सस्पेंड करने के लिए एक ज़रूरी मोशन पेश किया है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 15:56:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>भारत की वायु शक्ति में बड़ा इजाफा: 114 राफेल और 6 P&amp;8I डील को मंजूरी</title>
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        <description><![CDATA[ <p>भारत की ताकत में और इजाफा होने जा रहा है. इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में राफेल जेट की संख्या बढ़ने जा रही है. जी हां, जिसका इंतजार था, वह घड़ी आ गई है. रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की एक बड़ी डील को मंजूरी दे दी है. इतना ही नहीं, अमेरिकी टोही एयरक्राफ्ट P-8I डील को भी हरी झंडी मिल गई है. रक्षा मंत्रालय की डीएसी यानी रक्षा खरीद परिषद की बैठक में यह फैसला हुआ. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा से ठीक पहले यह फैसला आया है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे.रक्षा मंत्रालय की डीएसी यानी रक्षा खरीद परिषद ने फाइटर जेट राफेल की खरीद को आज यानी गुरुवार को मंजूरी दी. इतना ही नहीं, भारतीय नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त P-8I विमानों की खरीद को भी मंज़ूरी मिली है. राफेल डील करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की है, जो भारत की अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदे बन जाएगा. डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया, जो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसके बाद इस सौदे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से भी मंजूरी लेनी होगी.एयरफोर्स के लिए बेहद अहम है यह डील<br>यह डील इंडियन एयर फोर्स के बेड़े में फाइटर जेट्स की कमी को दूर करने के लिए बहुत जरूरी थी. अभी भारतीय वायुसेना के पास सिर्फ 29 स्क्वाड्रन हैं, जबकि जरूरत 42 की है. पुराने एयरक्राफ्ट रिटायर हो रहे हैं, इसलिए नए और आधुनिक फाइटर जेट्स की जरूरत थी. राफेल जेट्स फ्रांस की कंपनी दासो एविएशन से लिए जाएंगे. इनमें से 18 जेट्स तैयार हालत में (फ्लाई-अवे कंडीशन) आएंगे, जबकि बाकी 96 भारत में ही बनाए जाएंगे. इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बूस्ट मिलेगा और हजारों नौकरियां पैदा होंगी.अब जानते हैं कि राफेल जेट्स की खासियत क्या है?<br>राफेल मल्टी-रोल फाइटर हैं. यानी हवा से हवा, हवा से जमीन और समुद्री हमलों में इस्तेमाल हो सकते हैं. पाकिस्तान इसकी ताकत देख चुका है. राफेल फाइटर जेट्स पहले ही ऑपरेशन सिंदूर में अपना दमखम दिखा चुके हैं. वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने कहा है कि राफेल जैसे नए जेट्स से एयर फोर्स की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. ये जेट्स लंबी दूरी तक उड़ सकते हैं, तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों से लैस हैं. इससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से खतरे का मुकाबला करना आसान होगा.पी-8आई पॉसिडॉन एयरक्राफ्ट<br>अब बात पी-8आई पॉसिडॉन एयरक्राफ्ट की. ये 6 अतिरिक्त एयरक्राफ्ट इंडियन नेवी के लिए हैं. पी-8आई बोइंग कंपनी का बनाया हुआ है और समुद्री निगरानी के लिए इस्तेमाल होता है. ये दुश्मन की सबमरीन, जहाजों और एयरक्राफ्ट को दूर से ही पकड़ सकता है. भारत के पास पहले से 12 पी-8आई हैं, और ये नए 6 और ताकत बढ़ाएंगे. समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए ये बहुत महत्वपूर्ण हैं, खासकर हिंद महासागर में जहां चीन की गतिविधियां बढ़ रही हैं.यह डील क्यों इतनी बड़ी है?<br>फ्रांस से गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट डील है, इसलिए पारदर्शिता ज्यादा है. पहले 36 राफेल की डील में भी ऐसा ही हुआ था, जो 2016 में साइन हुई. अब 114 की डील से IAF की स्क्वाड्रन संख्या बढ़कर 35-36 के करीब पहुंच जाएगी.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 15:43:47 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>टी20 वर्ल्ड कप 2026: अभिषेक&amp;ईशान&amp;बुमराह की फिटनेस पर सवाल, बदलेगी प्लेइंग 11?</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/t20-world-cup-2026-questions-over-the-fitness-of-abhishek-ishan-bumrah-will-the-playing-11-change</link>
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        <description><![CDATA[ <p>टी20 विश्व कप 2026 की धूम है. टीम इंडिया अपना दूसरा मैच नामीबिया के खिलाफ खेलने वाली है. यह मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा. मैच से ठीक पहले कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव की टेंशन बढ़ चुकी है. टेंशन विरोधी टीम को लेकर नहीं बल्कि खुद के खिलाड़ियों ने खड़ी कर दी है. ऐसा इसलिए क्योंकि एक-दो नहीं बल्कि तीन मैच विनर्स के खेलने पर सस्पेंस है. टीम इंडिया के 3 धुरंधर पूरी तरह से फिट नहीं हैं. इनमें 2 बल्लेबाज और 1 गेंदबाज का नाम है. यही वजह है कि नामीबिया के खिलाफ कप्तान सूर्यकुमार यादव बदली हुई प्लेइंग 11 के साथ मैदान पर उतर सकते हैं.आखिर कौन से तीन खिलाड़ियों के खेलने पर सस्पेंस है? इसे जानने से पहले भारत और नामीबिया के बीच टी20 इंटरनेशनल में हेड-टू-हेड रिकॉर्ड जान लेते हैं. इन दोनों टीमों के बीच अब तक सिर्फ एक ही मैच हुआ है, जो टीम इंडिया ने जीता था. टी20 विश्व कप में नामीबिया अब तक 16 मुकाबले खेल चुकी है, जिनमें से 4 जीते हैं, जबकि 11 हारे हैं. ये वही टीम है, जिसने साल 2022 में श्रीलंका को मात दी थी. नामीबिया ने एक बार भारत का सामना भी किया था, लेकिन 2021 में टीम को हार मिली थी. अब देखना होगा कि इस बार नामीबिया कितनी चुनौती दे पाती है.<br>कौन हैं ये तीन मैच विनर?<br>पहला मैच विनर<br>पहला नाम तूफानी ओपनर अभिषेक शर्मा का है, जो पहली गेंद से छक्कों की बारिश करते हैं. पहले मैच के दौरान उन्हें पेट में इंफेक्शन था. इसलिए अमेरिका के खिलाफ पहले मैच में फील्डिंग के लिए नहीं उतरे. वो अस्पताल में भर्ती थे, लेकिन अब छुट्टी मिल चुकी है. हालांकि आज उनके खेलने पर सस्पेंस है.<br>दूसरा मैच विनर<br>दूसरा नाम ईशान किशन का है, जिन्हें दूसरे मैच से ठीक पहले यानी 11 फरवरी को चोट लगी है. प्रैक्टिस के दौरान जसप्रीत बुमराह की एक घातक यॉर्कर ने उनके बाएं पैर के अंगूठे को लहूलुहान कर दिया है. जैसे ही बॉल लगी, तो ईशान मैदान पर दर्द से तड़पते दिखे. चलने में भी उन्हें परेशानी थी. माना जा रहा है कि उन्हें गंभीर चोट हो सकती है. इसलिए नामीबिया के खिलाफ उनके खेलने पर भी सस्पेंस है. ये वही किशन हैं, जो जबरदस्त फॉर्म में हैं और न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में छक्कों की बारिश कर चुके हैं.<br>तीसरा मैच विनर<br>तीसरा नाम जसप्रीत बुमराह का है, जो अमेरिका के खिलाफ पहला मैच नहीं खेले थे. उन्हें वायरल फीवर था. नामीबिया के खिलाफ वो खेलेंगे या नहीं, ये अब तक कंफर्म नहीं है. टीम इंडिया को अगला मैच 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ खेलना है. ऐसे में अगर बुमराह पूरी तरह फिट नहीं हैं, तो टीम मैनेजमेंट उन्हें मैदान पर उतारने का जोखिम नहीं लेगी. बुमराह एक मैच विनर प्लेयर हैं, जिनका बड़े मैचों में उपलब्ध रहना जरूरी है.<br>किन 3 खिलाड़ियों को मिल सकता है मौका?<br>मान लीजिए अगर अभिषेक शर्मा नहीं खेलते, तो उनकी जगह संजू सैमसन नजर आ सकते हैं. ईशान किशन भी नहीं खेल पाते हैं, तो फिर वॉशिंगटन सुंदर प्लेइंग 11 में आ सकते हैं. अगर बुमराह भी नहीं खेले, तो मोहम्मद सिराज उनकी जगह कंटीन्यू करेंगे.<br>भारत की संभावित प्लेइंग 11<br>भारत- संजू सैमसन, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह/मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 15:30:30 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>बांग्लादेश चुनाव के बीच आतंकी साजिश का इनपुट, लश्कर&amp;जैश की मौजूदगी से बढ़ी चिंता</title>
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        <description><![CDATA[ <p>बांग्लादेश में 13वें आम सभा के लिए स्थानीय समयानुसार सुबह 7.30 बजे से वोटिंग जारी है। इस बीच बीएनपी के छात्र संगठन ने जमात-ए-इस्लामी पर अवैध वोटिंग का आरोप लगाया है। वहीं बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज़-ज़मान ने आदमजी कैंटोनमेंट कॉलेज मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। इसके बाद उन्होंने मतदाताओं से बिना किसी डर के अपना वोट डालने का आह्वान किया। इससे पहले बीएनपी लीडर तारिक रहमान ने ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल के पोलिंग बूथ पर अपना वोट डाला। उन्होंने कहा कि अगर वह सत्ता में आते हैं तो उनका मुख्य फोकस देश की सुरक्षा पर होगा। ताकि लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें। अंंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भी ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल पर स्थानीय समयानुसार सुबह 10.26 बजे वोट डाला। मगर हसीना के गृह नगर गोपाल गंज के पोलिंग बूथों पर लगभग सन्नाटा है।बांग्लादेश में दोपहर 12 बजे तक 32.88 फीसदी वोट<br>चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने बताया कि दोपहर 12:00 बजे तक 32,789 मतदान केंद्रों पर 32.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया। उन्होंने बताया कि देशभर में 42,651 केंद्रों पर मतदान जारी है और अब तक किसी भी मतदान केंद्र पर मतदान स्थगित नहीं किया गया है।हसीना के गृह नगर गोपाल गंज में विस्फोट<br>बांग्लादेश में चुनाव के दौरान बृहस्पतिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे एक बम धमाका हुआ है। इसमें 3 लोग घायल बताए जा रहे हैं। बांग्लादेश के अखबार द बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार यह ब्लास्ट गोपालगंज में मतदान केंद्र पर एक क्रूड बम के जरिया हुआ। इस विस्फोट से 3 लोग घायल गए। घटना गोपालगंज शहर में सुबह करीब 9 बजे शहर के निचुपारा इलाके में रेशमा इंटरनेशनल स्कूल मतदान केंद्र पर हुई। प्रिजाइडिंग ऑफिसर जहीरुल इस्लाम ने इसकी पुष्टि की है। घायलों में दो अंसार सदस्य-सुकांता मजुमदार और जमाल मोल्ला व 13 वर्षीय किशोरी अमेना खानम है, जो शहर के आरामबाग इलाके के निवासी आशरफ अली मिशु की बेटी है।गोपालगंज के बूथों पर सन्नाटा<br>बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के गृहनगर कहे जाने वाले गोपालगंज क्षेत्र में सुबह के दौरान पोलिंग बूथ पूरी तरह से खाली दिखाए गए। अलजजीरा ने स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बताया है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के गृह नगर गोपालगंज में बहुत कम मतदाता घर से बाहर निकल रहे हैं। सुबह के वक्त पोलिंग बूथ लगभग खाली पड़ा रहा। अवामी लीग के समर्थक भी मतदान से दूर रहते दिख रहे हैं। यह जिला टुंगीपाड़ा को शामिल करता है। यह स्थान बांग्लादेश के संस्थापक नेता और हसीना के पिता शेख मुजीबुर रहमान का जन्मस्थान और मकबरा स्थल और लंबे समय से अवामी लीग का गढ़ माना जाता रहा है। स्थानीय प्रसारक एकॉन टीवी की एक रिपोर्ट में टुंगीपाड़ा के एक मतदान केंद्र पर सुबह के समय बहुत कम मतदाता दिखाए गए। इसे “लगभग खाली” बताया गया, जहां मुश्किल से कोई आ रहा था।हसीना गोपालगंज से लड़ती थीं <br>हसीना ने बार-बार गोपालगंज-3 से चुनाव लड़ा था। इस सीट पर वह बड़े अंतर से वह जीत हासिल करती रहीं है। गोपालगंज-1, 2 और 3 में कुल मिलाकर जिले में लगभग दस लाख मतदाता हैं। मगर इस बार अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है, जिससे उसका प्रतीक “नाव” मतपत्र पर नहीं है। विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव उसके गढ़ इलाकों में भागीदारी को कम कर सकता है। अब भारत में निर्वासन में रह रही हसीना और उनके सहयोगियों ने समर्थकों से गुरुवार के मतदान का बहिष्कार करने की अपील की है। उन्होंने “No Boat, No Vote” (नाव नहीं, वोट नहीं) के तहत यह अपील जारी की है। उनका तर्क है कि अवामी लीग के बिना चुनाव “वैध नहीं माना जा सकता”। शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने भी मीडिया और सोशल मीडिया पर बार-बार कहा है कि “वोट डालने का कोई मतलब नहीं”। उन्होंने इस चुनाव को “नकली” करार दिया है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 15:23:30 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>दिल्ली में बढ़ते लापता मामलों पर हाईकोर्ट सख्त, केंद्र&amp;राज्य और पुलिस से मांगा जवाब</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/high-court-strict-on-increasing-missing-cases-in-delhi-seeks-response-from-centre-state-and-police</link>
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        <description><![CDATA[ <p>दिल्ली में बढ़ते लापता लोगों के मामलों को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) से उनका विस्तृत पक्ष मांगा है। मुख्य न्यायाधीश डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान यह भी पूछा कि क्या इसी विषय से जुड़ी कोई याचिका सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में लंबित है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों से इस बारे में स्पष्ट जानकारी देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को तय की गई है, जब संबंधित पक्ष अपनी रिपोर्ट और जवाब दाखिल करेंगे।फ्रीडम रिक्लेम्ड नाम के NGO ने दाखिल की याचिका<br>दिल्ली में बढ़ते लापता मामलों को लेकर NGO ‘फ्रीडम रिक्लेम्ड’ ने दिल्ली हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में दावा किया गया है कि राजधानी में लापता लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और स्थिति अब एक अभूतपूर्व संकट का रूप ले चुकी है। याचिका के अनुसार, साल 2026 के पहले महीने के शुरुआती 15 दिनों में ही 800 से अधिक लोग लापता दर्ज किए गए। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक है और इससे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं।<br>याचिकाकर्ता ने दिल्ली पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप<br>दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में राजधानी में बढ़ते लापता मामलों को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि जांच और रोकथाम तंत्र में कथित ढीलापन संगठित अपराध और मानव तस्करी जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है।दिल्ली पुलिस के आंकड़ों का हवाला देते हुए याचिका में बताया गया है कि साल 2016 से 15 जनवरी 2026 तक कुल 2,32,737 लोग लापता दर्ज किए गए। इनमें से 52,326 लोग अब तक नहीं मिल पाए हैं, जबकि 6,931 बच्चे अभी भी लापता हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर लंबित मामलों से यह संकेत मिलता है कि खोज और ट्रैकिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि किसी व्यक्ति के लापता होने के बाद का ‘गोल्डन ऑवर’ यानी शुरुआती महत्वपूर्ण समय अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसके अलावा, कई मामलों में FIR दर्ज करने में देरी होने की भी बात कही गई है, जिससे जांच की दिशा और परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।दिल्ली हाई कोर्ट ने उच्च स्तरीय कमेटी बनाने की भी करी मांग<br>याचिका में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने की भी मांग की गई है। प्रस्ताव है कि यह कमेटी लापता व्यक्तियों के रिकॉर्ड का अस्पतालों में भर्ती अज्ञात मरीजों के डेटा से और मुर्दाघरों में मौजूद अज्ञात शवों के रिकॉर्ड से नियमित रूप से मिलान (डेटा मैचिंग) करे, ताकि पहचान और खोज प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाया जा सके। याचिकाकर्ता का तर्क है कि समन्वित डेटा प्रणाली और नियमित ऑडिट से लंबित मामलों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है। मामला अब 18 फरवरी को फिर से सुना जाएगा, जब अदालत संबंधित पक्षों से जवाब और संभावित कार्ययोजना पर विचार करेगी।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 15:01:48 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>असम में AI वीडियो पर बवाल, बीजेपी ने सोशल मीडिया टीम सदस्य को पद से हटाया</title>
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        <description><![CDATA[ <p>भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की असम इकाई ने अपनी सोशल मीडिया टीम के एक सह-संयोजक के खिलाफ कार्रवाई की है. उन्हें पद से हटा दिया गया है. दरअसल, सोशल मीडिया टीम के इस सदस्य ने सीएम हिमंता का एक वीडियो शेयर किया था, जिसके कारण काफी विवाद हो गया था. इस वीडियो को बाद में हटा दिया गया था. वीडियो में सीएम हिमंता को कथित तौर पर राइफल से निशाना साधते और दो लोगों पर गोली चलाते हुए दिखाया गया था. उनमें से एक ने टोपी पहन रखी थी और दूसरे की दाढ़ी थी. वीडियो के साथ कैप्शन में प्वाइंट ब्लैंक शॉट लिखा था.AI की मदद से बनाए गए इस वीडियो को बीजेपी की प्रदेश इकाई के आधिकारिक एक्स हैंडल पर शनिवार शाम को अपलोड किया गया था लेकिन राजनीतिक विरोध के बाद इसे हटा दिया गया. वरिष्ठ नेता ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, यह वीडियो उचित जांच-पड़ताल के बिना एवं अनधिकृत तरीके से अपलोड किया गया था. संबंधित व्यक्ति को सोशल मीडिया टीम के सह-संयोजक पद से हटा दिया गया है.बीजेपी नेता ने क्या कहा?<br>पद से हटाए गए सोशल मीडिया सह-संयोजक की पहचान रॉन विकास गौरव के रूप में हुई है. वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा, केवल कुछ लोगों को ही बीजेपी के सोशल मीडिया हैंडल के लिए पोस्ट करने और प्रचार सामग्री अपलोड करने का अधिकार है. वे पार्टी के कार्यक्रम साझा करने या हमारे नेताओं के भाषण अपलोड करने के लिए अपने स्तर पर आम तौर पर ऐसा कर सकते हैं लेकिन संवेदनशील विषयों के लिए उन्हें सोशल मीडिया प्रभारी या पार्टी अध्यक्ष या (अगर मामला मुख्यमंत्री से जुड़ा हो तो) मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमति लेनी होती है.<br>रंजीब कुमार शर्मा इस समय बीजेपी की प्रदेश इकाई की सोशल मीडिया टीम का नेतृत्व कर रहे हैं और गौरव को हटाए जाने से पहले उनकी टीम में चार सह-संयोजक थे.पुलिस में शिकायत दर्ज<br>मुख्यमंत्री ने बुधवार को कहा था कि पुलिस ने वीडियो को लेकर कांग्रेस नेताओं की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है. उन्होंने बताया कि बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने भी इसी मामले पर पुलिस में अलग से शिकायत दर्ज कराई है. सीएम ने सोमवार को दावा किया था कि उन्हें वीडियो की जानकारी नहीं थी जबकि कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर अपने वीडियो के जरिए मुसलमानों के खिलाफ नरसंहार उकसाने का आरोप लगाया था और पुलिस से इस मामले में स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया था.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 14:52:37 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>दिल्ली में रेखा सरकार के 365 दिन: कर्ज चुकाने से विकास योजनाओं तक का लेखा&amp;जोखा</title>
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        <description><![CDATA[ <p>दिल्ली में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार 20 फरवरी को अपना पहला वर्ष पूरा करने जा रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी सरकार के एक साल के कार्यकाल का लेखा-जोखा पेश किया और उपलब्धियों के साथ-साथ चुनौतियों पर भी खुलकर बात की।महिलाओं को कब मिलेंगे 2500 रुपये?<br>चुनाव के दौरान किया गया वादा मुख्यमंत्री महिला समृद्धि योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने का अब क्रियान्वयन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि फिलहाल योजना की पात्रता (एलिजिबिलिटी) के नियम तय किए जा रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि योजना का लाभ केवल राशन कार्ड धारकों तक सीमित न रहे, बल्कि उन सभी महिलाओं तक पहुंचे जिन्हें वास्तव में आर्थिक सहायता की जरूरत है।केजरीवाल के ‘शीशमहल‘ का क्या होगा?<br>पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास, जिसे बीजेपी ‘शीशमहल’ कहती है, को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रतिक्रिया दी है। सीएम ने कहा कि उस आवास के निर्माण और नवीनीकरण में “भ्रष्टाचार की कई अति” हुई हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि उस इमारत के साथ आगे क्या किया जाएगा। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेना अभी बाकी है और सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद ही कोई कदम उठाया जाएगा।</p>
<p>1 साल का रिपोर्ट कार्ड: कर्ज चुकाने में गया समय</p>
<p>दिल्ली सरकार के एक साल पूरे होने से पहले मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बीता वर्ष मुख्य रूप से विरासत में मिले कुप्रबंधन को सुधारने और वित्तीय दायित्वों को संभालने में लगा। उनके अनुसार, सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को दुरुस्त करने और लंबित देनदारियों को निपटाने पर प्राथमिकता दी।</p>
<p> स्वास्थ्य क्षेत्र में पहल</p>
<p>सीएम के मुताबिक, सरकार ने अब तक 7 लाख से अधिक आयुष्मान भारत और वय वंदना कार्ड जारी किए हैं। इन योजनाओं के तहत 45.38 करोड़ रुपये का लाभ लाभार्थियों को दिया गया है, जिससे स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने का दावा किया गया। अटल कैंटीन योजना<br>गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए अटल कैंटीन में 5 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में करीब 50 हजार लोग इसका लाभ ले रहे हैं, जबकि सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 1 लाख लाभार्थियों तक पहुंचाना है।</p>
<p>परिवहन में इलेक्ट्रिक बसों का विस्तार</p>
<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में अब 4,200 इलेक्ट्रिक बसें संचालित हो रही हैं, जो संख्या के लिहाज से देश में सबसे ज्यादा हैं। सरकार का कहना है कि इससे प्रदूषण नियंत्रण और हरित परिवहन को बढ़ावा मिला है। सीएम ने कहा कि सरकार आने वाले समय में भी स्वास्थ्य, पोषण और पर्यावरण अनुकूल परिवहन जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देती रहेगी।यमुना सफाई को लेकर क्या कहा?<br>मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि अगले तीन सालों में यमुना नदी को साफ किया जाएगा। इसके लिए शहर में 35 डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं। साथ ही, दिल्ली में पहला बायोगैस प्लांट लगाया गया है, ताकि गाय का गोबर सीधे नदी में न जाए और प्रदूषण कम हो। सीएम ने यह भी बताया कि आगामी वर्ष नीतियों को लागू करने का होगा, जिसमें दो प्रमुख पहलें शामिल हैं. नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी, नई एक्साइज पॉलिसी इन नीतियों का उद्देश्य पर्यावरणीय सुधार, स्वच्छता और स्थायी विकास को बढ़ावा देना है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 14:42:58 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>उम्रकैद काट रही महिला बंदी ने वाहन में दिया बच्ची को जन्म, न्यायिक जांच शुरू</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/woman-prisoner-serving-life-sentence-gives-birth-to-baby-girl-in-vehicle-judicial-inquiry-begins</link>
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        <description><![CDATA[ <p>मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम के केंद्रीय जेल में एक महिला बंदी की प्रीमेच्योर डिलीवरी हुई। महिला ने जेल वाहन में ही अस्पताल लाते समय नवजात को जन्म दे दिया था, लेकिन 10 घंटे बाद उस बच्ची की मौत हो गई। मौत के बाद तहसीलदार सरिता मालवीय की मौजूदगी में नवजात शिशु के शव का पोस्टमार्टम किया गया एवं न्यायिक जांच की जा रही है। <br>बता दें कि महिला नर्मदापुरम के केंद्रीय जेल में हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रही थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला बंदी और उसका पति दोनों 16 अगस्त 2017 से हत्या के अपराध में उम्रकैद की सजा काट रहे है। शाहगंज जिला सीहोर के रहने वाले है। प्रहलाद सिंह उपजेल अधीक्षक ने बताया 2017 से दोनों पति पत्नी जेल खंड ब में रह रहे। पिछले 4 साल से दोनों पैरोल का लाभ ले रहे है। 6 अगस्त से 21 अगस्त 2025 तक दोनों पति पत्नी पैरोल पर जेल से बाहर गए थे। बीच में महिला बंदी गर्भवती हुई। नियम अनुसार उसकी जांच हर माह कराई गई। टारगेट सोनोग्राफी में महिला का नवजात शिशु में मानसिक विकृति पाई गई थी। राज्य स्तरीय मेडिकल बोर्ड ने डिलीवरी कराने की अनुमति दी। जिसके बाद उसे एक सप्ताह पहले ही भोपाल से नर्मदापुरम जेल लाया गया।  <br>मंगलवार सुबह महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। जेल से उसे अस्पताल लाने के लिए गाड़ी में बैठाया। इसी बीच उसने गाड़ी में नवजात लड़की को जन्म दिया। बाद में गर्भवती मां और शिशु दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया था। देर शाम को शिशु ने दम तोड़ दिया। नियमानुसार नवजात जेल की अभिरक्षा में था। ऐसे में न्यायिक जांच और शिशु के शव का पोस्टमार्टम कराना जरूरी होता है। तहसीलदार सरिता मालवीय ने बताया मामला जेल से जुड़ा है। जिसमें न्यायिक जांच होती है। कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम किया। मेरे समक्ष शव का पोस्टमार्टम हुआ है। मामले की विवेचना जारी है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 14:30:53 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>कनाडा के स्कूल में फायरिंग, हमलावर समेत 10 की मौत, 25 घायल</title>
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        <description><![CDATA[ <p>कनाडा के टंबलर रिज कस्बे में मंगलवार को एक सेकेंडरी स्कूल में हुई फायरिंग की घटना में संदिग्ध हमलावर समेत कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हो गए. पुलिस ने बताया कि फिलहाल पीड़ितों की पहचान, हमले की वजह और पूरी घटना के हालात को लेकर जानकारी साझा नहीं की गई है. पुलिस के अनुसार संदिग्ध हमलावर भी मृत मिला है और शुरुआती तौर पर यह खुद को पहुंचाई गई चोट का मामला लग रहा है. जांचकर्ता यह भी देख रहे हैं कि क्या इस वारदात में कोई दूसरा संदिग्ध भी शामिल था पुलिस के अनुसार, संदिग्ध को छोड़कर स्कूल के अंदर छह और लोगों के शव मिले हैं. दो घायलों को गंभीर या जानलेवा हालत में एयरलिफ्ट कर अस्पताल भेजा गया, जबकि एक अन्य घायल ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया.कनाडा के टंबलर रिज कस्बे में एक सेकेंडरी स्कूल में हुई फायरिंग ने पूरे इलाके को दहला दिया. पुलिस के मुताबिक, 10 फरवरी को दोपहर करीब 1:20 बजे टंबलर रिज आरसीएमपी को टंबलर रिज सेकेंडरी स्कूल में एक्टिव शूटर होने की सूचना मिली.<br>इसके बाद पुलिस ने पब्लिक अलर्ट जारी किया और टीमें मौके पर पहुंचीं. पुलिस ने एक बयान में कहा कि जैसे ही सूचना मिली, तुरंत कार्रवाई की गई. लोगों से कहा गया कि वे घर के अंदर रहें और इलाके से दूर रहें. पुलिस ने कहा, ‘टंबलर रिज इलाके में रहने वाले लोग घर के अंदर रहें, दरवाजे बंद रखें और फिलहाल बाहर न निकलें. बाकी सभी लोग इस इलाके से दूर रहें और पुलिस के निर्देशों का पालन करें.’स्थानीय नेताओं ने कहा कि वे हालात पर नजर रखे हुए हैं और प्रांतीय सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. पीस रिवर साउथ के विधायक लैरी न्यूफेल्ड ने कहा कि वे विक्टोरिया से तुरंत लौट रहे हैं ताकि अपने इलाके के लोगों का साथ दे सकें. घटना के बाद आसपास के इलाकों से भी अतिरिक्त पुलिस बल को मदद के लिए भेजा गया है, ताकि हालात को संभाला जा सके.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 17:00:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>‘देश संविधान से चलेगा’ – UCC और वंदे मातरम पर डॉ. सलीम राज का बड़ा बयान</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/the-country-will-be-governed-by-the-constitution-dr-salim-rajs-big-statement-on-ucc-and-vande-mataram</link>
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        <description><![CDATA[ <p>एक देश, एक विधान, एक संविधान के लिए लाए जा रहे यूनिफॉर्म सिविल कोड का वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज ने समर्थन किया है. भाजपा के द्वारा लाए जा रहे यूनिफॉर्म सिविल कोड के लिए वक्फ बोर्ड अध्यक्ष डॉक्टर सलीम राज ने कहा है कि एक देश के लिए एक संविधान,एक कानून का पालन होना चाहिए. डॉ सलीम राज के बयान का भाजपा ने समर्थन किया. वहीं कांग्रेस ने इस पर हल्ला बोलते हुए कहा कि डॉक्टर सलीम राज का मुसलमानों में कोई जनाधार नहीं हैं. सिर्फ भाजपा नेता होने के नाते वे वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष हैं. संसद को ही यह तय करने का अधिकार है कि यूसीसी की जरूरत हैं या नहीं.संविधान से चलेगा देश : डॉ. सलीम<br>डॉक्टर सलीम राज ने कहा कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष होने के नाते मैं कहना चाहूंगा कि पूरे देश में एक संविधान एक कानून का पालन होना चाहिए. यह देश मुस्लिम रीति रिवाज से या ईसाई रीति रिवाज से नहीं चलेगा. यह देश संविधान से चलेगा. जाति धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, पर कानून एक होना चाहिए. दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए. सनातनियों को एक कानून का लाभ मिलता है. वही मुसलमानों को दो कानून का. मुस्लिमों के हिसाब से देश नहीं चलना चाहिए. कानून के हिसाब से चलना चाहिए. यूसीसी देश में तत्काल लागू होना चाहिए.<br>अकबर या बाबर नहीं यह राम राज्य का शासन : वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष <br>वहीं वंदे मातरम गीत को 65 सेकंड से बढ़ाकर तीन मिनट दस सेकेंड करने और गान के दौरान खड़े होने के केंद्र सरकार के फैसले का भी डॉक्टर सलीम राज ने समर्थन किया है. डॉक्टर सलीम राज ने कहा कि यह मुगल राज, अकबर या बाबर का शासन नहीं है. यह राम राज्य का शासन है. वंदे मातरम राष्ट्र गीत है. इसके लिए सरकार ने जो भी फैसला लिया है वह स्वागत योग्य है.<br>कांग्रेस का निशाना, कहा- मुस्लिमों में डॉ. सलीम का कोई जनाधार नहीं<br>डॉक्टर सलीम राज का बयान सामने आते ही कांग्रेस ने इस पर हमला बोला हैं. कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर बयानबाजी कर रहें हैं. मुस्लिमों में डॉक्टर सलीम राज का कोई जनाधार नहीं हैं. वे केवल भाजपा नेता होने के चलते वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष बने हैं और मुझे नहीं लगता कि वक्फ बोर्ड सारे मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व करते हैं. मुस्लिम समाज में उनकी कोई पकड़ नहीं है. अपनी राजनीति चमकाने के लिए डॉक्टर सलीम राज इस तरह का बयान देते हैं. मुस्लिम लॉ की आवश्यकता है या नहीं यह अधिकार उन्हें नहीं है. इसकी समीक्षा और रिव्यू करने का अधिकार संसद को है.<br>भाजपा ने बताया डॉ. सलीम को सक्षम<br>वहीं वक्फ़ बोर्ड अध्यक्ष डॉक्टर सलीम राज के बयान का भाजपा ने समर्थन किया है. भाजपा के मुख्य प्रवक्ता राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे ने कहा कि डॉक्टर सलीम राज ने सही कहा है, वक्फ बोर्ड का अध्यक्ष होने के नाते वह खुद सक्षम हैं.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 16:19:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>SA vs AFG: डबल सुपर ओवर तक पहुंचा रोमांचक मुकाबला, साउथ अफ्रीका ने 4 रन से जीता</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/sa-vs-afg-exciting-match-reaches-double-super-over-south-africa-wins-by-4-runs</link>
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        <description><![CDATA[ <p>SA vs AFG T20 WC 2026: टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप डी के मुकाबले में आज क्रिकेट प्रेमियों ने क्रिकेट का सबसे रोमांचक रूप देखा। अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच मुकाबला टाई होने के बाद सुपर ओवर और डबल सुपर ओवर तक पहुंच गया। अंततः साउथ अफ्रीका ने अफगानिस्तान को 4 रन से हराकर यह मुकाबला अपने नाम किया।<br>अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया यह मुकाबला शुरुआत से ही रोमांचक रहा। टॉस जीतकर अफगानिस्तान ने पहले बॉलिंग करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए साउथ अफ्रीका ने 20 ओवर में 6 विकेट पर 187 रन बनाए। रायन रिकेल्टन (61) और क्विंटन डी कॉक (59) ने अर्धशतक जड़ा, जबकि डेविड मिलर 20 रन बनाकर नाबाद रहे। अफगानिस्तान की गेंदबाजी में अजमतुल्लाह उमरजई (3 विकेट) और राशिद खान (2 विकेट) ने शानदार प्रदर्शन किया।<br>188 रन का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उनके बल्लेबाजों ने लगातार विकेट गंवाने के बावजूद आखिरी गेंद तक स्कोर को 187 रन पर रोक दिया। अफगानिस्तान के लिए यह मैच अंतिम ओवर तक बेहद रोमांचक रहा। टीम को जीत के लिए आखिरी 3 बॉल पर केवल 2 रन की जरूरत थी, लेकिन चौथी गेंद पर फजलहक फारूकी रनआउट हो गए। इसी के साथ मैच ड्रॉ घोषित किया गया।<br>दक्षिण अफ्रीका की गेंदबाजी में लुंगी नीडी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि कगिसो रबाडा, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे और केशव महाराज को 1-1 सफलता मिली। इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने अपने गेंदबाजों के प्रदर्शन की मदद से अफगानिस्तान की बल्लेबाजी को दबाव में रखा और मैच को रोमांचक परिस्थितियों में पहुंचाय<br>पहले सुपर ओवर का रोमांच:<br>मैच टाई होने के बाद सुपर ओवर में पहले अफगानिस्तान बल्लेबाजी करने उतरी। रहमनुल्लाह गुरबाज और अजमतुल्लाह ओमरजई ने आक्रामक खेल दिखाया। ओमरजई ने चौके-छक्कों की मदद से 17 रन बनाए, जिससे साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 18 रन चाहिए थे।<br>साउथ अफ्रीका की बल्लेबाजी में डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने आक्रामक शुरुआत की। ब्रेविस और स्टब्स की मदद से टीम ने आखिरी गेंद पर स्कोर बराबर किया, जिससे मैच डबल सुपर ओवर में चला गया।<br>दूसरे सुपर ओवर का रोमांच:<br>डबल सुपर ओवर में साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी की। डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने पहले गेंदों में रन बनाए और अंतिम गेंद पर छक्कों की मदद से 23 रन का स्कोर खड़ा किया।<br>इसके बाद अफगानिस्तान की बल्लेबाजी हुई। मोहम्मद नबी और अजमतुल्लाह ओमरजई बल्लेबाजी के लिए आए। ओमरजई ने तीन छक्के लगाए, लेकिन आखिरी गेंद पर आउट हो गए। अफगानिस्तान ने डबल सुपर ओवर में 19 रन बनाए, जो जीत के लिए पर्याप्त नहीं था। इस तरह यह रोमांचक मुकाबला साउथ अफ्रीका ने 4 रन से अपने नाम कर लिया।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 16:07:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>मध्य प्रदेश पर बढ़ता कर्ज, कमलनाथ का मोहन सरकार पर बड़ा हमला</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/up-budget-2026-27-rs-37956-crore-to-health-sector-a-129-increase-62</link>
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        <description><![CDATA[ <p>  भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र से ठीक पहले मोहन सरकार ने बाजार से 5 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज उठा लिया है। यह पिछले एक सप्ताह में लिया गया दूसरा बड़ा कर्ज है। इससे पहले 4 फरवरी को सरकार 5300 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी थी। प्रदेश में लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावर हो गई है। पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर मोहन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि भाजपा राज्य को कर्ज के बोझ में डुबो रही है।  <br>कमलनाथ X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि भारतीय रिज़र्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर 5, लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है और मध्य प्रदेश के ऊपर देश के कुल कर्ज़ का 5% हिस्सा हो गया है। भाजपा की सरकार ने कितनी तेज़ी से मध्य प्रदेश को कर्ज़ के दलदल में डुबाया है, इस बात का अंदाज़ा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि 2007 में मध्यप्रदेश के ऊपर 52, हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ था जो क़रीब दस गुना बढ़कर 5,00,000 करोड़ की सीमा को पार कर गया है।<br> भाजपा सरकार अपनी फ़िज़ूलख़र्ची और इवेंट बाज़ी पर सरकारी ख़ज़ाने को लुटा रही है। आम जनता कभी कफ सीरप में ज़हर, तो कभी विषाक्त जल पीने से बेमौत मारी जा रही है और सरकारी ख़ज़ाना बुनियादी ज़रूरतों की पूर्ति की जगह भ्रष्टाचार पर ख़र्च किया जा रहा है। मैंने पहले भी आगाह किया है और एक बार फिर दोहराता हूँ कि मध्य प्रदेश सरकार को अपनी राजकोषीय स्थिति के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए और जनहित में इसमें सुधार करने की ज़रूरत है</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 15:38:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>यूपी बजट 2026&amp;27: स्वास्थ्य क्षेत्र को 37,956 करोड़, 12.9% की बढ़ोतरी</title>
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        <description><![CDATA[ <p>उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बुधवार को विधानसभा में अपना दसवां बजट प्रस्तुत किया। बजट सत्र के तीसरे दिन वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696 करोड़ 35 लाख का बजट पेश किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत अधिक है। सुबह 11 बजे विधानसभा में प्रस्तुत यह बजट योगी सरकार 2.0 का अंतिम पूर्ण बजट है।<br>सरकार का दावा है कि इस बजट में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इन मदों के लिए 37,956 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 15:23:35 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में बजेगा ‘वंदे मातरम’</title>
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        <description><![CDATA[ <p>केंद्र सरकार ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने आदेश में कहा है कि अब सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों या अन्य औपचारिक आयोजनों में ‘वंदे मातरम’ बजाया जाएगा। इस दौरान हर व्यक्ति का खड़ा होना अनिवार्य होगा। यह आदेश 28 जनवरी को जारी हुआ, लेकिन मीडिया में इसकी जानकारी 11 फरवरी को आई।<br>न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, आदेश में साफ लिखा है कि अगर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ साथ में गाए या बजाए जाएं, तो पहले वंदे मातरम गाया जाएगा। इस दौरान गाने या सुनने वालों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा।<br>आदेश के मुताबिक सभी स्कूलों में दिन की शुरुआत राष्ट्रगीत बजाने के बाद ही होगी। नए नियमों के अनुसार, राष्ट्रगीत के सभी 6 अंतरे गाए जाएंगे, जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकेंड है। अब तक मूल गीत के पहले दो अंतरे ही गाए जाते थे।<br>हालांकि, आदेश में यह भी कहा गया है किन-किन मौकों पर राष्ट्रगीत गाया जा सकता है, इसकी पूरी लिस्ट देना संभव नहीं है। यह पहली बार है जब राष्ट्रगीत के गायन को लेकर डिटेल में प्रोटोकॉल जारी किए गए हैं। केंद्र इस समय वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम मना रहा है।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 15:10:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>“सोना क्यों रहेगा मजबूत? नई गोल्ड रिपोर्ट में बड़ा खुलासा”</title>
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        <description><![CDATA[ <p>अभी रुकेगा नहीं सोना... ये हैं बड़े कारण, चीन से भी कनेक्शन<br> सोने की कीमतों में बीते कुछ दिनों में भले ही तगड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, लेकिन लॉन्गटर्म में इसे लेकर सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है, इसके पीछे एक्सपर्ट China Connection भी बता रहे हैं.<br>सोना-चांदी की कीमतों में क्रैश (Gold-Silver Price Crash) के बाद अचानक तेज उछाल देखने को मिला था और बीते कारोबारी दिन मंगलवार को ये फिर से फिसल गईं. इस उतार-चढ़ाव के बीच निवेशक ये सोचने में लगे हुए हैं कि क्या Gold-Silver Rate में आगे उछाल आएगा या फिर ये और टूट सकते हैं. इसे लेकर एक नई रिपोर्ट आई है, जिसमें आने वाले दिनों में खासतौर पर सोने की चाल को लेकर अनुमान जाहिर किया गया है और गोल्ड प्राइस आगे भी मजबूत होने की बात कही गई है. इसके साथ ही इसमें तेजी के पीछे का बड़ा चीन कनेक्शन (China Connection Of Gold Rate) भी बताया गया <br>Gold Rates में बीते साल की तेजी 2026 के पहले महीने जनवरी के आखिर तक देखने को मिली थी. बीते 29 जनवरी को ही एमसीएक्स पर जहां सोना (MCX Gold Rate) 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के शिखर पर पहुंच गया था, तो वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमत पहली बार 5000 डॉलर प्रति औंस को पार कर गई थी. हालांकि, इस साल की शुरुआती तेजी के बाद आई तेज गिरावट के बावजूद एक्सपर्ट सोने की कीमतों को अच्छा समर्थन मिलने की उम्मीद जता रहे हैं. <br>जियोजित इन्वेस्टमेंट्स की 10 फरवरी को जारी नई गोल्ड रिपोर्ट (Gold Report) को देखें, तो जनवरी में आई जबर्दस्त अस्थिरता के कारण सोने की लगभग आधी बढ़त खत्म हो गई, लेकिन इसके बावजूद Gold Price 5,000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक रूप से महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर स्थिर हो गई है. जनवरी में लंदन स्पॉट मार्केट में गोल्ड रेट रिकॉर्ड 5,594 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गए थे, लेकिन महीने के अंत में भारी बिकवाली भी देखने को मिली. कीमतों में गिरावट में अहम रोज भू-राजनीतिक तनाव में आई कमी ने निभाया. इस गिरावट के बाद भी LBMA और COMEX दोनों बाजारों में कीमतें 5,000 डॉलर से ऊपर बनी हुई हैं और मासिक आधार पर 10% से अधिक की वृद्धि दर्ज कर रही हैं, जो मजबूत डिमांड की ओर इशारा करती है.</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 13:54:49 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>“ऑनलाइन गेमिंग का खतरनाक सच: दिमाग और मेंटल हेल्थ पर बड़ा असर”</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/the-dangerous-truth-about-online-gaming-the-major-impact-on-the-brain-and-mental-health</link>
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        <description><![CDATA[ <p>नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के हवाले से बताया है कि ऑनलाइन गेम्स से दिमाग पर क्या असर पड़ता है. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गेमिंग रिवॉर्ड ... असल में ब्रेन के सिस्टम को प्रभावित करते हैं. कई केस में गेम में हारने पर या फिर पेरेंट्स के द्वारा स्मार्टफोन छीनने की वजह से युवा खुद को चोट पहुंचा ...  लेते हैं. स्मार्टफोन के लिए ढेरों गेमिंग ऐप है, जिनमें से कुछ तो पॉपुलैरिटी के शिखर पर है. स्मार्टफोन गेमिंग से मेंटल हेल्थ पर क्या असर पड़ता है,  दरअसल, गृह मंत्रालय की नोडल एजेसी I4C  बताया है कि ऑनलाइन गेमिंग सिर्फ एंटरटेनमेंट तक सीमत नहीं है बल्कि यह कई केस में मेंटल हेल्थ रिस्क भी बन चुकी है. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट में कहा है कि ऑनलाइन गेम्स से दिमाग पर क्या असर पड़ता है.  रिपोर्ट में बताया है कि गेमिंग रिवॉर्ड ब्रेन के सिस्टम को प्रभावित करता है. कई केस में गेम में हारने पर या फिर पेरेंट्स के द्वारा स्मार्टफोन छीनने की वजह से युवाओं ने खुद को चोट पहुंचाई. यहां तक कई युवाओं ने अपनी जान तक दे डाली </p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 13:22:41 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>“महाशिवरात्रि 2026: महाकाल में उमड़ेगा जनसैलाब, पुलिस ने कसी कमर</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/mahashivratri-2026-crowds-will-gather-at-mahakal-police-gear-up</link>
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        <description><![CDATA[ <p> महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसको देखते हुए पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में जुटी है। सोमवार को एडीजी राकेश गुप्ता ने पुलिस अधिकारियों की बैठक ली।इस वर्ष 1500 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। ड्रोन कैमरे से भी भीड़ पर नजर रखी जाएगी।<br>कसरत करने वाले युवाओं की भी सेवाएं ली जाएंगी<br>नगर व ग्राम रक्षा समिति के सदस्यों के अलावा जिम में कसरत करने वाले युवाओं की भी सेवाएं ली जाएंगी। प्रशासन ने 40 मिनट में श्रद्धालुओं को दर्शन करवाने का लक्ष्य रखा है। तैयारियों को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम पर आयोजित बैठक में एडीजी राकेश गुप्ता, डीआइजी नवनीत भसीन, एसपी प्रदीप शर्मा, एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर, आलोक शर्मा व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 12:56:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>“विकास की नई उड़ान: मोहन सरकार पेश करेगी रिकॉर्ड तोड़ बजट”</title>
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        <description><![CDATA[ <p>बजट प्रदे मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने की तैयारी में जुट गई है। सूत्रों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट 4.70 लाख करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान है। यह पिछले वित्त वर्ष के 4.21 लाख करोड़ रुपये के बजट से करीब 12 प्रतिशत अधिक होगा।<br>बजट 18 फरवरी को विधानसभा में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा पेश किया जाएगा। इससे पहले मोहन कैबिनेट की बैठक में बजट का प्रेजेंटेशन दिया गया, जिसमें विकास योजनाओं पर जोर दिया गया। सरकार इस बार राजकोषीय घाटा को कम करने पर विशेष फोकस कर रही है, ताकि राज्य की वित्तीय सेहत मजबूत बनी रहे। साथ ही, कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) में बढ़ोतरी की संभावना है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाएगी।<br> सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: एमपी एजी ऑफिस में अब दिखेगा ‘सामाजिक न्याय’, सरकारी वकील पैनलों में नजर आएगी नई तस्वीर<br>विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है, जिसमें बजट पेश करने के अलावा अन्य महत्वपूर्ण विधेयक और चर्चाएं होंगी।यह बजट मोहन सरकार का तीसरा प्रमुख बजट होगा, जिसमें किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार और ग्रामीण विकास पर खास ध्यान दिए जाने की उम्मीद है। राज्य सरकार का दावा है कि यह श को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।</p> ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 12:34:52 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>बांग्लादेश में चुनावी संग्राम, भारत&amp;विरोधी राजनीति खुलकर सामने</title>
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        <description><![CDATA[  ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 17:10:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>मैग्नीशियम की कमी के लक्षण और इसका सबसे असरदार समाधान</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/symptoms-of-magnesium-deficiency-and-its-most-effective-solution</link>
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        <description><![CDATA[  ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:45:21 +0530</pubDate>
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        <title>भारत&amp;अमेरिका ट्रेड डील में बड़ा फैसला, भारतीय कारोबार को राहत</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/lunar-eclipse-on-march-3-2026-special-yoga-for-moksha-snan-on-holika-dahan-53</link>
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        <description><![CDATA[  ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:12:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>3 मार्च 2026 को चंद्रग्रहण: होलिका दहन पर मोक्ष स्नान का विशेष योग</title>
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        <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 16:07:35 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>टी20 वर्ल्ड कप में भारत&amp;पाक मैच कन्फर्म, पाकिस्तान सरकार ने दी मंजूरी</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/india-pakistan-match-confirmed-in-t20-world-cup-pakistan-government-gives-approval</link>
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        <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:29:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>लोकसभा में हंगामा, बजट चर्चा बाधित</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/uproar-in-lok-sabha-budget-discussion-disrupted</link>
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        <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:08:02 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Bharat Mata Times</dc:creator>
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        <title>लोकतंत्र पर सवाल? लोकसभा स्पीकर के खिलाफ विपक्ष का बड़ा कदम</title>
        <link>https://bharatmatatimes.com/questioning-democracy-opposition-takes-major-action-against-lok-sabha-speaker</link>
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        <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 13:41:02 +0530</pubDate>
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